बुधवार, 17 मार्च 2021

आज से ऐसे बदल जाएगी इंदौरी नाइट:जरूरी काम हो तो ही निकलें रात 10 बजे बाद, बिना मास्क दिखे तो 200 रुपए जुर्माना, चेकिंग दल से विवाद किया तो शासकीय कार्य में बाधा का केस

कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए आज रात 10 बजे से फिर नाइट कर्फ्यू

देश में कोरोना के हर रोज हजारों मामले सामने आ रहे हैं तो वहीं अनलॉक की प्रक्रिया के बीच लोग शारीरिक दूरी और चेहरे पर मास्क नहीं लगा रहे हैं. लोग बिना मास्क के सड़कों पर घूम रहे हैं और पुलिस ऐसे लोगों का चालान काट रही है.

भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या मंगलवार, 14 जुलाई को 9,06,752 पहुंच गई. वहीं मृतकों की संख्या की बात की जाए तो देशभर में अब तक इस महामारी के कारण 23,727 मौतें हो चुकी हैं. दो लाख साठ हजार मामलों के साथ महाराष्ट्र देश में सबसे अधिक मामलों के साथ पहले स्थान पर है. वहीं तमिलनाडु में अब तक एक लाख 42 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं. तीसरे नंबर पर राजधानी दिल्ली है जहां पर अब तक 1,13,740 लोग संक्रमित हो चुके हैं और हर रोज हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं.

दूसरी ओर देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए कई शहरों में दोबारा लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट की माने तो अनलॉक की वजह से मामले बढ़े हैं और संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं. गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत में सरकारी बसों को फिर से बंद कर दिया गया है. वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार शाम से एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाया गया है.

दूसरी ओर कर्नाटक सरकार ने 14 से 23 जुलाई तक लॉकडाउन बेंगलुरू में लागू किया है. महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भी 13 जुलाई से 10 दिनों का लॉकडाउन लागू हो गया है. नवी मुंबई में 19 जुलाई तक के लिए तालाबंदी बढ़ा दी गई है. बिहार के पटना, पूर्णिया और कैमूर में लॉकडाउन को 16 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. उत्तर प्रदेश में तो हर सप्ताहांत पर संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा, क्योंकि यूपी में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. श्रीनगर में भी लॉकडाउन लगाया है और कंटेनमेंट जोन का विस्तार किया गया है.

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कुछ ऐसे भी लोग हैं जो प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और पुलिस उनसे भारी जुर्माना भी वसूल रही है. देश के बड़े शहरों में अब भी संक्रमण से बचने के लिए लोग जरूरी चीजों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं जैसे कि हैंड सैनिटाइजर और मास्क जो कि "न्यू नॉर्मल" हो चुका है.

दिल्ली के टैक्सी ड्राइवर मनीष तिवारी कहते हैं पिछले महीने टैक्सी सड़क पर दोबारा उतारने के बाद उनको 500 रुपये के दो चालान आ गए हैं. जिससे उनकी दो दिनों की कमाई चली गई. मनीष कहते हैं, "मास्क लगाना बिलकुल भी आरामदायक नहीं है, जब मैं मास्क लगाता हूं तो सांस लेने में मुश्किल होती है. जब टैक्सी में सवारी होती है तो मुझे मास्क लगाना पड़ता है. यात्री के उतरने के साथ ही मैं मास्क उतार देता हूं. ऐसे में मैं पुलिस के लिए आसानी से शिकार बन जाता हूं."

देश के प्रधानमंत्री भी संक्रमण को लेकर "लापरवाही" बरतने वालों की आलोचना कर चुके हैं. बढ़ते मामलों के साथ देश में एक और चिंता यह बनी हुई है कि कोरोना का संक्रमण चरम पर नहीं पहुंचा है. लेकिन क्या अमीर और क्या गरीब सभी कहते हैं उन्हें मास्क पहनने में असुविधा होती है और उसे लगाने के बाद अजीब सा महसूस होता है. सड़कों पर ऐसे लोग दिख जाएंगे जिन्होंने सही तरीके से मास्क नहीं पहना है. जिन्होंने पहना भी है तो उनके नाक और मुंह सही तरीके से ढंके नहीं है. कई लोग तो ऐसे हैं जो मास्क पहनते ही नहीं हैं.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मार्च से लेकर अब तक 42,000 लोगों पर जुर्माना लग चुका है. गुजरे रविवार को ही 792 ऐसे लोगों का चालान कटा जिन्होंने मास्क नहीं पहना और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया. देशभर की पुलिस इस तरह से जुर्माना वसूल कर लाखों रुपये सरकारी खजाने में जमा कर रही है.

जुर्माने की रकम हर शहर में अलग है. बेंगलुरू में जहां जुर्माना 200 रूपए  है तो वहीं मुंबई में यह एक हजार है. बेंगलुरू पुलिस कमिश्नर हेमंत निबंलकर ने ट्विटर पर घोषणा की थी उनकी पुलिस ने मास्क नहीं लगाने पर 10 लाख रुपये से अधिक जुर्माना एक महीने में वसूल किया. साथ ही उन्होंने कहा कि यह गर्व करने वाली बात नहीं है. उन्होंने लोगों से सामाजिक दूरी के नियमों का सम्मान करने की अपील की.

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में जो लोग नियम तोड़ते हैं और जुर्माना नहीं भरते हैं उन्हें सामाजिक दूरी पर चार घंटे की क्लास में जाना पड़ता है और साथ ही साथ 500 बार लिखना पड़ता है- "मास्क लगाना है." लेकिन संदेश आम इंसान तक पहुंचना अब भी मुश्किल है. हैदराबाद के मंदिर के बाहर धार्मिक चिन्ह बेचने वाले हरीष कुमार कहते हैं उनका भारी वजन पहले ही सांस लेने में दिक्कत पैदा करता आया है और मास्क लगाने के बाद सांस लेना और कठिन हो जाता है. हरीष कहते हैं, "जब मैं दुकान में होता हूं तो मास्क उतार देता हूं और जब बाहर जाता हूं तो मास्क लगा लेता हूं."

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