नए कृषि कानून को वापस लेने और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग को लेकर किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए गए जिले के किसानों को गत दिवस नेशनल हाईवे 3यूपी बॉर्डर पर पुलिस ने दिल्ली जाने से रोक दिया। इस बात से नाराज किसानों ने मंगलवार को मप्र किसान सभा के बैनर तले किसान शहर के गांधी मार्केट में किसान केंद्र सरकार के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नए कृषि कानून को वापस लेने और एमएसपी मूल्य की गांरटी देने की मांग की।
धरन प्रदर्शन के दौरान किसान सभा जिलाध्यक्ष राजीव दीक्षित ने बताया कि 25 अक्टूबर की रात को 40 से अधिक किसान दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए गए हुए थे। लेकिन किसानों को एनएच 3 यूपी बॉर्डर पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक लिया। जिसके बाद नाराज किसान अपने घर वापस लौट आए। दिल्ली न पहुंचने के चलते आज किसान केंद्र सरकार के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं।
मांगे पूरी होने के बाद खत्म होगा धरनाः धरने पर बैठे किसान सभा पदाधिकारियों और किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जब-तक किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब-तक हमारा यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार अंग्रेजों की तरह किसानों के साथ व्यवहार कर रही है। केंद्र सरकारी की किसान दमन विरोधी नीतियों के खिलाफ हमारी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। इस मौके पर रामलखन दंडोतिया, श्रीकृष्ण वाल्मीकि,राम कुमार त्रिपाठी, अनूप सिंह, मुन्नालाल बाथम,तेज सिंह कुशवाह, राजेश बघेल, मुकेश बघेल,शैलेन्द्र सिंह राजावत,भान सिंह कुशवाह, कल्लू पहलवान आदि मौजूद रहे।
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