शनिवार, 13 जून 2020

पहाड़ी खेरा में पानी के विवाद पर गाेली मारकर हत्या


पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ी खेरा ग्राम के टंकी मोहल्ला में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई। विवाद हैंडपंप पर पानी भरने काे लेकर हुआ। हालांकि दाेनाें परिवाराें के बीच पुरानी रंजिश भी है।
पुलिस ने बताया कि ग्राम उमरी हाल निवासी पहाड़ी खेरा रविंद्र सिंह ठाकुर उम्र 32 वर्ष के भाई का विवाद 2 5 3 माह पूर्व पड़ोस के ही लकी तिवारी के पिता से किसी बात को लेकर हुआ था। जिस पर मृतक रविंद्र सिंह के भाई ने लकी तिवारी के पिता गटोला तिवारी पर धारदार हथियार से हमला किया था। जिससे लकी तिवारी के पिता के गंभीर चोटें आई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच में रंजिश चल रही है।
शुक्रवार दोपहर 2 बजे रविंद्र सिंह ठाकुर पानी लेने के लिए सार्वजनिक नल पर गया था। इसी दौरान लकी तिवारी से उसका वाद विवाद हो गया। विवाद होने पर लकी तिवारी ने देशी कट्टे से उसे गोली मार दी। जिससे रविंद्र सिंह ठाकुर घायल होकर गिर गया। उसे लेकर परिजन जिला अस्पताल पन्ना पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। थाना पुलिस ने आरोपी लकी तिवारी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी गांव से फरार है।
Murdered and murdered over water dispute in Pahari Khera


गेहूं उपार्जन केंद्र पर टोकन मिलने के बाद भी नहीं तौला किसानों का गेहूं

गेहूं उपार्जन केंद्रों के कर्मचारियों की लापरवाही से किसानों को टोकन देने के बाद भी गेहूं नहीं ताैला गया। इस कारण कई किसान अपने गेहूं उपार्जन केंद्र पर तौलने से वंचित रह गए व सरकार द्वारा पोर्टल बंद कर दिया गया। अब किसानों में रोष है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पानखेड़ी सोसाइटी के गेहूं उपार्जन केंद्रों पर गेहूं तुलवाने की अंतिम तारीख 31 मई थी, लेकिन सोसाइटी के कर्मचारियों द्वारा 26 मई को लगभग 89 किसानों को टोकन गेहूं तुलवाने के लिए दिए थे और किसानों को कहा गया था कि आपके पास टोकन रहेगा तो आपके गेहूं 31 मई के बाद भी तौले जाएंगे, लेकिन 31 मई तक 89 किसानों को दिए गए टोकन में सिर्फ 22 टोकन वाले ही किसानों के गेहूं तौले गए बाकी किसानों के गेहूं बिना तुले रह गए, क्योंकि इस बीच सरकार द्वारा गेहूं खरीदी केंद्र का पोर्टल बंद कर दिया गया। इस कारण कई किसान उपार्जन केंद्र पर 8-10 दिनों तक भूखे प्यासे रहने के बाद भी गेहूं नहीं तुलवा सके। वहीं इस संबंध में सोसाइटी के कर्मचारियों का कहना है कि पोर्टल बंद होने से किसानों के गेहूं नहीं तौल पाए। अगर पोर्टल बंद नहीं होता तो सभी किसानों के गेहूं तौल देते।
गेहूं उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाओं एवं कर्मचारियों की लापरवाही से हमारा गेहूं का तौल नहीं गया। ग्राम जामुनी के किसान रामेश्वर खंडेलवाल ने बताया मेरी 2 ट्राली गेहूं तौलने के लिए 26 मई को सोसाइटी के कर्मचारियों द्वारा टोकन दिया गया था, लेकिन 31 मई तक मेरे गेहूं तुलवाने का नंबर नहीं आया और इस बीच पोर्टल बंद हो गया। मेरे घर पर आज भी दो ट्राली गेहूं की वैसी ही भरी हुई है। वहीं किसानों का कहना है कि अगर हमारे गेहूं नहीं तौले गए तो मजबूरन आंदोलन किया जाएगा। हम मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे।वहीं इस संबंध में खाद आपूर्ति अधिकारी योगेश राणावत ने बताया कि गेहूं खरीदी की आखिरी तारीख 31 मई थी। 31 मई की रात 12 बजे पोर्टल बंद हो जाने से किसानों का गेहूं नहीं तुल पाया है। सोसाइटी से मिलने वाला टोकन भी 48 घंटे में अवैध हो जाता है। अब किसानों का गेहूं नहीं तुल सकता क्योंकि पोर्टल बंद है। अब शासन द्वारा गेहूं तौलने के दिशा निर्देश आएंगे तो किसानों को हम सूचना कर देंगे।


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