रवींद्र भवन परिसर मेंं खाली जमीन पर नगर निगम ने जापान की मियावाकी पद्धति से 180 स्क्वाॅयर मीटर में पौधरोपण किया है। दो लाख रुपए से अधिक की लागत से लगभग 35 प्रजाति के 650 पौधे रोपे गए। आश्चर्य की बात यह है कि रवींद्र भवन के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब रवींद्र भवन कार्यालय के पदाधिकारियों को पता चला तो उन्होंने इस पर आपत्ति ली।
उनका कहना है कि परिसर के पास नए पार्किंग स्थल के गेट के सामने बड़ी संख्या में पौधे रोपे हैं। इससे पार्किंग में आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है। जब यह पार्किंग शुरू होगी तो वाहन अंदर कैसे जाएंगे। कंसल्टेंसी एजेंसी वाल्मी के अधिकारी का कहना है कि नई पार्किंग के सामने हो रहे पौधरोपण को लेकर हमने आपत्ति भी जताई थी। यहां पथरीली जगह है और पाइप लाइन भी बिछी हुई है।
कमिश्नर के निर्देश पर लगाए हैं पौधे
रवींद्र भवन परिसर के आसपास मियावाकी पद्धति से 180 स्क्वाॅयर मीटर भूमि पर विभिन्न प्रजाति के 650 पौधे लगाए गए हैं। हमने नगर निगम कमिश्नर के निर्देश अनुसार ही यहां पौधे लगाए हैं। -ज्योति मनकेले, सब इंजीनियर, उद्यानिकी शाखा, ननि
निगम से बात कर करेंगे समाधान
इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन जब पता चला तो हमने आपत्ति ली। इस संबंध में शीघ्र ही निगम के अधिकारियों से बात कर समस्या सुलझाई जाएगी। -एचआर अहिरवार, रवींद्र भवन के कार्यालय प्रमुख
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