- 25 बीघा में खड़ी फसल प्रभावित, किसानों ने एसडीएम को आवेदन देकर पानी रोकने की मांग की,
- शिकायती आवेदन देने के बाद भी बंबा में पानी की क्षमता को कम नहीं किया गया,
- किसान बोले- अफसरों की लापरवाही से बर्बाद हो गई फसल
नगर के ऐतिहासिक भाटन ताल को भरने के लिए छोड़ा गया पानी बंबा में ओवर फ्लो होने से वह आसपास के खेतों में भर गया। जिससे गेहूं व सरसों की फसल खराब हो गई। जिसको लेकर किसानों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।
वहीं शुक्रवार को स्थानीय किसानों शुक्रवार को एसडीएम आरए प्रजापति को शिकायती आवेदन देते हुए बंबा का पानी तत्काल रोकने की मांग की। खास बात यह है कि खबर लिखे जाने तक सिंचाई विभाग द्वारा बंबा में पानी की क्षमता को कम नहीं किया गया था।
गौरतलब है कि नगर के ऐतिहासिक भाटन ताल को भरने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा पूरे तीन महीने बाद गुरुवार सुबह मुख्य नहर से बंबा में पानी छोड़ा गया था। लेकिन गुरुवार-शुक्रवार देर रात को बंबा पानी से ओवर फ्लो हो गया। जिससे बंबा के आसपास मौजूद खेतों में पानी भर गया।
शुक्रवार सुबह जब किसानों को खेतों में पानी भर जाने की सूचना मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर खेतों से पानी को निकाले का प्रयास किया। वहीं किसानों ने खेतों में पानी भरने के पीछे प्रशासन की लापरवाही होना बताया है।
पानी रोके जाने की मांग
पीडित किसानों ने शुक्रवार को एसडीएम आरए प्रजापति को शिकायती आवेदन तक हुए बंबा का पानी रोकने जाने और उसका मेंटेनेंस कराने की मांग की। इस दौरान रामजी, कल्लू कुशवाह, राम सहाय,छोटे सिंह, कप्तान सिंह, नहार सिंह, स़ुरेश शर्मा,धीरज राठौर, प्रमोद शर्मा, सुदीप शर्मा ने बताया कि गुरुवार को मुख्य नहर से बंबा होते हुए भाटन ताल को भरने के लिए पानी छोड़ा गया था।
पानी की रफ्तार कम होने के साथ ही तालाब तक कम पानी पहुंच रहा था। जिसके चलते रात के समय जब पानी की मात्रा बढ़ाई गई तो बंबा में उफान आने लगा। जिससे रातभर बंबा के आसपास मौजूद गेहूं और सरसों के खेतों में पानी भरने लगा, अभी तक बंबा का पानी आठ से दस खेतों में भरा है, अगर बंबा में पानी के ओवर फ्लो को कम नहीं किया गया तो पानी अन्य खेतों में भी भर जाएगा। वहीं खेतों में पानी भरने से 25 बीघा के करीब फसल खराब हो गई है।
मामले का पता करूंगा
- बंबा में पानी क्षमता से अधिक कैसे छोड़ा गया, वहीं किसानों की कितनी फसल खराब हुई है। इस मामले के बारे में पता करता हूं। - आरए प्रजापति, एसडीएम, लहार
तीन महीने बाद छोड़ा गया है बंबा में पानी
नगर के भाटन ताल तीन महीने तक सूखा पड़ा हुआ था। जिससे नगर का जलस्तर भी 5 से 6 फीट गिर गया था। वहीं नगर के हैंडपंप और स्कीम बोर में भी पानी कम आने लगा था। जिसके चलते तालाब को पानी से भरने के लिए समाजसेवियों ने धरना और आंदोलन तक किए थे। समाजसेवियों की मांग पर प्रशासन ने 90 दिन बाद गुरुवार को तालाब को भरने के लिए पानी छोड़ा था।

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