मानसून की एंट्री मध्यप्रदेश में हो गई है... लेकिन, साथ में बुरी खबर भी है। अब मानसून को आगे बढ़ाने वाले सिस्टम कमजोर हो गए हैं। ऐसे में अब मानसून की चाल सुस्त हो जाएगी। रतलाम तक 20 जून तक पहुंचने के आसार हैं।
हमारे शहर में बारिश तो रोज हो रही है, लेकिन ये मानसून की बारिश नहीं है। बारिश भी कहीं कम तो कहीं ज्यादा हो रही है। एकसाथ बारिश के लिए मानूसन का इंतजार है। रविवार को मानसून ने सूरत के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर लिया। ये बैतूल, सिवनी में पहुंचा। मौसम वैज्ञानिक डाॅ. डीपी दुबे ने बताया मानसून अभी बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि लो प्रेशर का एरिया मदद कर रहा था। लेकिन, लो प्रेशर का एरिया झारखंड की तरफ चला गया है, ऐसे में यह कमजोर भी हो गया है। इसके कारण अब मानसून सुस्त हो जाएगा। आगामी दो से तीन दिन ज्यादा तेज बारिश के आसार भी नहीं हैं। अब 20 जून से फिर एक्टिविटी तेज होगी। इसके बाद अच्छा स्पेल आएगा।
शहर में तेज हवा के साथ 10 मिमी बारिश, नमी के कारण हुआ ऐसा : शहर में रविवार शाम को फिर मौसम बदल गया। काले बादल छाए तो वहीं तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। हालांकि, बारिश का सिलसिला कुछ देर में ही शांत हो गया। शाम 5.30 बजे तक 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।
करमदी रपट पर आया पानी, वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकलते रहे, हादसे का अंदेशा
बारिश के चलते रविवार शाम 6 बजे करमदी की रपट के ऊपर से पानी बहने लगा। करमदी विकास समिति के जितेंद्र राव ने बताया यह रतलाम-झाबुआ मार्ग है। इसके बाद भी यहां पुलिया का निर्माण नहीं हुआ है। थोड़ी सी बारिश में रपट के ऊपर से पानी बहने लगता है। रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। हादसे का अंदेशा है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
- आलोट 00
- जावरा 12
- ताल 01
- पिपलौदा 00
- बाजना 04
- रतलाम 10
- रावटी 2.6
- सैलाना 20
इम्युनिटी बढ़ाने वाले आयुर्वेद प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी
इन दिनों उमस भरी गर्मी से लोग बेचैन है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि शरीर को ठंडक देने वाले जूस व आइसक्रीम जैसे खाद्य पदार्थों से लोग दूर है।
यही कारण है कि इस साल इनकी बिक्री में 60 से 70 फीसदी गिरावट आ गई। दूसरी ओर लोग आयुर्वेद दवाओं का जम कर सेवन कर रहे है। ताकि शरीर की इम्युनिटी पावर ठीक रहे। कोरोना नुकसान नहीं पहुंचा सके। यही कारण है कि इम्युनिटी बढ़ाने वाले आयुर्वेदिक प्रोडक्ट की डिमांड सौ फीसदी से अधिक बढ़ गई।
कोरोना के कहर से बचने के लिए विज्ञान भले की अब तक कोई वैक्सीन या दवा न खोज पाया हो, लेकिन विभिन्न शोध में यह तय हो गया कि अगर शरीर का इम्युनिटी पावर अच्छा है तो कोरोना वायरस कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाता। यही कारण है कि लोग कोरोना का कहर शुरू होते ही इम्युनिटी पावर बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन नियमित रूप से कर रहे है। आयुर्वेदिक दवा के विक्रेता अनिल नगरिया बताते है कि कोरोना काल में गिलोय रस. गिलोय घनवटी, अश्वगंधा, च्यवनप्राश जैसे प्रोडक्ट की मांग बहुत बढ़ गई। लोग आंवला के प्रोडेक्ट, जूस व कैंडी की भी मांग कर रहे है। कोरोना से पहले और वर्तमान की तुलना करें दो से ढाई गुना तक इन प्रोडक्ट की मांग निकल रही है। मांग लगातार बढ़ रही है।
जूस सहित ठंडे पेय पदार्थों से लाेगों ने बनाई दूरी
गर्मी के सीजन में कई कंपनियां आम सहित विभिन्न फलों के जूस बाजार में उतारती है। गर्मी में लोग काफी चाव के साथ इनका सेवन भी करते थे। लेकिन इस गर्मी के सीजन में लोगों ने इनसे दूरी बना ली। कारण ठंडे पेय पदार्थों के सेवन लोगों को खांसी, जुकाम की संभावनाएं भी अधिक रहती है। कोरोना में यह प्रमुख लक्षण है। ऐसे में लोग खांसी, जुकाम का शिकार न हो जाए, लोग उन्हें संदेह की निगाह से न देखे। इसलिए लोग ठंडे पेय पदार्थों से दूरी बना रहे है। कनफेक्शनरी विक्रेता लकी गुप्ता कहते है कि आईसक्रीम सहित जूस की बिक्री 60 से 70 फीसदी तक गिर गई है। थोक विक्रेता अनिल नगरिया इसका समर्थन करते है। श्री नगरिया के अनुसार पौष्टिक मानी जाने वाली ठंडाई से भी लोग दूरी बना रहे है।
पिता के साथ घर के बाहर सो रहा था बेटा, पेड़ से लटककर लगाई फांसी
बुधारा गांव में शनि-रविवार की रात 18 साल के लड़के ने नीम के पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। जानकारी के मुताबिक, बुधारा में रहने वाले रामबाबू सखवार व उनका बेटा संजय शनिवार की रात का भोजन करने के बाद घर के बाहर पास-पास सो रहे थे। रात में संजय उठा और घर में रखे कपड़े के रस्से को लेकर घर के बाहर खड़े नीम के पेड़ पर फांसी का फंदा बनाया और उस पर झूल गया। सुबह 5 बजे रामबाबू जागे तो पाया कि संजय बिस्तर से गायब है। इधर-उधर नजर दौड़ाई तो बेटे का शव नीम के पेड़ पर झूलता नजर आया। सूचना पाकर पोरसा पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक किशोर के शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पीएम कराया। उल्लेखनीय है कि बुधारा गांव के इसी मोहल्ले में रहने वाले कैलाश सखवार की 18 साल की बेटी राखी ने भी 11 जून की रात अपने घर के दरवाजे में तार लगाकर दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाया और उस पर झूल गई।
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