सोमवार, 15 जून 2020

जौरा में सराफा-कपड़ा मार्केट में सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार, पुलिस पहुंची तब दुकानदार ने बनवाए गोले, करवाया नियमों का पालन


कोरोना संक्रमण से चहुंओर हाहाकार मचा हुआ है। लेकिन जौरा कस्बे में दुकानदार व लोग इसके प्रति लापरवाह हैं। सराफा व कपड़ा मार्केट में रविवार सुबह 10 बजे सैकड़ों लोग तंग गलियों में खरीदारी करने पहुंचे और सोशल डिस्टेसिंग को ताक पर रख दिया। दोपहर 12 बजे टीआई नरेंद्र शर्मा बाजार में पहुंचे तो भीड़ तितर-बितर हो गई। लेकिन 2 घंटे बाद ही भीड़ फिर उमड़ पड़ी। टीआई का कहना है कि हम सोमवार से बाजार में वाहनों का प्रवेश निषेध कर देंगे तो भीड़ स्वत: ही काबू में आ जाएगी।
Social distancing telegram at Sarafa-cloth market in Jaura, police arrived when shopkeepers made shells, followed rules


सरकारी स्कूलों के 2.22 लाख छात्रों में से सिर्फ 70 हजार पर एंड्रॉइड मोबाइल

कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिलेभर में 2 हजार 544 प्राइमरी, मिडिल, हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल बंद हैं। इनमें दर्ज 2 लाख 22 हजार छात्रों की पढ़ाई न पिछड़े इसके लिए राज्य शासन ने डिजिएप मोबाइल एप के जरिए बच्चों को सिलेबर्स पूरा कराने का निर्णय लिया है। लेकिन हकीकत यह है कि जिले के 70 हजार 608 छात्रों के पास ही एंड्रॉयड मोबाइल फोन हैं। शेष 1 लाख 52 हजार से अधिक छात्रों या उनके अभिभावकों के पास या तो मोबाइल फोन नहीं है अथवा वे एंड्रॉयड फोन का उपयोग नहीं करते। हालांकि सरकारी सिस्टम का दावा हे कि ऐसे छात्रों को पंचायत भवनों में एलईडी टीवी व रेडियो के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है। लेकिन जिले की 500 से अधिक पंचायतों में से 30 प्रतिशत पंचायतों में एलईडी टीवी नहीं हे या वहां बिजली कनेक्शन नहीं है। ऐसे में बच्चों के सामने पढ़ाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
नियम: जिन पर मोबाइल नहीं, वे रेडियो-टीवी से करें पढ़ाई
जिले के 70 हजार 608 मोबाइल धारक छात्रों को छोड़ दिया जाए तो शेष छात्रों के लिए टीवी पर दूरदर्शन व रेडियो के माध्यम से प्रसारित होने वाले सिलेबस से पढ़ाई करनी है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार प्राइमरी-मिडिल के 1144 व हासे-हाईस्कूल के 5124 छात्रों के पास मोबाइल फोन, टीवी व अन्य माध्यम भी नहीं हैं। लेकिन ऐसे छात्रों की संख्या 1 लाख से अधिक हैं। जिन छात्रों के घर रेडियो-टीवी की सुविधा है, उनके गांवों में बिजली ही नहीं पहुंचती। ऐसे में इन छात्रों के सामने सबसे गंभीर संकट है।
आगे क्या: पंचायत भवनो में टीवी पर कराना है प्रसारण, हकीकत...150 से से अधिक पंचायतों में न एलईडी है न टीबी: जिन छात्रों के घर टीवी-रेडिया की सुविधा भी नहीं है, ऐसे छात्रों को पढ़ाने के लिए उन पंचायतों में एलईडी टीवी के जरिए दूरदर्शन का प्रसारण दिखाकर पढ़ाई करानी है। लेकिन जिले में 550 से अधिक पंचायतें हैं। लेकिन इनमें से 30 प्रतिशत पंचायतों में या तो एलईडी टीवी है नहीं या सरपंच-सचिव अपने घर ले गए अथवा इन पंचायत भवनों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है।
पहाड़गढ़ क्षेत्र के इन गांवों में नेटवर्क ही नहीं आता
कन्हार, पालि-झिनिया, बहराई, बघेवर, निरार, गुलापुरा, अमरई, धोबिनी, देवरा।
छात्रों तक मैन्युअल भी पहुंचा रहे हैं स्टडी मटेरियल
9वीं से 12वीं तक के 32 हजार से अधिक छात्रों को ऑनलाइन स्टडी कराने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सिलेबस भेजा जा रहा है। जिनके पास एंड्रॉयड मोबाइल, रेडियो-टीवी नहीं है, उन छात्रों को हम अपने शिक्षकों के माध्यम से भोपाल से भेजे गए स्टडी मटेरियल को फोटो कॉपी करके पहुंचा रहे हैं ताकि उनकी पढ़ाई न पिछड़े।
सुभाषचंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना


पति से विवाद के चलते महिला ने पेट्रोल डालकर आग लगाई, बचाने आए 3 साल के बेटे की भी मौत

तरैनी गांव में रहने वाले धर्मेन्द्र तोमर की पत्नी जानकी देवी ने रविवार की सुबह 8 बजे पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले कर दिया। आग बुझाने के दौरान 6 लोग झुलस गए। ग्वालियर पहुंचने के बाद महिला व उसके 3 साल के बेटे आर्यन ने दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, तरैनी गांव में रहने वाली महिला जानकी देवी का रविवार की सुबह 7 बजे उसके पति धर्मेंद्र से विवाद हो गया। मारपीट, प्रताड़ना से दुखी जानकी ने सुबह 8 बजे अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया और खुद को आग लगा ली। जिस समय जानकी का शरीर जल रहा था तभी उसे बचाने के लिए घर के लोग मौके पर पहुंचे उनमें से 6 लोग झुलस गए। परिवार व गांव के लोग आग से झुलसे जानकी उसके बेटे आर्यन, बेटी, हरदीप, संतोषी देवी, टिकटी देवी को लेकर पोरसा अस्पताल पहुंचे। जानकीदेवी व उसके बेटे-बेटी की हालत नाजुक होने पर उसे ग्वालियर रैफर कर दिया। वहां इलाज के साथ ही मां-बेटे की मौत हो गई।


मानसून 7 दिन लेट, फिर भी जून में हुई 31 मिमी बारिश

इस बार अच्छी बारिश के आसार नजर आ रहे हैं। यह मौसम विभाग के आंकड़े कह रहे हैं। इस साल मानसून 24 जून तक दस्तक देगा। लेकिन इससे पहले ही यहां 31 मिमी बारिश हो चुकी। जबकि पिछले वर्ष 15 जून को मानसून ने दस्तक दे दी थी लेकिन औसत बारिश सिर्फ 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
जानकारी के अनुसार इस साल एक जून से 14 जून तक जिलेभर में 31 मिमी औसत बारिश हो चुकी है। सबसे अधिक 55 मिमी बारिश जौरा व सबसे कम 5 मिमी बारिश पोरसा में दर्ज की गई। इसके अलावा अंबाह में 25, मुरैना में 24, कैलारस में 45 व सबलगढ़ में 32 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि वर्ष 2019 में 14 जून तक सिर्फ कैलारस में 5 व सबलगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग के फोरकास्ट के अनुसार रविवार को सुबह तो तेज धूप खिली लेकिन दोपहर को ही बादल छा गए। शाम 3 बजे से चली ठंडी हवा की वजह से अधिकतम पारा 42 से लुढ़ककर 41 पर आ गया। वहीं न्यूनतम पारा 30.5 डिग्री रहा। शहर में शाम 4 बजे के करीब हल्की बूंदे भी गिरीं।
मंगलवार से बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग की मानें तो मंगलवार से गुरुवार तक गर्मी का पारा 41 से बढ़कर 44 डिग्री तक पहुंचेगा। 19 जून से पारा फिर से उतरने लगेगा। इस दौरान आसमान में धूप खिली रहेगी। पारा बढ़ने से गर्मी के साथ उमस का आगाज भी होगा



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