कृषि के तीन कानून व बढ़ती महंगाई के विरोध में शनिवार को कांग्रेस ने ठेले पर बाइक व सिलेंडर रख बैलगाड़ी के साथ रैली निकाली। किला गेट से निकली रैली मुख्य चौराहों से होकर नपा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पहुंची। यहां कांग्रेसियों ने रघुपति राघव राजा राम, सबको सन्मति दे भगवान गाकर महात्मा गांधी से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की। एसडीएम सत्येंद्रसिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पूर्णा ठाकुर, दिनेश यादव, बलिराम पटीदार, रवि नाईक, नीमा गौर, महेश पाटीदार, राजेश मंडलोई, अल्ताफ आजाद, शाहरुख मिर्जा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल रहे।
बराबर से चले विधायक व पूर्व विधायक
विधायक रवि जोशी व पूर्व विधायक परसराम डंडीर पूरी रैली में कंधे से कंधा मिलाकर रहे। सिद्धि विनायक मंदिर से साथ होकर गांधी प्रतिमा तक साथ में चले। दोनों की चर्चा भी हुई। एक माह के बाद नगर पालिका व ग्राम पंचायत चुनाव है। समन्वय से चुनाव जीतने का प्रयास किया जा रहा है। दो साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों ने साथ में प्रचार किया था।
मप्र में सबसे ज्यादा वेट टैक्स
विधायक रवि जोशी ने कहा केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर के सबसे ज्यादा दाम कर दिए हैं। 2014 के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महंगाई डायन लगती थी। मप्र सरकार देश में सबसे ज्यादा वेट टैक्स ले रही है। सड़क से संसद तक घेराव की चेतावनी दी। संभावित नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव के चलते रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल हुए। विभिन्न पदों के दावेदर शहर सहित गांवों से अपने साथ 5 से 10 समर्थक साथ लेकर आए। बस स्टैंड गजानंद सोनी व डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
1 से 8 तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा अगले माह तो वार्षिक परीक्षा फरवरी-मार्च में
कोरोना के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक की परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अगले महीने यानी जनवरी में अर्द्धवार्षिक परीक्षा होगी। वहीं फरवरी और मार्च में वार्षिक मूल्यांकन होगा।
यह मूल्यांकन वर्कशीट के आधार पर होगा। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को वर्कशीट दी जाएगी। इसके आधार पर उनका अर्धवार्षिक एवं वार्षिक मूल्यांकन होगा। विद्यार्थियों का अर्धवार्षिक मूल्यांकन जनवरी में एवं वार्षिक मूल्यांकन फरवरी एवं मार्च में होगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध सभी शासकीय शालाओं में शिक्षण सत्र 2020 -21 में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों के अर्धवार्षिक मूल्यांकन (प्रतिभा पर्व) एवं वार्षिक मूल्यांकन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब इस आधार पर प्रदेश के सभी जिलों में परीक्षा होगी।
ऐसे होगी पहली से आठवीं तक की परीक्षा और मूल्यांकन
{कक्षा पहली एवं दूसरी के बच्चों को शालाओं से ही अभ्यास पुस्तिका दी जाएगी। जिसके अंत में वर्कशीट होगी। इसमें हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित विषय के प्रश्न होंगे।
{कक्षा तीसरी से आठवीं तक के बच्चों को दी जाने वाली वर्कशीट में कौशल आधारित प्रश्न और प्रोजेक्ट वर्क होगा। वर्कशीट में ही प्रश्नों के उत्तर और प्रोजेक्ट वर्क लिखने के लिए स्थान रहेगा। वर्कशीट में 60 प्रतिशत लिखित एवं 40 प्रतिशत अंक प्रोजेक्ट कार्य के आधार पर दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट वर्क में छात्रों से कोई मॉडल नहीं बनवाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट वर्क घर में उपलब्ध रोजमर्रा की सामग्री के आधार पर या घर के सदस्यों से पूछकर पूरे किए जा सकेंगे।
{विद्यार्थियों का अर्धवार्षिक मूल्यांकन 20 से 30 जनवरी के मध्य एवं वार्षिक मूल्यांकन 15 से 28 फरवरी और 10 से 20 मार्च के बीच किया जाएगा। परीक्षाफल का निर्धारण अर्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। ‘हमारा घर-हमारा विद्यालय’ अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों के सह-शैक्षिक एवं व्यक्तिगत सामाजिक गुणों का मूल्यांकन कर ग्रेड का निर्धारण करेंगे।
शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए रहें तैयार
आगामी दिनों में नगर निगम और नगरीय निकाय चुनाव होना है। इस बीच लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त करने का आदेश जारी किया है। डीईओ को जारी आदेश में कहा है कि जल्द अटैचमेंट समाप्त किया जाए ताकि शिक्षक अपने स्कूलों में पहुंच सकें। इससे जिले के शिक्षकों को फायदा होगा और वे फिर से अपने स्कूलों में लौट सकेंगे।
अभी कई शिक्षक निवार्चन ड्यूटी दे रहे हैं तो कई शिक्षक एसडीएम कार्यालय में अटैच हैं। वहीं कई शिक्षक तो बीईओ कार्यालयों में भी सेवाएं दे रहे हैं। जबकि उनकी ड्यूटी बच्चों को पढ़ाने की है। लोक शिक्षण संचालनालय को पिछले कई दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्य में लगे हुए हैं। ऐसे में संचालनालय के संचालक केके द्विवेदी ने प्रदेश के सभी डीईओ को आदेश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने आदेश में लिखा है कि अभी भी प्रदेश के कई जिलों में आदेश के बाद भी शिक्षकों को अटैच कर रखा है। यह स्थिति खेदजनक है। इससे जिले में जितने भी शिक्षकों का अटैचमेंट है उन्हें फिर से मूल पदांकित संस्था में भेजे। इसका पालन कड़ाई से करना सुनिश्चित करे। अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश से स्कूलों में टीचर की कमी होगी दूर
मप्र शिक्षक संघ के सर्वेश माथुर ने बताया संघ द्वारा पिछले कई दिनों से यह मुद्दा उठाया जा रहा था और लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। वर्ष 2019 में हुई परामर्शदात्री की समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद कलेक्टर ने 15 दिन में सूची बनाने के आदेश जारी किए थे। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। आदेश का स्वागत करते हैं। लेकिन आदेश पर अमल भी होना चाहिए। ऐसा ना हो कि पहले के आदेश की तरह इस आदेश का हश्र हो जाए।
बिजली की दुकान चलाने वाला और सूर्या कंपनी का कर्मचारी निकला संक्रमित
जिले में शनिवार को 46 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। घासमंडी में रहने वाला युवक बिजली की दुकान चलाता है। उसे पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
जांच कराई तो वह पॉजिटिव निकला। सिटी सेंटर, स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान में पदस्थ कर्मचारी के बाद उनकी पत्नी और बेटा संक्रमित निकला है। यह कर्मचारी बीते रोज ही संक्रमित निकला था। पिंटो पार्क निवासी महिला को गर्भपात कराना था। डॉक्टरों ने उसे जांच कराने के लिए कहा तो उसे कोरोना होने की पुष्टि हुई। कुंज बिहार कॉलोनी निवासी और नारायण बिहार कॉलोनी में रहने वाले एक-एक युवक को कोरोना होने की पुष्टि हुई है।
बहोड़ापुर निवासी युवक के पिता डॉक्टर हैं। युवक पिछले दिनों अपने मामा के घर गया था। मामा को काेरोना होने की पुष्टि होने के बाद युवक ने जांच कराई तो वह भी पॉजिटिव आया। कंपू निवासी महिला बेंगलुरु में नौकरी करती है और चार माह पूर्व उसने एक बेटी का जन्म दिया। महिला 6 दिसंबर को अपने घर आई तो उसे बुखार आने लगा। महिला ने अपनी और 4 माह की बेटी की जांच कराई, इसमें महिला तो संक्रमित निकली, लेकिन बेटी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
प्लेटफॉर्म बदलने से नाराज स्टॉल संचालकों ने बंद कर दीं दुकानें
रोजाना चलने वाली ट्रेनों को दूसरे प्लेटफॉर्म से गुजारने को लेकर शनिवार रात स्टेशन के स्टॉल संचालक नाराज हो गए। अधिकारियों को समस्या बताने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सभी ने लाइट बंद करके स्टॉल भी बंद कर दी। ट्रेन आने पर भी सामान नहीं बेचा।
स्टॉल संचालक सचिन ने बताया दूसरे प्लेटफॉर्म से ट्रेन गुजारने या लेटलतीफी होने पर खाद्य सामग्री बिगड़ जाती है। जानकारी मिलने पर स्टेशन मैनेजर विजय सिंह सिसौदिया ने पहुंचकर स्टॉल संचालकों से समझाया। वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ। अभी स्पेशल ट्रेनों के समय में बदलाव किया है।

0 coment rios:
Hi friends