शनिवार, 31 अक्टूबर 2020

तीन पर प्रकरण दर्ज, मलबे से निकाला ग्रामीण का शव

तीन पर प्रकरण दर्ज, मलबे से निकाला ग्रामीण का शव

उज्जैन-कोटा मार्ग पर ब्रिज के निर्माणाधीन स्लैब के गिरने के मामले में माकड़ौन थाना पुलिस ने ठेकेदार, इंजीनियर व लैब टेक्नीशियन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया। वहीं गुरुवार देर रात करीब डेढ़ बजे मलबे में दबी एक 60 वर्षीय ग्रामीण की लाश मिली। जिसकी शिनाख्त ग्राम पारसी निवासी गेंदालाल पिता कनीराम बंजारा के रूप में हुई हैं।

परिजनों ने बताया कि गेंदालाल पास ही कालीसिंध नदी में नहाने गया था। आशंका है कि ब्रिज व स्लैब के नीचे से गुजर रहा होगा तभी हादसा हो गया। सेतु विभाग के ईई एसके अग्रवाल ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए भोपाल से उच्च स्तरीय दल के आने की संभावना है।

माकड़ौन थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि लोनिवि उप संभाग तराना एसडीओ आरके कटारिया की शिकायत पर मंगलम बिल्डकॉन गुजरात के ठेकेदार एलएन मालवीय, कंपनी के फील्ड इंजीनियर पवन मालवीय एवं लैब टेक्नीशियन सुनील कुलकर्णी के खिलाफ धारा 286 व 337 में प्रकरण दर्ज किया है।

गौरतलब है कि उज्जैन-कोटा मार्ग पर माकड़ौन तहसील के ग्राम पाट के पास 15 करोड़ की लागत से बन रहे इस ब्रिज का निर्माणाधीन स्लैब का हिस्सा गिरने से गुरुवार दोपहर छह मजदूर घायल हो गए। जबकि एक ग्रामीण गेंदालाल की मलबे में दबने से मौत की पुष्टि भी हुई हैं। घटना के बाद एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल के साथ मौके पर पहुंचे कलेक्टर आशीष सिंह ने इंजीनियर रघुनाथ सूर्यवंशी को निलंबित कर ठेकेदार पर धारा 387 में एफआईआर करवाने के निर्देश दिए थे।

भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पूसिंह चंद्रावत ने बताया मृतक गेंदालाल के परिजनों को पंचायत की तरफ से अंत्येष्टि सहायता 5000, सहयोग राशि 5000 रुपए तत्काल दिए हैं। साथ ही सांसद अनिल फिरोजिया के प्रयासों से मुख्यमंत्री सहायता योजना में कलेक्टर द्वारा 2 लाख की सहायता मंजूर की है। मुख्यमंत्री संबल योजना में 4 लाख रुपए का प्रमाण पत्र भी परिजनों को सौंपा गया।

कंधे पर हाथ की जगह पैर दिखाई दे रहा है
मलबे में वृद्ध बुरी तरह से दबा हुआ मिला। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसके बाएं कंधे के हाथ की जगह पैर दिखाई दे रहा था। ऐसे में राहत टीम ने तत्काल पोकलेन से मलबा हटाया और वृद्ध को निकाला। ग्राम पारसी के सरपंच प्रतिनिधि मुकेश नायक ने बताया कि मृतक मजदूरी करता था। उसका एक बेटा मजदूरी के लिए बीकानेर गया हुआ था। उसे भी सूचना देकर बुलाया गया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा और ग्रामीणों ने पारसी में अंतिम संस्कार किया।




Case registered on three, body of villager removed from rubble


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