शहर में कोरोना से मृत्यु की दर में वृद्धि हुई है या फिर उसकी दहशत में यह तो तय नहीं, लेकिन इन दिनों औसतन 20 से अधिक शव वाहनों की बुकिंग केवल नगर निगम के फायर ब्रिगेड में दर्ज की जा रही है जबकि पिछले माह तक इसका औसत 15 के आसपास रहा। इतनी अधिक संख्या में बुकिंग के कारण कई परिजनों को शव वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं निगम के 3 शव वाहन कोविड से होने वाली मौतों के लिए पहले ही अलग कर दिए गए हैं।
नगर निगम, फायर ब्रिगेड में गुरुवार दोपहर भारी गहमा-गहमी थी क्योंकि बुकिंग 25 शवों की थी जबकि वाहन केवल 7 थे। ऐसे में कई परिजनों को वाहनों के लिए मना किया गया जो कि बड़ा मुश्किल कार्य था। इस वजह से कुछ शवों को केवल श्मशानघाट तक छोड़ने की शर्त रखी गई।
नेताओं व अधिकारियों की आ रही एप्रोच
शव वाहनों के लिए रोजाना निगम अधिकारियों के पास नेताओं से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक की एप्रोच आ रही है। इन दिनों इतनी अधिक संख्या में मृत्यु हो रही है कि वाहन कम पड़ गए हैं। शहर में सिंधी समाज, जैन समाज, हिन्दू पंजाबी एसोसिएशन, भारत सेवा श्रम और केंट बोर्ड के भी शव वाहन चलते हैं, उसके बाद भी इतनी परेशानी होना चिंताजनक है।
अगस्त तक तो फिर भी ठीक रहा औसतन 15 बुकिंग आती थी तो मैनेज कर लिया जाता था, लेकिन सितम्बर माह में बुकिंग की संख्या 20 से अधिक ही हो रही है। हमारे पास 7 वाहन हैं और उन्हीं से जैसे-तैसे लोगों की मदद की जा रही है।
-कुशाग्र ठाकुर, फायर अधीक्षक
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