जिले भर में 9वीं से 12वीं तक की नियमित कक्षाएं शुक्रवार से प्रारंभ हो गई हैं, लेकिन स्कूल खुलने के पहले दिन मात्र 20 से 25 फीसदी छात्र-छात्राएं ही स्कूल पहुंचे। हालांकि जो भी छात्र-छात्राएं स्कूल आए थे, उन्हें कोविड की गाइड के अनुसार एक बैंच पर सिर्फ एक छात्र को ही बैठाकर उनको अध्ययन कराया गया। इतना ही नहीं स्कूल में प्रवेश से पहले उनके हाथों को भी सैनिटाइज करवाया गया। इसके अलावा छात्रों को हिदायत दी गई कि वे एक समूह में न तो बैठे और न ही किसी प्रकार की वस्तु का आदान प्रदान करें।
शहर की शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य हृदयेश दुबे ने बताया कि स्कूल खुलने के पहले दिन छात्राएं कम ही आईं हैं। 9वीं में 168 में से 20, 10वीं में 88 में से 25, 11वीं में 161 में से 33 और 12 वीं में 142 में से 30 छात्राएं ही स्कूल आई है। एक बैंच पर एक-एक छात्रा को ही बैठाकर उनकी पढ़ाई करवाई जा रही है। जो छात्राएं आई है, उनके पालकों से आने की सहमति पत्र लिया गया है।
गांवों से आते हैं विद्यार्थी, साधन न होने से दिक्कत
कलेक्टाेरेट कालोनी स्थित शासकीय हाईस्कूल में 104 छात्र-छात्राओं में से मात्र 45 विद्यार्थी ही आए थे। हाईस्कूल की प्राचार्य कमलश्री नीखरा ने बताया कि उनके स्कूल में 11 गांव के बच्चे पढ़ने के लिए आते है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण वाहन सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस कारण भी बच्चे स्कूल नहीं आ पा रहे है । जो भी विद्यार्थी आए है, उनके पालकों से सहमति पत्र लिए गए हैं।
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