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शनिवार, 6 मार्च 2021

वैक्सीनेशन में सुस्ती:100 लोगों को टीका लगाने का टारगेट, पहुंच रहे 200 से ज्यादा, सेंटर सिर्फ 10, आधों को लौटना पड़ रहा

वैक्सीनेशन में सुस्ती:100 लोगों को टीका लगाने का टारगेट, पहुंच रहे 200 से ज्यादा, सेंटर सिर्फ 10, आधों को लौटना पड़ रहा


कोरोना को हराने के लिए यानी वैक्सीन लगवाने के लिए उम्रदराज लोग तो सामने आ रहे हैं, वे बड़ी संख्या में टीका लगवाने के लिए वैक्सीन सेंटर्स पर पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें यहां से खाली लौटना पड़ रहा है। सेंटर्स पर जिला टीकाकरण व स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम कम पड़ गए हैं।

सेंटर्स पर पहुंच रहे लोगों की संख्या के मान से यहां पर न तो स्टाफ है और न संसाधन। नतीजतन वैक्सीनेशन सेंटर्स पर व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई है। अव्यवस्था के चलते सेंटर्स पर लोगों को परेशान होना पड़ रहा है, इसके बावजूद जिला टीकाकरण विभाग व स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीन सेंटर की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है।
जिले में करीब 2 लाख बुजुर्ग लोगों को लगना है कोरोना वैक्सीन

एक आकलन के मुताबिक जिले के करीब दो लाख बुजुर्गों को टीके लगाए जाना है, जो 60 साल या इससे अधिक उम्र के हैं। उन्हें सीधे यानी आधार कार्ड की फोटोकॉपी के आधार पर रजिस्ट्रेशन किया जाकर टीके लगाए जा रहे हैं। सेंटर्स पर 200 से ज्यादा लोग टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।

यहां लोगों को टोकन दे दिए जाते हैं, ऐसे में अपनी बारी के इंतजार में उन्हें दो से तीन घंटे तक बैठना पड़ता है। कई लोगों को तो सेंटर पर दो-तीन बार चक्कर लगाना पड़ रहे हैं। कोविड हॉस्पिटल माधवनगर के सेंटर्स पर ही दो दिन से कई लोगों को बगैर टीका लगाए लौटना पड़ रहा है। क्योंकि सेंटर पर 100 लोगों को ही टीके लगाने के इंतजाम हैं तथा एक टीम को 140 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया हुआ है।

ऐसे हल हो सकती समस्या
टीका लगवा चुके 68 साल के वरिष्ठ चिकित्सक व पूर्व सीएमएचओ डॉ. एनके त्रिवेदी का कहना है कि लोगों की संख्या को देखते हुए सेंटर्स बढ़ाए जाने तथा सेंटर्स का एरिया बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीके लगाए जा सकें। जिला टीकाकरण विभाग के पास में यदि मैन पावर व संसाधनों की समस्या है तो प्राइवेट अस्पतालों में सेंटर्स शुरू किए जा सकते हैं।
अभी यहां पर हो रहा वैक्सीनेशन
सीएचएल मेडिकल सेंटर, सख्याराजे बिल्डिंग कैंसर यूनिट, माधवनगर, चेरिटेबल हॉस्पिटल व आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बनाए गए सेंटर पर बुजुर्गों को टीके लगाए जा रहे हैं।

ये समस्या, जिनसे बुजुर्ग परेशान
1 टीका लगवाने के लिए आ रहे लोगों के मान से सेंटर्स पर मैन पावर व संसाधन नहीं हैं।
2 जिले में कुल 10 सेंटर्स हैं, जिन्हें बढ़ाकर 20 या 22 करने की आवश्यकता है।
3 टोकन व्यवस्था को प्रभावी बनाते हुए समय पर लोगों को टीका लगाया जाना चाहिए।
भोपाल से तय किए जाते हैं सेंटर
^वैक्सीनेशन सेंटर्स भोपाल से तय होते हैं। गाइड लाइन के तहत ही सेंटर्स का संचालन किया जा रहा है। मैन पावर व संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। सेंटर्स की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है।
डॉ. के.सी. परमार, टीकाकरण अधिकारी


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शुक्रवार, 5 मार्च 2021

छत्तीसगढ़ में रीवा का जवान शहीद:छुट्टी में आकर पिता का इलाज करवाने का किया था वादा, घर पहुंची शहादत की खबर; आज होगा अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ में रीवा का जवान शहीद:छुट्टी में आकर पिता का इलाज करवाने का किया था वादा, घर पहुंची शहादत की खबर; आज होगा अंतिम संस्कार


छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में शहीद हुआ रीवा का लाल, नम आंखों से पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे लोग

होली के समय छुट्टी में आकर अपने पिता का इलाज करवाने का वादा करने वाला CAF (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) 22वीं बटालियन का वीर जवान नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त हुआ है। उनके शहादत की खबर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। लोग अब नम आंखों से अपने लाल के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में MP का जवान शहीद:दंतेवाड़ा में IED ब्लास्ट की चपेट में आया रीवा का CAF हेड कांस्टेबल; पुल की सुरक्षा में तैनात थे

त्योंथर तहसील बरछा गांव निवासी लक्ष्मीकांत द्विवेदी छत्तीसगढ़ में पदस्थ थे। उनकी ड्यूटी ई-कंपनी कैम्प छिंदनगर दंतेवाड़ा में थी। सुबह 9:30 बजे उन्होंने अपने घर वालों से आखिरी बार फोन पर बात की थी और अपने पिता को यह भरोसा दिलाया था कि छुट्टी में आकर वे उनका इलाज करवाएंगे, लेकिन चंद घंटों बाद ही उनके शहादत की खबर घर पहुंच गई।

नक्सली हमले में वे शहीद हो गए। उनके शहादत की खबर सुनकर लोगों की आंखें भर आई। जिस पुत्र ने उनका इलाज करवाने का वादा किया था उसके शहादत की खबर पर अभी भी पीड़ित पिता को विश्वास नहीं हो रहे है। उनकी दो बेटियां थी। बड़ी बेटी रुचि 7 साल की है और छोटी बेटी पारुल 3 साल की हैं।

ग्राम बरछा में होगा अंतिम संस्कार
नक्सली हमले में शहीद हुए जवान लक्ष्मीकांत द्विवेदी का पार्थिव शरीर शुक्रवार की दोपहर तक उनके गृह ग्राम बरछा पहुंचने की उम्मीद है। हेलीकॉप्टर से पार्थिव शरीर रायपुर लाया गया है और वहां से विशेष वाहन से पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम बरछा लाया जाएगा। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद के अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन ने सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं है।

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गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

चूल्हा, चौका संभालने वाली भिलाई की 30 हजार महिलाओं के पास अब खुद का अपना काम, हार्डवेयर दुकान से लेकर खाद बनाकर कमा रहीं हैं लाखों रुपए

चूल्हा, चौका संभालने वाली भिलाई की 30 हजार महिलाओं के पास अब खुद का अपना काम, हार्डवेयर दुकान से लेकर खाद बनाकर कमा रहीं हैं लाखों रुपए

चूल्हा, चौका संभालने वाली भिलाई की 30 हजार महिलाओं के पास अब खुद का अपना काम, हार्डवेयर दुकान से लेकर खाद बनाकर कमा रहीं हैं लाखों रुपए

जिले की ग्रामीण महिलाओं की तकदीर अब बदल रही है। महिला समूह के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। पहले इनके पास स्वरोजगार के लिए काम नहीं होता था, अब हर हाथ में काम है। आज ग्रामीण महिला दिवस है। अब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के पास रोजगार का संकट नहीं है। घर में खेती-किसानी के अलावा समाज के विकास में बढ़ चढ़कर योगदान दे रही हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के तहत 30 से 35 हजार महिलाओं को महिला समूहों के माध्यम से कुछ न कुछ रोजगार मिला है। राज्य सरकार के माध्यम से इन्हें जमीन से लेकर आर्थिक रूप से मदद भी मिल रही है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की शुरुआत की गई है। इससे जुड़ने के लिए प्रभारी लोचन दास से 9098993071 नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।

जानिए कहां कितने समूह
दुर्ग - 72 ग्राम पंचायत में 500 से ज्यादा महिला समूह है। 6000 से ज्यादा महिलाओं को समूह के माध्यम से रोजगार मिला।

पाटन - 112 ग्राम पंचायत में 800 समूह का गठन किया गया है। 9600 महिलाओं को सीधा रोजगार दिया जा रहा है।

धमधा- 118 पंचायतों में 1200 महिला समूह का गठन किया गया है। 14400 महिलाओं को स्वरोजगार देने का दावा।

मुर्गी पालन से लेकर बकरीपालन: ग्रामीण महिलाओं को बिहान कार्यक्रम के माध्यम से मुर्गी पालन से लेकर बकरी पालन का काम दिया गया है। इससे उनकी आय दोगुनी तक हो गई है। अब तक यह काम पुरुषों को दिया जाता था।

गोधन योजना में खाद: प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन योजना का जिम्मा महिलाओं के पास ही है। गांवों में गौठान में सब्जी की पैदावार से लेकर अन्य चीजों का उत्पादन भी कर रही हैं। यही नहीं, योजना के तहत गोबर से खाद भी महिलाएं बना रही हैं।

हार्डवेयर दुकान संचालन: अब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं हार्डवेयर से लेकर अन्य जरूरी चीजों की दुकानें संचालित कर रही हैं। इसके लिए सरकार की ओर से लोन भी मुहैया कराई जा रही है। शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं इससे आत्मनिर्भर बन रही हैं।

ग्रामीण महिलाओं को अब बनाया जा रहा आत्मनिर्भर
"ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। महिलाओं के पास अब काम है। हार्डवेयर दुकान संचालन से लेकर मुर्गी, बकरी, मछलीपालन व खेती-बाड़ी जैसे कई अन्य कार्य कर रही हैं। सभी ग्राम पंचायतों में ज्यादा से ज्यादा महिला समूह बनाकर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।"
-लोचन दास, प्रभारी अधिकारी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन


ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब आत्मनिर्भर होकर कर रही हैं काम।



बुधवार, 14 अक्टूबर 2020

पहली बार वर्चुअल होगा समाराेह, ऑनलाइन बांटेंगे डिग्री और मेडल, 1 दिसंबर को आयोजन

पहली बार वर्चुअल होगा समाराेह, ऑनलाइन बांटेंगे डिग्री और मेडल, 1 दिसंबर को आयोजन

पहली बार वर्चुअल होगा समाराेह, ऑनलाइन बांटेंगे डिग्री और मेडल, 1 दिसंबर को आयोजन

एनआईटी का 11वां दीक्षांत समारोह हर साल की तरह ही इस साल भी 1 दिसंबर को रखा गया है। काेराेना संक्रमण के खतरे की वजह से इस बार समाराेह नए अंदाज में हाेगा। पहली बार पूरा समारोह वर्चुअल आयाेजित किया जाएगा। ऑनलाइन इवेंट में सीनेट मेंबर्स, डायरेक्टर और गेस्ट स्क्रीन पर नजर आएंगे। समाराेह के दाैरान गाेल्ड मेडलिस्ट और अन्य छात्राें की तस्वीर स्क्रीन पर उनके नाम के साथ फ्लैश की जाएगी। जिस स्टूडेंट काे गाेल्ड मेडल मिलना हाेगा, उसके चेहरे के साथ स्क्रीन पर गाेल्ड मेडल का सिंबाॅल भी नजर आएगा। इससे समाराेह से जुड़ने वाले सभी स्टूडेंट्स, पैरेंट्स ये जान सकेंगे कि किस स्टूडेंट काे गाेल्ड और किसे सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम साेशल मीडिया पर लाइव टेलीकास्ट भी किया जाएगा। संस्थान की टीम ने वर्चुअल कन्वोकेशन के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

फैकल्टी काे साैंपी गई जिम्मेदारी
समाराेह के लिए फैकल्टीज की अलग-अलग कमेटियां बना दी गई हैं। जो अपना काम कर रहे हैं। दीक्षांत में कितने स्टूडेंट्स शामिल होंगे, कितनाें काे गोल्ड और सिल्वर मेडल से नवाजा जाएगा जैसी सारी जानकारी जल्द ही संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।

IIT के स्टूडेंट ने थ्रीडी अवतार में ली थी डिग्री, इसकी संभावनाएं भी तलाश रहे
आईआईटी मुंबई ने हाल ही में वर्चुअल रियलटी टेक्निक की मदद से स्टूडेंट्स का थ्रीडी अवतार तैयार कर ऑनलाइन कन्वोकेशन रखा था। ये समाराेह दुनियाभर में चर्चा में रहा था। वर्चुअल रियलिटी टेक्निक से ऐसी अनाेखी दुनिया तैयार की गई थी, जिसमें कैंपस आए बिना स्टूडेंट्स, गेस्ट के हाथाें मंच से डिग्री लेते नजर आए। इसके लिए हर स्टूडेंट और गेस्ट का एनिमेटेड वीडियाे बनाया गया था। एनिमेशन फिल्म की तरह ये तैयार किया गया था। लगभग 5 हजार घंटे की मेहनत से एक्सपर्ट की टीम ने पूरा प्राेग्राम अरेंज किया था। एनआईटी की टीम भी अपने समाराेह काे आईआईटी मुंबई की तरह भव्य बनाने की संभावनाओं पर काम कर रही है। हालांकि, वैसा अरेंजमेंट टेक्निकली काफी कठिन है, लेकिन उसकी संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।

दीक्षांत के गेटअप में नजर आएंगे गेस्ट जानिए समाराेह में और क्या खास होगा

  • एनआईटी की टीम सालभर में किए गए इनाेवेशन, अवाॅर्ड, कैंपस में हुए डेवलपमेंट जैसी उपलब्धियाें पर एक खास वीडियाे तैयार कर रही है। ये समाराेह में प्रजेंट किया जाएगा।
  • असि. रजिस्टार रविकांत वर्मा ने बताया, गेस्ट की स्पीच ऑनलाइन हाेगी। समारोह में चीफ गेस्ट प्रो. प्रेम व्रत (चेयरमेन बोर्ड ऑफ गर्वनर आईआईटी धनबाद) होंगे।
  • देशभर के स्टूडेंट्स और पैरेंट्स इस कार्यक्रम काे घर बैठे जाॅइन कर सकेंगे। स्टूडेंट्स काे इंट्रैक्शन का माैका नहीं मिलेगा।
  • जिस तरह ऑफलाइन इवेंट किया जाता था, उसी तरह ऑनलाइन समाराेह आगे बढ़ेगा।
  • सभी स्टूृडेंट्स को स्पीड पोस्ट के जरिए डिग्रियां भेजी जाएंगी।
  • इवेंट भले ऑनलाइन हाेगा, लेकिन गेस्ट और सीनेट मेंबर्स दीक्षांत के गेटअप में नजर आएंगे। स्टूडेंट्स के लिए ड्रेसकाेड हाेगा या नहीं, ये फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

फाइल फोटो।



गुरुवार, 1 अक्टूबर 2020

दिसंबर तक बनकर तैयार होगा फ्लाई ओवर

दिसंबर तक बनकर तैयार होगा फ्लाई ओवर

दुर्ग को भिलाई शहर से जोड़ने वाले ठगड़ा बांध फ्लाई ओवर का निर्माण जनवरी 2019 में शुरू हुआ। कार्य एजेंसी को 18 महीने में काम पूरा करने का समय दिया गया। जुलाई महीने में काम पूरा होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते काम अटक गया। एक बार पुन: काम ने रफ्तार पकड़ी है। दिसंबर 2020 तक कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा। बुधवार को दल्ली-दुर्ग रेल लाइन पर ब्लॉक लिया गया। वहीं जेल तिराहा से रुआबांधा की तरफ आवाजाही 3 घंटे तक बाधित रही। रेलवे द्वारा पांच गर्डर लगाने का काम किया।

  • 42 करोड़ की लागत 33 पिलर पर बनाए गए।
  • 1009 मीटर लंबाई चौड़ाई 13 मीटर।
  • 185 अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया गर्डर लॉचिंग।
  • 18 महीनों में पूरा होना है काम।
  • 90 एलईडी लगाई जाएगी ब्रिज पर।



Flyover will be ready by December



रविवार, 16 अगस्त 2020

रायपुर में ओवरब्रिज के नीचे मिला नवजात का शव, कुत्ते नोच-नोचकर खा रहे थे

रायपुर में ओवरब्रिज के नीचे मिला नवजात का शव, कुत्ते नोच-नोचकर खा रहे थे

रायपुर में ओवरब्रिज के नीचे मिला नवजात का शव, कुत्ते नोच-नोचकर खा रहे थे
छत्तीसगढ़ के रायपुर में शनिवार देर शाम ओवरब्रिज के नीचे नवजात का शव बरामद हुआ है। शव को कुत्ते नोच-नोचकर खा रहे थे। स्थानीय लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा भिजवा दिया है। घटना पंडरी थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, पंडरी क्षेत्र में मोवा ओवरब्रिज के नीचे बच्चे का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कुत्ते शव को नोच-नोचकर खा रहे थे। बच्चे की उम्र करीब 10 से 15 दिन बताई जा रही है। पुलिस ने शव को मेकाहारा पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता लगाने का प्रयास
बच्चे के शव को वहां किसी ने फेंकते हुए नहीं देखा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कुत्ते ही कहीं से उठाकर लाए होंगे। पुलिस का कहना है कि 10-15 दिनों में कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं हुई है। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, कि शव कहां से आया है।


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रायपुर में ओवरब्रिज के नीचे मिला नवजात का शव, कुत्ते नोच-नोचकर खा रहे थे
छत्तीसगढ़ के रायपुर में शनिवार देर शाम ओवरब्रिज के नीचे नवजात का शव बरामद हुआ है। शव को कुत्ते नोच-नोचकर खा रहे थे।



रविवार, 3 मई 2020

गांव में साप्ताहिक बाजार बंद हुए तो सब्जी वाले पहुंच रहे शहर, उठने लगा बाहरी-स्थानीय विवाद

गांव में साप्ताहिक बाजार बंद हुए तो सब्जी वाले पहुंच रहे शहर, उठने लगा बाहरी-स्थानीय विवाद

गांव में साप्ताहिक बाजार बंद हुए तो सब्जी वाले पहुंच रहे शहर, उठने लगा बाहरी-स्थानीय विवाद
कोरोना की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा सब्जी विक्रेता प्रभावित हो रहे हैं। गांव-गांव में लगने वाले साप्ताहिक बाजार बंद करा दिए गए हैं। गांव के विक्रेता भी सब्जी बेचने शहर पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि कांकेर के साप्ताहिक बाजार में सामान्य दिनों की अपेक्षा दो गुना सब्जी विक्रेता पहुंच रहे हैं। जिससे बाजार में आए दिन स्थानीय पसरा लगाने वालों तथा बाहरी सब्जी विक्रेताओं के बीच बार बार विवाद हो रहा है।
इसे लेकर शनिवार को स्थानीय सब्जी विक्रेताओं ने जिला कार्यालय पहुंच कलेक्टर से शिकायत करते व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की। गांव-गांव के सब्जी विक्रेताओं के शहर में पसरा लगाने के कारण यहां भीड़ बढ़ रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए रेडक्रॉस, नगरपालिका, प्रशासन, पुलिस कई बार समझाइश देकर थक चुके हैं। इसके लिए अब यहां कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
24 मार्च से लॉकडाउन शुरू होने के साथ लगभग सभी गांवों में साप्ताहिक बाजार लगना बंद हो गए हैं। जिस गांव में बाजार लगाने की अनुमति दी भी गई तो वह भी कुछ ही घंटे के लिए है। जिसमें सब्जी पूरी तरह बिक नहीं पाती। जिससे सब्जी उत्पादकों को काफी परेशानी हो रही है। ग्राम ईच्छापुर में ग्रामीणों व पंचायत ने वहां का सब्जी बाजार बंद करवा दिया जिसमें आमाझोला, घोटिया, मर्दापोटी, गढ़पिछवाड़ी के साथ कांकेर से भी सब्जी व्यावसायी आते थे। वे अब कांकेर बाजार में ही पसरा लगाने लगे हैं। माकड़ी के जयप्रकाश नेगी ने कहा कि पहले दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक बाजार लगता था। अब सीमित समय होने के कारण सब्जी बिक नहीं पाती हैं। गोविंदपुर में दोपहर 3 से 4.30 बजे तक ही सब्जी बाजार लगता है।
ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी, ग्राहकों को फायदा
नया बाजार में अचानक गांव से बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेताओं के आने से स्थानीय स्तर पर सब्जी की भी बंपर आवक होने लगी है। इससे उसके दाम गिर गए हैं और शहरवासियों को सस्ते दामों में सब्जी मिल रही है। वहीं दूसरी ओर गांव में बाजार बंद होने से ग्रामीणों को अब सब्जी खरीदने कांकेर तक आना पड़ रहा है। ईच्छापुर के शिवचंद नेताम, भगवान सिंह कांगे ने कहा कि गांव में मंगलवार को लगने वाला बाजार लॉकडाउन शुरू होने के बाद नहीं लग रहा है। सब्जी लेने 5 किमी दूर कांकेर बाजार जाना पड़ता है।
गांव में बाहरी सब्जी विक्रेताओं को रोका
शहर में तो गांव के सब्जी विक्रेता दुकान लगा रहे हैं। लेकिन शहर के स्थानीय सब्जी व्यवसायियों की शिकायत है कि जब वे आसपास गांव में सब्जी लेकर जाते हैं तो उन्हे गांव में व्यापार करने घुसने तक नहीं दिया जाता। जबकि उन गांव के लोग यहां सब्जी पसरा लगाने पहुंच रहे हैं। जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। सब्जी बाजार में इतना ज्यादा पसरा लग रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं हो पा रहा है। कोई समझाने वाला भी नहीं है। ग्राम मर्दापोटी में शुक्रवार को सब्जी पसरा लगता था, अब गांव के बाजार में बाहर से दुकान लगाने वालों को आने नहीं दिया जाता। जिन गांवों में बाजार लग रहा है, वहां बाहर के विक्रेताओं को पसरा लगाने नहीं दिया जा रहा है।
गांव में साप्ताहिक बाजार बंद हुए तो सब्जी वाले पहुंच रहे शहर, उठने लगा बाहरी-स्थानीय विवाद
When the weekly markets are closed in the village, the vegetable people are reaching the city, external and local disputes arise.


रेल लाइन का काम कर रहे मजदूर फंसे, लगाई गुहार

रेल लाइन का काम कर रहे मजदूर फंसे, लगाई गुहार

रेल लाइन का काम कर रहे मजदूर फंसे, लगाई गुहार
रावघाट रेलवे परियोजना के तहत केंवटी से अंतागढ़ तक रेलवे लाइन के काम में बिलासपुर क्षेत्र के 14 मजदूर फंस गए हैं। वे अंतागढ़ से भानुप्रतापपुर पहुंचे थे और वे बिलासपुर जाने के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। ठेकेदार उन्हें भानुप्रतापपुर छोड़ दिया है और ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मजदूर सुनील राठौर व साथियों ने बताया कि वर्तमान में तेज धूप होने लगी है। तपती धूप में काम कराया जाता है, जिससे परेशानी हो रही थी। घर पेड्रोरोड जाना भी है। ठेकेदार द्वारा भानुप्रतापपुर में छोड़ दिया गया है, हमें बिलासपुर जाना है। इसके लिए प्रशासन से मदद मांग रहे हैं। तहसीलदार आनंद

नेताम ने बताया कि मजदूरों को भोजन, रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कुछ दिन पहले ही मजदूरों को बस से बिलासपुर भेजा गया। इस समय ये लोग नहीं गए थे। ठेकेदार को निर्देश कर उनको घर पहुंचाया जाए।
रेल लाइन का काम कर रहे मजदूर फंसे, लगाई गुहार
Rail line workers trapped, pleaded


‘सर! जियो हजारों साल... मेरा बार-बार प्रणाम, मुझे पास कर देना’

‘सर! जियो हजारों साल... मेरा बार-बार प्रणाम, मुझे पास कर देना’

सर! जियो हजारों साल... मेरा बार-बार प्रणाम, मुझे पास कर देना’
कोरोना वायरस के कारण 10 वीं 12 वीं बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन शिक्षकों के घर में ही किया जा रहा है। 10 वीं का गणित का पेपर छात्रों को इतना ज्यादा कठिन लग रहा है कि छात्र फेल होने पर आत्महत्या करने की बात उत्तरपुस्तिका में लिखे हैं। वही एक अन्य छात्र ने पास करने की गुहार लगाई है।

10 वीं, 12 वीं का पेपर पिछले साल तक लट्टीपारा के मूल्यांकन केंद्र कन्या शाला होता था, लेकिन इस बार पेपर बंडल की जांच शिक्षकों के घर में ही किया जा रहा है। 10 वीं गणित का पेपर छात्रों को काफी ज्यादा कठिन लगा। इसमें छात्रों ने उत्तरपुस्तिका में मूल्यांकन कर्ता से पास करने की गुहार लगा रहे हैं। एक छात्र ने फेल होने पर आत्महत्या करने की भी तक लिख दी है।

उत्तरपुस्तिका में यह उत्तर की जगह यह सब लिखे होने को लेकर शिक्षकों को हैरानी हो रही है। उत्तरपुस्तिका के प्रश्न 14 में छात्र ने गणित का उत्तर लिखने की जगह पर लिखा है, आपको मंै पैर छुके प्रणाम करता हूं कि मुझे गणित कुछ समझ में नहीं आता है। मेरे से कुछ भी नहीं बना है। सब विषय अच्छा बना है, लेकिन गणित नहीं बना। मुझे ग्रेस लगाकर पास कर देना। तुम हजारों साल जियो, सर, मेरा बार-बार प्रणाम कि मुझे जबरदस्ती नंबर देकर पास कर देना। नहीं तो में फांसी लगाके मर जाऊंगा। आत्महत्या कर लूंगा। उक्त छात्र को 75 में से सिर्फ चार नंबर ही मिल पाए हैं।

एक अन्य छात्र ने लिखा है कि मैं बहुत गरीब छात्र हूं, सर मुझ पर थोड़ा सा दया करके मेरे को कुछ बनने लायक बना दीजिए। मुझे उम्मीद रहेगी। आपको अपनी सबसे प्यारी चीज की सौगंध, आप भी एक समय हमारे जैसे बच्चे थे।

इतनी उत्तरपुस्तिका पहुंची है : 10 वी में 77,167 पेपर जांच होने के लिए पहुंची है। वहीं 12 वीं में 41,152 पेपर जांच होने के लिए पहुंचा है।

दूसरे चरण का पेपर जांच होनेके लिए 1 मई को पहुंचा
प्रथम चरण का पेपर बंडल 20 मार्च को मूल्यांकन होने के लिए पहुंचा। इसमें 26 मार्च से जांच होना था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण जांच मूल्यांकन केंद्र में नहीं हो पाया। 21 अप्रैल को घरों में ले जाकर संबंधित विषय शिक्षकों के घर में पेपर बंडल जांच के लिए भेजवाया गया। 10 वीं का हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान जांच होने के लिए पहुंचा था। वहीं 12 वीं में हिंदी, गणित, जीव विज्ञान, इतिहास, अर्थशास्त्र, भौतिक विषय, व्यावसायिक अध्ययन, कृषि जांच होने के लिए पहुंचा है। वही द्वितीय चरण में अभी 1 मई को पेपर जांच होने के लिए पहुंचा है। इसमें द्वितीय चरण में 12 वीं में राजनीति, रसायन, लेखाकन, अंग्रेजी, कृषि विज्ञान जांच होने के लिए पहुंचा हैं। वही 10 वीं में संस्कृत पेपर जांच होने के लिए पहुंचा है। इसे 3 मई को मूल्यांकनकर्ता के घर पहुंचाया जाएगा।
सर! जियो हजारों साल... मेरा बार-बार प्रणाम, मुझे पास कर देना’
'head! Live thousands of years ... My repeated greetings, pass me '



केसीसी से खाद व बीज उठाकर बारिश से पहले सुरक्षित कर लें

केसीसी से खाद व बीज उठाकर बारिश से पहले सुरक्षित कर लें

केसीसी से खाद व बीज उठाकर बारिश से पहले सुरक्षित कर लें
धान की अच्छी पैदावार किया जा सके, इसके लिए बारिश के पहले पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद एवं धान बीज का भंडारण किया गया है। किसानों द्वारा केसीसी बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। वरिष्ठ कृषि अधिकारी एनआर नेताम ने बताया खरीफ फसल के लिए आदिम जाति सहकारी समिति भानुप्रतापपुर, संबलपुर, कोरर व असुलखार धान बीज किस्म 1001, 1010, आईआर 64, सरना एवं रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में भंडारण किया जा चुका है।

बारिश के पहले के पहले ही इसका उठाव कर सुरक्षित कर लें। अल्पकालीन केसीसी के माध्यम से प्रकरण बनाना भी शुरू कर दिया गया है। पंजीकृत किसानों के नगद राशि एवं खाद बीज दिया जा रहा है। खाद बीज का उठाव कर विभाग की योजना का लाभ उठाएं। लॉकडाउन में कृषकों को छूट दी गई है वहीं कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंस, मास्क और सैनिटाइजर के प्रति जागरूक करे रहे हैं। भानुप्रतापपुर लैम्पस के अंतर्गत कुल 33 गंाव आते हंै। इनमें कृषकों की संख्या 5600 हैं, जिनमें 1984 किसान एक्टिव हंै। क्षेत्र के कुल खेती रकबा 4211,67 हेक्टेयर भूमि हैं। किसानों को खाद वितरण परमिट के आधार पर किया जा रहा है।

वहीं कर्ज के संबंध में किसानों को प्रति हेक्टेयर 22 हजार 200 दिए जाने का प्रावधान है। रासायनिक खाद का वितरण अप्रैल माह से ही प्रारंभ हो गया है, जो जून-जुलाई तक जारी रहेगा।
केसीसी से खाद व बीज उठाकर बारिश से पहले सुरक्षित कर लें
Pick fertilizer and seeds from KCC and secure them before the rain



रेडक्रॉस ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने किया जागरूक

रेडक्रॉस ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने किया जागरूक

रेडक्रॉस ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने किया जागरूक
साप्ताहिक बाजार में प्रशासन, पुलिस प्रशासन, तहसीलदार व रेडक्रॉस सोसाइटी जागरूकता अभियान चला रही है। इस दौरान ग्रामीणों को मास्क का प्रयोग व मास्क के स्थान पर रुमाल, गमछा या दुपट्टा का प्रयोग व सामाजिक दूरी के साथ लेनदेन करने करने जागरूक किया।

वालेंटियर्स संजय वस्त्रकार, हेमंत श्रीवास्तव द्वारा माइक के माध्यम से लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण की जानकारी दी और इसके बचाव के लिए स्वयं जागरूक होने की अपील की। इस दौरान ग्रामीणों को जिले के बाहर या फिर राज्य अन्य जिलों से आने वाले व्यक्ति की जानकारी सरपंच, सचिव व प्रशासन को देने कहा।

अभियान में सरपंच पार्वती सोरी, तहसीलदार लोमेश मिरी, नायब तहसीलदार आशीष देवहारी, डीआर नाग, दिलेश्वर साव, भूपेंद्र गुप्ता, जय प्रकाश चौधरी, बंगोमा चक्रवर्ती, रीता वस्त्रकार, थामेश्वरी गौतम, उमेश दुग्गा आदि शामिल थे।
रेडक्रॉस ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने किया जागरूक
Red Cross aware of following social distancing



राउतपारा के लोग 35 साल से पी रहे कुएं का गंदा पानी

राउतपारा के लोग 35 साल से पी रहे कुएं का गंदा पानी

राउतपारा के लोग 35 साल से पी रहे कुएं का गंदा पानी
ग्राम नेवारखेड़ा के राउतपारा के ग्रामीण 35 साल से कुएं के पानी पर ही निर्भर है। ग्रामीणों ने कई बार पारा में हैंडपंप खनन की मांग की गई, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिल पाया। इसके चलते आज भी ग्रामीण कुएं का प्रदूषित पानी पीने मजबूर हैं।
नेवारखेड़ा राउतपारा के ग्रामीण अशोक यादव, संतु यादव, नारायण यादव ने बताया हमारे पारावासी लगभग 35 साल से कुएं का पानी से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा पारा में एक ही कुआं होने के कारण खाने पीने के लिए ही उपयोग करते हैं। हम सभी पारावासी नहाने के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर नदी में जाकर काम चला लेते हैं। मई-जून के महीने में कुआं जब पूरी तरह सूख जाता है, तो दूसरे मोहल्ले जाकर पानी लाना पड़ता है या फिर नदी में झरिया का बनाकर पानी लाते हैं। कभी-कभार कुएं एवं झरिया का पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त की चपेट में भी ग्रामीण आ चुके हैं। इस संबंध में हम पारावासी पंचायत एवं संबंधित विभाग जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन आश्वासन ही मिलता है।
राउतपारा के लोग 35 साल से पी रहे कुएं का गंदा पानी
The people of Rautpara have been drinking dirty water for 35 years



5 जनपद की 250 पंचायतों में 1528 काम शुरू जिले के 45 हजार मजदूरों को मिला रोजगार

5 जनपद की 250 पंचायतों में 1528 काम शुरू जिले के 45 हजार मजदूरों को मिला रोजगार

5 जनपद की 250 पंचायतों में 1528 काम शुरू जिले के 45 हजार मजदूरों को मिला रोजगार
लॉकडाउन के कारण पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले काम डेढ़ महीने से बंद थे। मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। ग्रीन जोन में शामिल कोरिया में गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुसार मनरेगा काम शुरू करने की अनुमति से मजदूरों को राहत मिली। इससे 5 जनपद की 250 पंचायतों में 1528 काम शुरू होते ही 45 हजार मजदूरों को रोजगार मिल गया।

मालूम हो कि लॉकडाउन लगते ही पंचायतों में सभी निर्माण बंद हो गए थे। इन्हें पूरा कराना अफसरों और सरपंच-सचिव के लिए चुनौती बन गया था। डेढ़ माह बाद लॉकडाउन के बीच सरकार ने राहत दी तो फिर से काम शुरू हुए। इन सभी कामों को बारिश के पहले पूरा करवाना होगा। जनपद के अफसरों के अनुसार काम समय पर पूरा करवाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पंचायतों में जल संवर्धन, पौधरोपण, सीसी सड़क, नाला निर्माण के काम शुरू हो गए हैं। इसमें सबसे अधिक जल संसाधन के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित हैं। जिला पंचायत सीईओ तूलिका प्रजापति ने बताया कि जिले में सर्वाधिक संख्या में चल रहे काम में 700 से ज्यादा कूप निर्माण, 500 से अधिक निजी डबरी कार्य हैं। साथ ही पहले बनाए गए तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए 150 से ज्यादा कार्य कराए जा रहे हैं। कई ग्राम पंचायतों में 60 से ज्यादा नए तालाब निर्मित कराए जा रहे हैं।

फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी
सीईओ ने बताया जिले में महामारी से बचाव के लिए सभी उपाय कार्यस्थलों पर भी अपनाए जा रहे हैं। सभी कार्यस्थल पर हर श्रमिक को फेस कवर करने मास्क दिया गया है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कार्यस्थल पर हाथ धुलाई के लिए साबुन पानी की व्यवस्था की गई है। फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जा रहा है।
5 जनपद की 250 पंचायतों में 1528 काम शुरू जिले के 45 हजार मजदूरों को मिला रोजगार
1528 works started in 250 panchayats of 5 districts, 45 thousand laborers of the district got employment



खदान पहुंचकर विधायक ने श्रमवीरों का बढ़ाया हौसला

खदान पहुंचकर विधायक ने श्रमवीरों का बढ़ाया हौसला


कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान देश को बिजली उपलब्ध कराने जाेखिम उठाते हुए काेयला उत्पादन में लगे श्रम वीरों से विधायक मजदूर दिवस पर रूबरू हुए। विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने एचएमएस श्रम संगठन के केंद्रीय कल्याण बोर्ड सदस्य बजरंगी शाही और अन्य पदाधिकारियों के साथ क्षेत्र के कई काॅलरी इकाइयों में भ्रमण कर श्रमवीरों का हौसला बढ़ाया। क्षेत्र के सर्वाधिक उत्पादन वाले चिरमिरी ओपन कास्ट परियोजना के श्रम योद्धाओं से विधायक ने कहा कि आज देश जिस मुकाम पर खड़ा है, वैसी परिस्थिति में कोयला उद्योग के मजदूर साथी देश को मजबूती प्रदान करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों से सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कार्य करने की सलाह दी। एचएमएस श्रम संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी बजरंगी शाही ने कहा कि हमें शासन के नियमों के साथ सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना है। इस दौरान संगठन के देवेंद्रनाथ शर्मा, लक्ष्मण पटेल, अब्दुल सलीम, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष कश्यप, संगठन के वरुण शर्मा, शिवांश जैन, हैप्पी बधावन आदि उपस्थित रहे।
खदान पहुंचकर विधायक ने श्रमवीरों का बढ़ाया हौसला
Legislator encouraged labor by reaching the mine



अन्य राज्यों से मजदूरों को लाने के लिए चलेंगी 12 विशेष ट्रेनें, आठ हजार की होगी घर वापसी

अन्य राज्यों से मजदूरों को लाने के लिए चलेंगी 12 विशेष ट्रेनें, आठ हजार की होगी घर वापसी

अन्य राज्यों से मजदूरों को लाने के लिए चलेंगी 12 विशेष ट्रेनें, आठ हजार की होगी घर वापसी
देश भर के विभिन्न प्रांतों में फंसे जिले के 34 हजार मजदूरों को लाने के लिए 12 विशेष ट्रेन चलाई जाएंगी। इन विशेष ट्रेन में कुछ दिनों में 8000 मजदूर पहले चरण में अपने जिले में पहुंचेंगे। अन्य प्रदेशों में सबसे अधिक 9900 मजदूर पामगढ़ क्षेत्र के हैं। जिले के 20 हजार मजदूर जम्मू कश्मीर में फंसे हैं।
कोविड 19 के दौरान अब मजदूरों की वापसी होगी। इसके लिए शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व विस अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जिले के तैयारियों की समीक्षा की। जिले के अन्य प्रांतों से लाने 12 विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है। 8 हजार श्रमिक आगामी कुछ दिनों में वे गृह ग्राम पहुंचेंगे। प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव ने सीएमएचओ से कोविड-19 के संक्रमण को रोकने स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। रायपुर निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि जिनमें कोविड-19 के संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे हो, ऐसे श्रमिकों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने श्रमिकों को कम से कम 14 दिन क्वारेंटीन करने और उनकी अधिक से अधिक रेंडम टेस्टिंग करने के निर्देश दिए । फ्रंट लाइन अधिकारियों, कर्मचारियों को सतर्क रहने कहा है।
165 ग्राम पंचायतों में मनरेगा में होगा काम
विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने सक्ती सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास खंडों में गरीबों को चावल वितरण की समय पर कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉ.महंत ने कृषि कार्य के मद्देनजर मवेशी बाजार खोलने और 165 ग्राम पंचायतों, जहां मनरेगा का काम अभी शुरू नहीं हुआ है ,वहां काम स्वीकृत करने और प्रारंभ कराने के निर्देश दिए ताकि मजदूरों को ज्यादा काम मिल सके।
कलेक्टर ने बताया, कहां फंसे हैं मजदूर
कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के करीब 34 हजार मजदूर कोविड -19 के लाकडाउन में अन्य प्रांतों में फंसे हुए हैं। सर्वाधिक श्रमिक जम्मू-कश्मीर में करीब 20 हजार हैं। महाराष्ट्र में 2 हजार 800 उत्तर प्रदेश में 1788 श्रमिक ।अब तक प्राप्त सूचना के मुताबिक जिले के पामगढ़ विकासखंड में सर्वाधिक 9 हजार 900 श्रमिक अन्य प्रांतों में लॉक डाउन में फंसे हुए हैं।
एसपी ने दी क्वारेंटाइन सेंटर की जानकारी
एसपी श्रीमती पारुल माथुर ने क्वारेंटीन में रह रहे लोगों के लोकेशन की जानकारी के लिए निर्मित रक्षा एप,नाको में ड्यूटी करने वाले पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण और कोविड-19 के संक्रमण को रोकने एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र की मदद, बाहर राज्यों से आने वाले वाहन चालकों परिचालकों पर निगरानी, प्रचार प्रसार आदि की विस्तृत जानकारी दी।
विधायकों से भी की चर्चा - प्रभारी मंत्री जिले के विधायकों नारायण चंदेल, केशव चंद्रा, सौरभ सिंह, श्रीमती इंदु बंजारे, राम कुमार यादव से चर्चा की और उनकी समस्या तथा मांग पर कलेक्टर को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए । बैठक में प्रभारी मंत्री द्वारा कोविड अस्पताल की तैयारी, टीकाकरण, सामान्य स्वास्थ्य सुविधा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वाहनों की व्यवस्था की समीक्षा की।
अन्य राज्यों से मजदूरों को लाने के लिए चलेंगी 12 विशेष ट्रेनें, आठ हजार की होगी घर वापसी
12 special trains will run to bring laborers from other states, eight thousand will return home



दंपती ट्रेन के सामने कूदे पत्नी की मौत, पति गंभीर

दंपती ट्रेन के सामने कूदे पत्नी की मौत, पति गंभीर


शुक्रवार की रात घरेलू विवाद के बाद अपने घर से निकले सुकली के विजेंद्र राठौर ने अपनी पत्नी श्रद्धा राठौर के साथ मालगाड़ी के सामने कूदकर जान देने का प्रयास किया। इससे उसकी पत्नी श्रद्धा की तो मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन विजेंद्र को गंभीर अवस्था में पहले जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से उसे बिलासपुर रेफर कर दिया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
जांजगीर थाना क्षेत्र के ग्राम सुकली निवासी विजेंद्र राठौर उर्फ लल्लू राठौर जांजगीर मेन रोड में अंडे का थोक व्यवसायी था। उसकी शादी करीब दो साल पहले ग्राम सरखों की श्रद्धा राठौर के साथ हुई थी। विजेंद्र के पिता पीआईएल में कर्मचारी है। उनकी आत्महत्या के प्रयास का वास्तविक कारण क्या है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। क्योंकि श्रद्धा की मौत हो गई है वहीं विजेंद्र का बयान नहीं हो पाया है। पुलिस के अनुसार परिवार के सदस्यों ने बताया कि शुक्रवार की रात को विजेंद्र के घर में उसके माता पिता के साथ विवाद हुआ था। जिसके बाद दोनों पति पत्नी घर से निकल रहे थे। निकलते समय उन्होंने अपनी बाइक से जाने की कोशिश की तो उन्हें बाइक नहीं मिली इसलिए दोनों पैदल ही निकल गए।
माता-पिता से विवाद होना बता रहें: चंद्रा
नैला चौकी प्रभारी ललित चंद्रा के अनुसार घटना का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है। अभी दोनों पक्ष से किसी का बयान नहीं हो पाया है। लेकिन उनके अनुसार मायके पक्ष वालों ने उसके ससुराल वालों के साथ विवाद होने की बात कही है। वहीं विजेंद्र के घर वाले पति पत्नी के बीच विवाद बता रहे हैं।



दूसरे प्रदेश से आए 12 मजदूरों को कापन में किया क्वारेंटाइन

दूसरे प्रदेश से आए 12 मजदूरों को कापन में किया क्वारेंटाइन

दूसरे प्रदेश से आए 12 मजदूरों को कापन में किया क्वारेंटाइन
बाहर से आए बारह मजदूरों को कापन में हॉस्टल में क्वारेंटाइन किया गया है। सभी मजदूर छत्तीसगढ़ बॉर्डर से लिफ्ट लेकर रायपुर पहुंचे फिर वहां से बिलासपुर ओर बिलासपुर से पैदल चलकर ग्राम अर्जुनी के पास टोल प्लाजा तक पहुंचे।

तहसीलदार आकाश गुप्ता को सूचना मिलने पर वे अर्जुनी नाका में पहुंचे ग्राम कापन के सरपंच शंकर लाल गौतम को मोबाइल में सूचना देकर सरपंच ग्राम से दो छोटा हाथी लेकर पहुंचा ओर 12 लोगो को ग्राम कापन दोपहर 3 बजे लाया गया। स्वास्थ्य जांच के बाद सभी को क्वारेंटाइन में रखा गया है।
दूसरे प्रदेश से आए 12 मजदूरों को कापन में किया क्वारेंटाइन
Quarantine of 12 laborers from other states



जांजगीर-चांपा पहला जिला जहां कोरोना से जंग में एनसीसी कैडेट्स का ले रहे हैं सहयोग

जांजगीर-चांपा पहला जिला जहां कोरोना से जंग में एनसीसी कैडेट्स का ले रहे हैं सहयोग

जांजगीर-चांपा पहला जिला जहां कोरोना से जंग में एनसीसी कैडेट्स का ले रहे हैं सहयोग
छग के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर जेएस भारद्वाज ने जांजगीर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना वारियर्स एनसीसी कैडेट्स का हाल जाना। साथ ही उनके द्वारा की जा रही ड्यूटी को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कैडेट्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा जांजगीर राज्य का पहला जिला है जहां एनसीसी कैडेट्स की ड्यूटी ली जा रही है। यह कैडेट्स के लिए देश सेवा का सुनहरा अवसर है। उसके बाद ब्रिगेडियर ने एसपी पारुल माथुर से लॉकडाउन में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। एसपी ने बताया जिले में अभी तक कोरोना का कोई पॉज़िटिव केस नहीं मिला है। सोशल डिस्टेंस का पालन कराने में पुलिस ने दिन रात एक की है। अब एनसीसी कैडेट्स के आ जाने से पुलिस को मदद मिल रही है।

एनसीसी के सैनिक छात्रों को भारतीय सेना के साथ एक सैनिक की ही तरह ट्रेनिंग दी जाती है। इसी कड़ी में जांजगीर, नवागढ़, डभरा, मालखरौदा, जैजैपुर थाने में एनसीसी कैडेट्स को वैकल्पिक कार्य के लिए चुना गया है। इसके तहत कैडेट्स ने मंगलवार से नगर में सेवा देनी शुरू कर दी है। पुलिस विभाग द्वारा चयनित किए गए छात्र सैनिक एनसीसी अधिकारी मनीराम बंजारे एवं दिनेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में सीनियर अंडर ऑफिसर हिमांशु, धनराज, सतीश, गजेंद्र, अजय, अशोक, रवि, योगेश, संदीप, उमाशंकर, अनिल, देवेंद्र, ओमनारायण, रामरतन सूरज, संजू, मुकेश, सुरेंद्र, दिनेश अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
ट्रेनिंग लेने में गर्ल्स कैडेट्स भी नहीं पीछे
लड़कों के अलावा इस आपातकाल में सेवा देने के लिए लड़कियां भी पीछे नहीं है। 11 गर्ल्स कैडेट अंजू, रिया, सुष्मिता, ललिता, प्राची, प्रीति, संजना, ममता, रामलता, ऋतु, शानू शहर के अलग- अलग स्थानों में अपनी सेवा दे रहे हैं। रामलता ने बताया कि एनसीसी के विद्यार्थियों को छात्र एकता और अनुशासन के उद्देश्य के साथ भारतीय सेना की निगरानी में विकट परिस्थितियों से निपटने की कठोर ट्रेनिंग दी जाती है।
जांजगीर-चांपा पहला जिला जहां कोरोना से जंग में एनसीसी कैडेट्स का ले रहे हैं सहयोग
Janjgir-Champa is the first district where NCC cadets are taking support from Corona in battle



छत्तीसगढ़ बाल गीत व कहानियों के वीडियो से सीख रहे हैं बच्चे

छत्तीसगढ़ बाल गीत व कहानियों के वीडियो से सीख रहे हैं बच्चे


कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जारी लॉकडाउन के कारण सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो को बंद कर दिया गया है। राज्य सरकार ने ऐसे कठिन समय में भी आंगनबाड़ी केन्द्रों के पंजीकृत गर्भवती व शिशुवती महिलाओं और पंजीकृत छोटे बच्चों को घर में ही पौष्टिक आहार व औपचारिक शिक्षा की व्यवस्था की है। सभी हितग्राही महिलाओं के घर पर ही राशन, रेडी टू ईट पहुंचाया जा रहा है। साथ ही छोटे बच्चों की औपचारिक शिक्षा को जारी रखने के लिए चकमक कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रीति खोखर चखियार से प्राप्त जानकारी के अनुसार चकमक कार्यक्रम के तहत प्रति सोमवार को शार्ट फिल्मों के वीडियो ,मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसमें छत्तीसगढ़ी बोली के बाल गीत और बच्चों को आकर्षित करने वाला आकर्षक वीडियो भी तैयार किया गया है। ऐसे अभिभावक जिनके पास एंड्रायड फोन नही ंहै, उनके बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्वयं अपने मोबाइल से वीडियो दिखाते हैं।
हफ्ते के पांच दिनों में ऐसे दे रहे हैं शिक्षा
सोमवार को अभिनय के साथ गायन, मिट्टी के खिलौने बनाने, ड्रा स्केच पेंट आदि कौशल के संबंध में बताया जाता है। इसी प्रकार मंगलवार को रंगोली, कागज पर अगूंठे का निशान बनाकर आकार बनाना, कागज से पत्ते की आकृति बनाकर, कलर करके कागज पर चिपकाना, बुधवार को चित्र बनाकर रंग भरना, माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी के साथ बाल गीत गाना, माता-पिता के साथ पेड़-पौधों की फोटो खींचना, गुरूवार को पेपर काट कर पत्ते की आकृति बनाना, रंग भरना, क अक्षर से शुरू होने वाले वस्तुओं का एकत्रित करना, शुक्रवार को गाना गाकर डांस करना, माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी से कहानी सुनना, बिंदुओ को जोड़कर चित्र बनाना आदि गतिविधियों को शामिल किया गया है।

शनिवार, 2 मई 2020

अत्यावश्यक सेवा पास लगाकर हो रही शराब की तस्करी, 8 पेटी जब्त

अत्यावश्यक सेवा पास लगाकर हो रही शराब की तस्करी, 8 पेटी जब्त

अत्यावश्यक सेवा पास लगाकर हो रही शराब की तस्करी, 8 पेटी जब्त
दुर्ग सिटी पुलिस ने शुक्रवार को राजेंद्र पार्क पर 66 रुपए कीमत की करीब 8 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। जब्त वाहन में अत्यावश्यक सेवा पास लिखा हुआ था। बुधवार की रात स्मृतिनगर चौक पर विवेक प्रताप सिंह को पड़ा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। इसके साथ ही पुलिस अवैध शराब के खिलाफ मुहीम छेड़ दी है। स्मृति नगर में पकड़ाए शराब तस्कर विवेक प्रताप सिंह ने गिरोह से जुड़े आधा दर्जन लोगों के नाम कबूल किए हैं। दीपक कुकरेजा, अनुराग साहू व ड्राइवर शेख अब्दुल पकड़े गए हैं। आरोपी अनुराग गुरुवार को विवेक से मिलने अस्पताल गया था। पुलिस जानकारी जुटा रही है।

अनुराग के घर की बाड़ी में तीन बोरियों में रखी थी शराब

भट्टी पुलिस ने सूचना मिलने के बाद तस्कर अनुराग के घर पर दबिश दी। छानबीन की तो घर की बाड़ी में तीन बोरी शराब जब्त हो गई। दोनों के पास एक ही ब्रांड की शराब जब्त की गई है। पुलिस को सूचना मिली है कि केला और अंगूर की गाड़ियों भी बड़ी मात्रा में शराब शहर में लाई गई है। पुलिस ने फलों की गाड़ियों की सूची तैयार कर ली है। पुलिस की पूछताछ में विवेक ने गिरोह में शामिल मिंटू,‌ विशाल, जगदीश,सन्नी, अनुराग, नियाज,अब्बास, हरिद्वारका समेत अन्य के नाम हैं। पुलिस सभी नामों की तस्दीक कर रही है। इधर पुलिस अन्य थाना क्षेत्रों में शराब कोचियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसके लिए इनपुट इकट्‌ठा कर रहे हैं।

चेंकिंग में हुआ खुलासा

राजेंद्र पार्क चौक पर चेकिंग के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने मिली जानकारी के आधार पर सफेद रंग के छोटा हाथी वाहन को रुकवाया। वाहन में अत्यावश्यक वस्तु का पास लगा हुआ था। गाड़ियों में 23 बोरी मेथी रखी थी। इसके नीचे पुलिस को 5 पेटी अवैध शराब मिली। यह शराब रायपुर से लाई जा रही थी

जांच जारी है, किसी की मिली भगत की है खबर

टीम ने जानकारी पुख्ता करने के बाद अवैध शराब का कारोबार करने वाले तीन आरोपियों को पकड़ा है। कुछ अन्य नाम भी सामने आए है। उनकी तस्दीक की जा रही है। किसी की मिली भगत सामने आने पर उन्हें भी नहीं छोड़ा जाएगा। अजय यादव, एसएसपी दुर्ग
Urgent service passes, smuggling of liquor, 8 boxes seized