सोमवार, 22 मार्च 2021

एमपीपीएससी मेन्स पहला दिन:पीएससी - संक्रमित कैंडिडेट्स के लिए पीपीई किट पहने डॉक्टर बने ऑब्जर्वर; हिस्ट्री रही टफ, भूगोल आसान


  • 26 मार्च तक चलने वाली मुख्य परीक्षा के लिए शहर में पांच सेंटर्स बनाए गए, रविवार को 1577 स्टूडेंट्स शामिल हुए

मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) की मुख्य परीक्षा 2019 लॉकडाउन के बीच रविवार से शुरू हो गई। 26 मार्च तक चलने वाली परीक्षा के लिए शहर में 5 सेंटर बनाए गए हैं। पहले दिन परीक्षा में 1577 कैंडिडेट्स शामिल हुए। 75 कैंडिडेट्स अनुपस्थित रहे। एग्जाम सेंटर पर सुबह लाइन लगाकर कैंडिडेट्स को प्रवेश दिया गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सका। पहले दिन सामान्य अध्ययन पेपर-1 (इतिहास -भूगोल) हुआ। इस दौरान कैंडिडेट्स को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, घड़ी सहित परीक्षा केंद्र में प्रतिबंधित चीजें नहीं ले जाने दी।

रविवार को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने सेे पहले कैंडिडेट्स की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई

एग्जाम सेंटर्स में ऑब्जर्वर ने कैंडिडेट्स के हेयर बैंड सहित आभूषण आदि उतरवा कर ही अंदर हाल में प्रवेश करने दिया।

एक दिन पहले पहुंचे कैंडिडेट्स

दूसरे शहरों से परीक्षा देने कैंडिडेट्स शनिवार को ही भोपाल आ गए थे। कई कैंडिडेट्स सुबह भी आए। वहीं परीक्षा शुरू होने के पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई।

संक्रमित कैंडिडेट्स ने अलग कमरे मेें दी परीक्षा

एक्सीलेंस स्कूल में तीन कोरोना पॉजिटिव कैंडिडेट्स ने भी परीक्षा दी। इस दौरान यहां ऑब्जर्वर के रूप में दो डॉक्टर्स की ड्यूटी लगाई गई। पूरे समय डॉक्टर्स पीपीई किट पहने रहे। इनके लिए अलग से कमरा था। इनकी एंट्री भी दूसरे गेट से हुई थी। सामान्य कैंडिडेट्स के साथ इन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।

बसों की व्यवस्था रही
कैंडिडेट्स के आने-जाने के लिए लो फ्लोर बसों की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा समाप्त होने तक बसें सेंटर्स के बाहर खड़ी रहीं। परीक्षा के बाद बाहर के कैंडिडेट्स रवाना हुए। अधिकतर कैंडिडेट्स अपने साधनों से आए थे।

- Dainik Bhaskar

इस बार नया

पुरानी आंसरशीट के फॉर्मेट ने दिया सरप्राइज
आयोग ने पहले आंसरशीट का नया फॉर्मेट जारी किया था। कैंडिडेट्स ने भी उसी हिसाब से परीक्षा की तैयारी की थी। जिसमें निर्धारित स्पेस में आंसर लिखना था। लेकिन परीक्षा में पुरानी आंसरशीट का ही उपयोग किया गया। जो प्रतिभागियों के लिए एक सरप्राइजिंग रहा।

हिस्ट्री ने कैंडिडेट्स को किया परेशान
सिविल सर्विस एक्सपर्ट लक्ष्मी शरण मिश्रा ने बताया हिस्ट्री का पेपर ओवर ऑल कठिन रहा। इसमें ज्यादातर सवाल वो पूछे गए जो अभी तक लोगों ने सुने ही नहीं। वहीं दूसरे सत्र में हुआ भूगोल का पेपर आसान रहा। जिसने कैंडिडेट्स को थोड़ी राहत दी।

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