- जयप्रकाश अस्पताल में स्टाफ नर्स, आया और सफाई कर्मी सभी ने जिम्मेदारी में की खानापूर्ति
भोपाल के जिस जयप्रकाश अस्पताल को कायाकल्प में दूसरे नंबर का अवॉर्ड मिला है। उसी अस्पताल में होम गार्ड जवान पुष्पराज का शव मिलने के बाद लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। सोमवार सुबह 6.30 बजे से गायब पुष्पराज का शव अस्पताल के शौचालय में मंगलवार शाम 4 बजे मिला था। इस मामले में अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुष्पराज के गायब रहने के बीच अस्पताल की सफाई कंपनी के सुपरवाइजर कमल ने राउंड बुक में सोमवार लिखा था कि शौचालय की सफाई की गई है। जिसके अगले दिन शौचालय से पुष्पराज का शव मिला था। हालांकि बाद में सुपरवाइजर ने कहा कि उसने बिना जांच के ही शौचालय के बारे में राउंड बुक में अपनी टीप लिखी थी। इससे अब अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बता दें पुष्पराज के पिता नरेन्द्र सिंह गौतम बेटे की हत्या करने का लगातार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने अस्पताल की जांच कमेटी पर भी सवाल खड़े कर कहा कि जिस अस्पताल में बेटे का शव मिला, उसके ही डॉक्टर निष्पक्ष जांच कैसे कर सकते हैं। उन्होंने दो दिन बाद भी शव पर ताजा खून होने के आरोप लगाए थे। नरेन्द्र सिंह का आरोप है कि उनके बेटे को पहले भगोड़ा बता दिया गया और फिर हत्या की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बहू और परिचितों ने शौचालय की जांच की थी, जिसमें कोई नहीं था। एक रूम बंद था, जिसे खोल कर दिखाने के लिए कहने पर सिविल सर्जन की अनुमति का हवाला दिया गया।
स्टाफ नर्स, आया और सफाई कर्मी पहले बयान से पलटे
जानकारी के अनुसार पुष्पराज की मौत की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने अब तक 10 लोगों के बयान लिए हैं। इसमें तीनों शिफ्ट के सभी स्टाफ के बयान लिए जा रहे हैं। इसमें डॉक्टर, स्टाफ, सफाई कर्मी, आया सभी शामिल है। अभी 8 और लोगों के बयान लिए जाना है। बताया जा रहा है कि पुष्पराज के वार्ड से गायब होने के बाद मेटर्न ने स्टाफ नर्स श्यामली वर्गीस से शौचालय में पुष्पराज को देखने के लिए कहा था।
वर्गीस ने अपनी जिम्मेदारी आया शाहजहां और सफाई कर्मी गीता पर डाल दी। उन्होंने बताया था कि शौचालय में कोई नहीं है, यह जानकारी वर्गीस ने मेटर्न को दी थी। सूत्रों के अनुसार अब जांच कमेटी के बयान में सभी अपनी बात से पलट गए हैं। उन्होंने अपनी सफाई में कहा है कि शौचालय बिना देखे ही किसी के नहीं होने की बात कही थी।
क्या है मामला
होमगार्ड जवान पुष्पराज की कोविड वैक्सीन का दूसरा डाेज लेने के कुछ दिन बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, रविवार सुबह उसे अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया। पुष्पराज के पिता नरेन्द्र सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह 6.30 बजे उससे बात हुई, लेकिन बाद में फोन नहीं उठा रहा था। अस्पताल पहुंचे तो वह नहीं मिला। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से उसे भगोड़ा बताया गया। हालांकि पुष्पराज के पीएम में मौत का कारण हार्ट अटैक से मौत होना बताया गया है।
अस्पताल प्रबंधन ने की कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन ने मामले में लापरवाही के चलते तीन कर्मियों को तत्काल सस्पेंड किया गया। केस की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी स्टाफ के बयान दर्ज कर रही है। इसके बाद अपनी रिपोर्ट अस्पताल के सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक को सौंपेगी। सिविल सर्जन रिपोर्ट को स्वास्थ्य आयुक्त, जिला कलेक्टर और सीएमएचओ को भेज देंगे।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जयप्रकाश अस्पताल के सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने परिजनों के आरोप पर कहा कि हमने जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाई है। कमेटी सभी बिन्दुओं पर जांच कर रही है। परिजनों के आरोप में के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। हमने अपने अधिकार क्षेत्र में कमेटी बनाई है। कमेटी की रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।