- चुनावों की तारीख का 15 मार्च तक हो सकता है ऐलान,
- राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कलेक्टरों से इलेक्शन मोड में रहने को कहा
राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 407 में से 344 नगरीय निकायों के चुनाव कराने की तैयारी कर ली है। यह माना जा रहा है कि 30 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी। नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह ने कलेक्टरों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कलेक्टरों से इलेक्शन मोड में रहने को कहा है।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव में किसी तरह की कोई गलती नहीं होना चाहिए। यह पहला मौका है जब आयोग ने कलेक्टरों को चुनाव तैयारियों को लेकर स्पष्ट तौर पर निर्देश जारी किए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की चुनाव तैयारियों से स्पष्ट है कि अगले सप्ताह यानी 15 मार्च तक नगर सरकार के चुनावों की तारीख का ऐलान हो सकता है। प्रदेश में दसवी और बारहवीं की बोर्ड परिक्षाएं 30 अप्रैल से 18 मई तक होना है। आयोग की मंशा है कि इसके पहले चुनाव प्रक्रिया संपन्न करा ली जाए। क्योंकि नगरीय निकायों के बाद पंचायतों के चुनाव भी कराए जाना है, जिनके बोर्ड परीक्षाओं के बाद होने के आसार हैं।
पुलिस बल
नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर अब आयोग की पुलिस बल की उपलब्धता को लेकर गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से चर्चा होना है। अगले दो से तीन में आयोग राजनीतिक दलों से भी इस बारे में चर्चा हो सकती है। इसके बाद आयोग चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता है।
विधानसभा सत्र
नगरीय निकाय चुनावों की तारीखों के एलान में विधानसभा सत्र आड़े नहीं आएगा। अभी विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। इस बीच आयोग नगर सरकार के चुनावों का एलान कर सकता है। इसमें सत्र आड़े नहीं आएगा।
5 राज्यों के चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग की निकाय चुनाव कराए जाने के लिए अलग से ईवीएम की व्यवस्था है। इसके साथ ही टेक्निकल स्टाफ भी है। इसलिए पांच राज्यों के चुनाव से नगरीय निकाय चुनावों का कोई लेना-देना नहीं है। सिर्फ दमोह उपचुनाव की तारीखों पर जरूर आयोग की नजर है।
कलेक्टरों को निर्देश– ये सभी तैयारी पूरी कर लें
- कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदी की जाए। जिलों में इस सामग्री की सप्लाई हेल्थ कार्पोरेशन करेगा।
- निर्वाचन के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों का 24 घंटे में निराकरण कर आयोग को सूचित करें। इसके लिए अलग से सेल गठित की जाए तथा जांच दल भी गठित हो।
- मतदान प्रशिक्षण के लिए डेढ़ गुना और वोटिंग के लिए 120 प्रतिशत अधिकारी कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए।
- कलेक्टर और उप निर्वाचन पदाधिकारी सोशल मीडिया पर भेजे जाने वाले मैसेज रोजाना जरूर देखें।
- इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के रेण्डमाइजेशन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
- नगरीय निकाय चुनाव के लिए रिटर्निंग आफिसर की नियुक्ति कर ली जाए।
- उम्मीदवारों से नामांकन प्राप्त करने के लिए स्थान का चयन कर लें।
- सीसीटीवी और वीडियो कैमरे की व्यवस्था।
- मतदान के लिए साॅफ्टवेयर में ऋुटिरहित एंट्री।
- जिला स्तर पर खरीदी जाने वाली सामग्री की खरीदी तुरंत की जाए।
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