जिन रास्तों पर पिछले साल सन्नाटा था, वहां जनजीवन सामान्य है लेकिन कोरोना का खौफ पिछले साल जैसा नहीं है। भिंड में पहला पॉजिटिव मरीज 8 मई को मिला था। इसके बाद लगातार कोरोना मरीज सामने आए। वहीं सितंबर में कोरोना का विस्फोट हुआ, औसतन हर रोज जिले में 11 नए मरीज मिले। जुलाई में कोरोना से पहली मौत हुई। एक साल में ऐसा रहा कोरोना का ग्राफ...
कभी न आएं वो दिन: लगातार 68 दिन घरों में बंद रहे लोग, इतने कम समय में धारा 144 के 20 आदेश निकले
पहली तस्वीर: यह भिंड का मुख्य चौराहा इंदिरा गांधी चौराहे का है,, जहां लॉकडाउन के दौरान (25 मार्च 2020) सन्नाटा था।
- 22 मार्च: को जनता कर्फ्यू के बाद 23 मार्च को कलेक्टर ने जिले में दो दिन के लिए कर्फ्यू घोषित कर दिया। इस आदेश के खत्म होने से पहले 25 मार्च से सरकार ने लाॅक डाउन घोषित कर दिया।
- 25 मार्च : कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी से लोगों को बचाने के लिए 25 मार्च 2020 को हुए लॉकडाउन के बाद जिले के सभी स्कूल, कॉलेज भी बंद हो गए। वहीं यह भवन विद्या के मंदिर से तब्दील होकर अस्पताल बन गए।
दूसरी तस्वीर: इंदिरागांधी चौराहे की उसी एंगल की ड्रोन कैमरे से ली गई यह फोटो (25 मार्च 2021) की है। यहां रौनक लौट आई हैं।
- 1 जून: केंद्र सरकार ने अनलॉक 1.0 की शुरुआत की। इसका दूसरा फेज 8 जून से शुरू हुआ। 8 जून से देश में सभी धार्मिक स्थल, रेस्तरां और मॉल खुल गए।
- 8 जून: मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थल भी खोले गए। सोशल डिस्टेंस जरूरी रहा। बड़े आयोजन पर प्रतिबंध रहा।
- 25 जुलाई: कॉलेजों में 50% क्षमता के साथ कक्षाएं शुरू।
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