पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता के राशन वितरण कार्यक्रम में लोगों की भीड़ इकट्ठी करने के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर राजबाड़ा पर कांग्रेस के धरने के दौरान नया बवाल हो गया। शनिवार सुबह कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, संजय शुक्ला और विशाल पटेल देवी अहिल्या प्रतिमा उद्यान में धरने पर बैठे थे, तभी प्रशासनिक अफसर उनसे चर्चा करने पहुंचे और धरना खत्म करने की बात कही। इस दौरान एसडीएम राकेश शर्मा और सीएसपी डीके तिवारी बात करते हुए घुटने के बल बैठ गए। इसके बाद मामला गरमा गया। बात भोपाल तक पहुंची तो देर रात सरकार ने दोनों अफसरों का तबादला कर दिया। इससे पहले कलेक्टर मनीष सिंह ने भी घुटने पर बैठने के मामले में एसडीएम को नोटिस दिया था। इधर, बिना अनुमति धरना दे रहे विधायकों जीतू पटवारी, संजय शुक्ला, विशाल पटेल व शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल पर धारा 188, 34 में केस दर्ज किया है।
इधर, धरने के दौरान विधायकों ने प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, एक भाजपा नेता के कार्यक्रम में 2 हजार लोग इकट्ठा हुए, पर कोई गिरफ्तारी नहीं, जबकि शहर कांग्रेस ने 25 लोगों के साथ धरना दिया, तो सभी को गिरफ्तार कर लिया।
एसडीएम बोले- पीठ की समस्या है
मामले में एसडीएम शर्मा ने सफाई दी। बोले कि उन्हें पीठ में दर्द की समस्या है। वह बैठकर ही बात कर रहे थे। जब उठने लगे तो पहले घुटने पर आए और फिर खड़े हुए। सरवाइकल के कारण सीधे खड़े होने में समस्या आती है। उसी दौरान विधायकों ने कुछ कहा तो वे जवाब देने के लिए चंद सेकंड रुके थे।
भाजपा बोली- मान-मनुहार क्यों की?
एसडीएम शर्मा के घुटने के बल बैठने पर भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा- एसडीएम को इस तरह बैठने और कांग्रेस नेताओं से मान-मनुहार करने की बजाय कार्रवाई करना थी। यह तरीका गलत है।
भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है प्रशासन: कांग्रेस
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा राजबाड़ा के धरने में सिर्फ चार लोग थे, सभी सोशल डिस्टेसिंग से बैठे हुए थे। इस पर भी केस दर्ज कर लिया। वहीं, शुक्रवार को कांग्रेस नेता कलेक्टोरेट ज्ञापन देने पहुंचे। वहां गिरफ्तारी के बाद 151 के तहत अौर देर रात को 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इस पूरे मामले से यह साफ हो गया कि भाजपा के इशारे पर प्रशासन पूरी तरह से काम कर रहा है।
कांग्रेसी विधायक आज देंगे गिरफ्तारी
मामला बढ़ने पर सांसद शंकर लालवानी ने अफसरों की शिकायत मुख्यमंंत्री को की। इधर, कांग्रेस ने कहा कि प्रशासन सरकार के दबाव में है। रविवार सुबह तीनों विधायक व पार्टी अध्यक्ष गिरफ्तारी देंगे।
अभिभावकों के मोबाइल नंबर लेकर वॉट्सएप ग्रुप में तो जोड़ लिए, नेटवर्क न मिलने से नहीं हो पा रही पढ़ा
जिले में कक्षा 1 से लेकर आठवीं तक के 84 हजार 236 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए डिजीलेप कार्यक्रम शुरू किया गया है। लेकिन हकीकत जिले में अब भी 90 फीसदी छात्र-छात्राएं इस शिक्षा से वंचित हैं। शिक्षा विभाग की मानें तो 10 जून तक 5 हजार 337 छात्र-छात्राओं को इस शिक्षा से जोड़ा जा सका है। इसका मुख्य कारण गांवों में एंड्रायड फोन और नेटवर्क की समस्या होना बताया जा रहा है।
कोरोना की रोकथाम के चलते नवीन सत्र में फिलहाल स्कूल न खुलने के चलते शिक्षा व्यवस्था ठप है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई शुरू कराने के लिए ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को अपनाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने डिजीलेप कार्यक्रम शुरू करते हुए छात्र-छात्राओं तक 100 प्रतिशत शिक्षण सामाग्री वाट्सएप के माध्यम से पहुंचाने की बात कही गई थी। 4 अप्रैल से शुरू हुए इस कार्यक्रम में श्योपुर जिले में 84 हजार 236 छात्र-छात्राओं में से अब तक 5 हजार 337 छात्र-छात्राएं ही जुड़ सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांवों में एंड्रायड फोन और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से बच्चों तक शिक्षण सामाग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
1152 स्कूलों में से सिर्फ 29 स्कूलों के छात्र-छात्राओं तक पहुंच रही शिक्षण सामाग्री
जिले में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की कुल संख्या 1152 हैं। इनमें से सिर्फ 29 स्कूलों के छात्र-छात्राओं तक ही शिक्षण सामाग्री वाट्सएप पर उपलब्ध हो पा रही है। जिनमें हजारेश्वर, मकड़ावदा, दांतरदा, पांडोला, बड़ौदा, प्रेमसर, उतनवाड़, ढोढर, मानपुर, कन्या विद्यालय श्योपुर, अगरा, सहसराम, गोहटा, उत्कृष्ट विजयपुर, कन्या विजयपुर, वीरपुर, श्यामपुर, ओछापुरा, टर्राकलां, गढ़ी, गिरधरपुर, बरगंवा, कराहल, सेसईपुरा, गोरस, आवदा, पहेला, जाखदा और पटोंदा के स्कूल शामिल हैं। हालाकि यह स्कूल भी शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं तक शिक्षण सामाग्री उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
जून में 42 पॉजिटिव, 70 की रिपोर्ट में पहली बार सभी निगेटिव मिले
जिले में कोरोना संक्रमण लगातार फैल रहा है, लेकिन शनिवार को आई डीआरडीओ की रिपोर्ट में 72 में से 70 निगेटिव पाए गए। जबकि दो सैंपल फेल रहे। यहां 2 जून से लगातार हर रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जा रहे है, 11 दिन बाद यहां जून में कोई पॉजिटिव शनिवार को रिपोर्ट में नही था। इसके साथ ही जिला अस्पताल में लिए गए 14 सैंपल की जांच भी निगेटिव पाई गई। इसमें तहसीलदार के संपर्क में आए सीईओ, दो गनमैन सहित 5 अधिकारी-कर्मचारी शामिल है।
शनिवार की रात को डीआरडीओ से 72 सैंपलों की रिपोर्ट आई, इसमें 70 रिपोर्ट नि गेटिव रही और दो सैंपल फेल रहे। जून में यह पहली रिपोर्ट रही, जिसमें कोई भी कोरोना संक्रमित नही मिला। क्योंकि 2 जून से 12 जून तक आई सभी रिपोर्ट में कोई न कोई कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। लेकिन शनिवार को आई रिपोर्ट ने राहत दी। इसके साथ ही यहां तीन मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। इनमें त्रिलोक शर्मा, आयुष शर्मा व सत्यनारायण शर्मा शामिल है।
इसके अलावा तहसीलदार के संपर्क में आए सीईओ व दो गनमैन सहित 5 के सैंपल लिए गए। इस तरह से जिला अस्पताल में शनिवार को 14 सैंपल हुए। जिनकी जांचें भी जिला अस्पताल की लैब में की गई। इसमें सभी रिपोर्ट निगेटिव रही। यहां एसडीएम का सैंपल नही हुआ है।
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