सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

सहकारिता विभाग:डेढ़ लाख संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ


  • मार्कफेड ने 101 लोगों काे किया नियमि
  • ,जून 2018 के नियमाें के आधार पर बनाया सेटअप

विभिन्न विभागाें में कार्यरत डेढ़ लाख संविदा कर्मचारियाें के नियमितीकरण का रास्ता साफ हाे गया है। वजह यह है कि सहकारिता विभाग के तहत आने वाले राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने संविदा पर कार्यरत 101 कर्मचारियाें काे नियमित कर दिया है।

इसके लिए मार्कफेड ने 5 जून 2018 काे शासन द्वारा जारी संविदा नियमाें काे आधार बनाकर सेटअप में बदलाव करवाकर यह कदम उठाया। मार्कफेड ने 2015 में 101 क्षेत्रीय सहायकों की भर्ती की थी। संविदा कर्मचारियाें के संघाें द्वारा पिछले 12 साल से संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए लगातार आंदोलन किए गए। इस कारण सामान्य प्रशासन विभाग काे 5 जून 2018 को संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के नए नियम बनाना पड़ा।

मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि जीएडी ने तमाम विभागाें से संविदा कर्मचारियाें के बारे में समय- समय पर जानकारी मांगी। इसके बावजूद ज्यादातर विभागाें ने जानकारी नहीं भेजी। डेढ़ साल पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी वचन पत्र में संविदा कर्मचारियाें काे नियमित करने का वादा किया था।

प्रावधान: जो जहां काम कर रहा है, उसे वहीं नियमित किया जाए

जो संविदा कर्मचारी नियमित पदों के विरुद्ध संविदा पर कार्य कर रहे हैं उन्हें वहीं नियमित कर दिया जाए।

जहां भी संविदा कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहें और जिन्हें पांच साल से ज्यादा हो गए, विभागीय सैटअप में बदलाव कर प्रशासकीय विभाग ही उन्हें नियमित कर सकता है।

जिस विभाग में नियमित पदों की भर्ती निकले, उसमें 20% पदों संविदा कर्मचारियों के लिए अारक्षित रखे जाएं।

मार्कफेड ने ऐसे किया यह काम : मार्कफेड ने विभागीय सेटअप में बदलाव कर 284 नियमित पदों के स्थान पर 385 पदों का सृजन कर नए सैटअप काे मंजूर कराया। इसमें संविदा के 101 क्षेत्रीय सहायकों के पद भी शामिल थे।

इसलिए पिछड़ा : 5 जून 2018 काे नियमाें के साथ जीएडी द्वरा जारी आदेश में जिन विभागों के नाम का जिक्र था उन्होंने अभी तक काेई कदम नहीं उठाया।

किन विभागाें में काम कर रहे हैं कितने संविदा कर्मचारी

पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग 18000 स्वास्थ्य विभाग 24000 ऊर्जा विभाग 7000 राज्य शिक्षा केन्द्र 3200 महिला बाल विकास विभाग 1600 खेल एवं युवक कल्याण विभाग 1200 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 1500 नगरीय प्रशासन विभाग 800 सामान्य प्रशासन विभाग 450 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 850

  • राज्य शिक्षा केन्द्र, सर्वशिक्षा अभियान, रोजगार गारंटी परिषद, जिला स्वास्थ्य समिति का नाम प्रमुख रूप से शामिल था।

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