जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार से 10वीं और 12वीं की कक्षाएँ नियमित रूप से शुरू हो गईं। नियमित क्लासों को लेकर छात्र काफी उत्साहित नजर आए। मास्क लगाकर स्कूल पहुँचे छात्रों ने प्रवेश के दौरान न सिर्फ हैंड सेनिटाइज किए, बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रखा।
बावजूद इसके कई अभिभावक अभी भी कोरोना संक्रमण को लेकर चिंतित हैं। सरकारी के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी छात्रों की संख्या काफी कम रही। छात्रों की कम संख्या की वजह सप्ताहांत होना और फुल टाइम क्लासेस लगना बताया जा रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि सोमवार से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी। छात्रों को पढ़ाई की तो पेरेंट्स को सेहत की चिंता } बच्चों को पढ़ाई की चिंता है, तो उनके पेरेंट्स को कोरोना से खतरे की। अभिभावक चाहते हैं कि बच्चे की पढ़ाई में कोई कमी न रहे, जिससे बोर्ड एग्जाम में अच्छे नंबर आएँ। शायद यही वजह है कि उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल जाने की सहमति दी है।

मॉडल पहुँचे सिर्फ 87 छात्र
पहले दिन शासकीय के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही। सबसे कम 15 छात्र हाईस्कूल कजरवारा में पहुँचे। वहीं पं. लज्जा शंकर झा शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (मॉडल स्कूल) में 10वीं-12वीं के कुल 526 छात्र हैं, जिनमें से सिर्फ 87 बच्चे ही शुक्रवार को पहुँचे। कुछ निजी स्कूलों में क्लास की बजाय केवल पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) कराकर बच्चों को स्कूल भेजने अभिभावकों को प्रेरित किया गया।
पुराने फ्रेंड्स मिले
मुझे स्कूल आकर काफी अच्छा लगा। बोर्ड एग्जाम है तो पढ़ना भी जरूरी है। मैं आॅटाे से स्कूल पहुँची, जहाँ कई महीने बाद स्कूल फ्रेंड्स और टीचर्स से मिलकर काफी अच्छा लगा। मैंने सेफ्टी का ध्यान रखा। - कशिश पटेल, स्टूडेंट
अच्छी हुई पढ़ाई
ऑनलाइन स्टडी तो हाे रही है, लेकिन क्लासरूम में टीचर्स का पढ़ाना अच्छा लगता है। वैसे क्लासेस लगनी स्टार्ट हो चुकी थीं, कुछ ही बच्चे आते थे, लेकिन आज काफी बच्चे क्लास में उपस्थित रहे। पूरे पीरियड्स लगे।
- नीलू श्रीवास, स्टूडेंट
डाउट्स क्लियर हुए
मैं मैथ्स-साइंस का छात्र हूँ । मुझे स्कूल जा कर पढ़ाई करना अच्छा अॉप्शन लगता है। स्कूल खुलते ही मैं शाला आया। जाे भी काॅन्सेप्ट क्लीयर नहीं थे, उन्हें टीचर्स से क्लियर किया। सारे पीरियड्स लगे।
- साहिल जायसवाल, स्टूडेंट
स्कूलों का कराया गया निरीक्षण
शुक्रवार को स्कूल खुलने के पहले दिन स्कूलों का निरीक्षण कराया गया। वहाँ पर स्टाफ की उपस्थिति पूरी रही, लेकिन छात्रों की संख्या काफी कम रही। उपस्थिति शत-प्रतिशत कराने और पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश सभी को दिए गए हैं।
-घनश्याम सोनी प्रभारी डीईओ
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