- मंगलवार को आज शक्ति भवन में मप्र ट्रांसमिशन कंपनी की समीक्षा करेंगे,
- ऊर्जा मंत्री के औचक निरीक्षण से खलबली, अधिकारी रात भर आंकड़े जुटाने में लगे रहे
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक और प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह अपने औचक निरीक्षण को लेकर चर्चा में रहते हैं। सोमवार रात 11 बजे अचानक वह जबलपुर औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो हड़कंप मच गया। मंत्री प्रद्युम्न सिंह सीधे स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर पहुंच गए। वहां से प्रदेश भर में हो रही बिजली सप्लाई और पावर प्लांटों की उत्पादन क्षमता को देखा। इसके बाद बरगी स्थित जल विद्युत संयंत्र का निरीक्षण करने पहुंच गए। आज मंगलवार को वे ट्रांसमिशन कंपनी की शक्ति भवन में सुबह 11 बजे से समीक्षा करेंगे।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि वह बिजली उत्पादन संयंत्रों, लोड डिस्पैच सेंटर का निरीक्षण कर जानने का प्रयास कर रहे हैं कि बिजली का तंत्र कैसे काम करता है। तभी मैं गड़बड़ियों को आसानी से पकड़ सकता हूं। गर्मी में प्रदेश में बिजली की मांग कम रहती है। इस समय पावर प्लांटों का मेंटेनेंस का कार्य शुरू होगा। वहीं ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का भी काम चल रहा है। बारिश से पहले चरणबद्ध तरीके से ये होना है। इसी का जायजा लेने मैं जबलपुर आया हूं। आज ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारियों संग इसकी विस्तृत समीक्षा शक्ति भवन में करूंगा।
रात 11 बजे पहुंचे स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का औचक निरीक्षण करने
इससे पहले मंत्री तोमर ने सोमवार रात 11 बजे जबलपुर पहुंच कर सीधे स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का औचक निरीक्षण किया। यहां सेंटर के मुख्य अभियंता केके प्रभाकर और शिफ्ट ड्यूटी अभियंताओं से सेंटर की कार्यप्रणाली और मॉनीटरिंग की जानकारी ली।
यहां अभियंताओं ने उन्हें विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में लोड डिस्पैच सेंटर की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ने लाइव रूप से प्रदेश के बिजली सिस्टम को समझा और फिर जानकारी भी ली। ऊर्जा मंत्री इसके बाद रानी अबंतीबाई जल विद्युत गृह बरगी के निरीक्षण के लिए रवाना हो गए। वहां वर्तमान में बन रही बिजली की जानकारी ली।
11 बजे से ट्रांसमिशन कंपनी की करेंगे समीक्षा
ऊर्जा मंत्री आज मंगलवार को सुबह 11 बजे से शक्तिभवन में ट्रांसमिशन कंपनी की समीक्षा करेंगे। इस दौरान एमडी सुनील तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। मंत्री ने ट्रांसमिशन कंपनी से विस्तृत कार्ययोजना मांगी है कि अगले पांच वर्षों में वे किस तरह प्रदेश की बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम को ठीक करने जा रहे हैं। कहां और कितनी क्षमता के नए सब स्टेशन बन रहे हैं। कहां की क्षमता बढ़ाई जानी है। ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर के लिए अब तक क्या कुछ किया जा चुका है।



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