- किस माह में कितनी चोरी
लाइनलॉस घटाने को बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली निगम ने हर डिवीजन को हर माह एक करोड़ रुपए की बिजली चोरी पकड़ने का टारगेट दिया है। हिसार डिवीजन प्रथम ने पिछले छह माह के दौरान शहर में 512 चोरी के मामले पकड़ते हुए दो करोड़ से अधिक का जुर्माना किया है। लाइन लॉस के चलते बिजली निगम को हर माह लाखों रुपए का घाटा उठाना पड़ता है।
इसमें बिजली चोरी सबसे बड़ा लाइन लॉस है। निगम ने सभी डिवीजनों को बिजली चोरी रोकने के काम को गंभीरता से लेने के आदेश दिए हैं। सभी डिवीजनों के एक्सईएन को हर माह एक करोड़ की बिजली चोरी पकड़ने को कहा गया है।
^बिजली चोरी रोकने लिए सब डिवीजन लेवल पर जूनियर इंजीनियरों के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई है। फरवरी से लेकर अब तक शहर में बिजली चोरी के 512 मामले पकड़े जा चुके हैं।'' बिजेंद्र लांबा, एक्सईएन, बिजली निगम।
माह बिजली चोरी जुर्माना लगाया वसूला
फरवरी49 21 लाख 8 हजार 10 लाख 9 हजार
मार्च 52 25 लाख 75 हजार 13 लाख 35 हजार
अप्रैल 35 23 लाख 32 हजार 17 लाख 69 हजार
मई 97 46 लाख 95 हजार 29 लाख 54 हजार
जून 88 39 लाख 18 हजार 16 लाख 39 हजार
जुलाई 201 1 करोड़ 8 लाख 9 हजार 54 लाख 46 हजार
अकेले हिसार शहर की बात करें तो यहां दोनों सब डिवीजनों में हर माह लगभग चार करोड़ बिजली यूनिटों की सप्लाई की जाती है। इन यूनिटों में से केवल लगभग 73 प्रतिशत यूनिटों का ही बिल बन पाता है। बाकी 27 प्रतिशत यूनिटें गायब ही हो जाती है। इसमें टेक्नीकल लॉस के साथ बिजली चोरी सबसे बड़ा कारण है। शहर में सबसे अधिक चोरी के मामले में सिटी सब डिवीजन में हो रहे हैं। वहीं सभ्य और पॉश कालोनियां समझे जाने वाले सिविल लाइन सब डिवीजन में बिजली चोरियों की कोई कमी नहीं है।
बिजली चोरों से निगम ने वसूल किए एक करोड़ 41 लाख
फरवरीसे लेकर 31 जुलाई तक बिजली निगम की डिवीजन नंबर एक ने 512 मामले बिजली चोरी के मामले में पकड़े है। इन लोगों के खिलाफ निगम ने 2 करोड़ 65 लाख 9 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। इस में से निगम ने अभी तक एक करोड़ 41 लख 52 हजार रुपए वसूल भी कर लिए हैं।

