पूर्व भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता ने शुक्रवार को कमला नेहरू नगर जैसे कंटेनमेंट एरिया में 1000 लोगों को इकट्ठा कर हजारों लोगों की जान खतरे में डाली, उन पर प्रशासन ने लॉकडाउन उल्लंघन की मामूली धारा 188 में केस दर्ज कर औपचारिकता निभा दी। इसके उलट बीते तीन महीने में आम आदमी को इसी प्रशासन और पुलिस ने ऐसी-ऐसी सजाएं दी हैं कि वे दूसरों के लिए नजीर बन गए। किसी को पत्नी-बच्चों के सामने डंडे से पीटा तो किसी को तपती धूप में बैठाया। यही नहीं, 70 से ज्यादा लोगों को कारण जाने-समझे बिना केस दर्ज कर सांवेर रोड की खुली जेल में डाल दिया।
गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्था की थी, कुछ लोग सिस्टम तोड़कर आ गए: गुप्ता
(पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता से सीधी बात)
जहां आपने आयोजन किया, क्या आपको पता नहीं था कि वह कंटेनमेंट एरिया है और वहां कोरोना के 48 केस हैं?
गुप्ता: जरूरतमंदों को राशन की बहुत जरूरत थी। हमने राशन कार्ड के आधार पर चिन्हित करके ही लोगों को बुलाया था। कंटेनमेंट एरिया से किसी को नहीं बुलाया।
कोरोना संकट में इतनी भीड़ क्यों जुटाई गई?
गुप्ता: लोगों को राशन किट देना थी। राशन कार्ड के आधार पर 2 हज़ार परिवार बुलाए थे।
सोशल डिस्टेंसिंग टूटने और सामान की लूट का ज़िम्मेदार कौन है?
गुप्ता: हमने गाइडलाइन के अनुरूप सारी व्यवस्था की थी। कुछ लोग सिस्टम तोड़ अचानक आ गए।
आखिर में लोगों ने सामान की जमकर लूट की। कोई बड़ा हादसा हो सकता था?
0 गुप्ता: 100 कार्यकर्ता व्यवस्था में जुटे थे। मेरे जाने के बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी बाद में लगी। पता कर रहा हूं ये कैसे हुआ।
सुदर्शन गुप्ता बोले- सिस्टम तोड़कर कुछ लोग घुस आए
हमने कंटेनमेंट एरिया से किसी को नहीं बुलाया था। कुछ लोग सिस्टम तोड़ घुस आए। -सुदर्शन गुप्ता
रकम जमा न करने पर महिला सरपंच को जेल भेजने के आदेश पर रोक
हाईकोर्ट ने नैनपुर की उस महिला सरपंच के खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई न करने का अंतरिम आदेश पारित किया है, जिसके खिलाफ नैनपुर जिला पंचायत के सीईओ ने करीब 36 हजार रुपए की वसूली का आदेश जारी किया था। राशि जमा न करने की सूरत में महिला सरपंच को 30 दिनों के लिए जेल भेजने कहा गया था। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने मामले पर सरकार को जवाब पेश करने के निर्देश देने कहा है। अनारकली कुशराम की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया है कि एक रोड निर्माण के मामले में अनियमितता का दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ 36 हजार 186 रुपए की वसूली के आदेश जिला पंचायत सीईओ ने 12 दिसम्बर 2019 को जारी किया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि 7 दिनों में राशि जमा न होने पर महिला सरपंच को 30 दिनों की जेल और 6 माह के लिए चुनाव से प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके खिलाफ की गई अपील पर जबलपुर संभागायुक्त ने 15 अप्रैल 2020 को सीईओ के आदेश को बरकरार रखा था। इसके खिलाफ यह याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता परितोष त्रिवेदी ने सुनवाई के दौरान अपनी दलील में कहा कि सीईओ ने पंचायत राज की धारा के प्रावधानों को अनदेखा करते हुए एक साथ तीन दंडात्मक आदेश पारित किए हैं, जो अवैधानिक हैं। सुनवाई के बाद अदालत ने अनावेदकों को जवाब पेश करने का समय देकर अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई न करने के निर्देश दिए।पी-3
पहले दिन आए 2 दर्जन आवेदन, निराकरण किया
लॉकडाउन के 82 दिन तहसील कार्यालय के पास संचालित लोक सेवा केंद्र को फिर से खोला गया। पहले दिन केवल 2 दर्जन ही आवेदन आए। लोक सेवा केंद्र के खुलने के बाद तहसील सहित अन्य विभाग में बंद पड़े कई कार्य फिर से शुरु हो गए, साथ ही आगामी दिनों में इन कार्यों में तेजी आएगी। वहीं एसडीएम कार्यालय में केस प्रकरण को छोड़ सभी कार्य किए जा रहे हैं। वहीं नपा में मजदूर और रेत नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पा रहे हैं। बाकी नपा के सभी कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों को पूरा करने के लिए कार्य करने के लिए स्टाफ पूरा आ रहा है।
21 मार्च तक संचालित लोक सेवा केंद्र लॉकडाउन के कारण 22 मार्च से बंद हो गया था। जो शुक्रवार से फिर से शुरु हो गया है। केंद्र शुरु होने के बाद फिर से आय, निवास, जाति प्रमाण-पत्र, बंदूक लाइसेंस रिन्यूवल, जन्म, मृत्यु प्रमाण-पत्र, नामांतरण सहित कई प्रमाण-पत्र के आवेदन जमा होने लगे हैं। कई दिनों से प्रमाण-पत्रों के लिए परेशान लोगों को केंद्र खुलने के बाद राहत महसूस की।
वहीं पहले दिन करीब 2 दर्जन आवेदन आए। जो पूर्व के दिनों के आवेदनों से 50 प्रतिशत रहा। केंद्र के शुरु होने से लोगों के 82 दिन से अधूरे कार्य पूरे हो सकेंगे। केंद्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक खुलेगा। केंद्र पर लोगों के लिए हाथ सैनिटाइज करने के लिए सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया। वहीं स्टाफ भी मास्क, ग्लब्स के साथ काम करते हुए नजर आए।
केस प्रकरण छोड़ सभी हो रहे कार्य: एसडीएम कोर्ट में केस प्रकरणों की सुनवाई को छोड़ कर सभी काम हो रहे है। खासकर प्रतिदिन मिलने वाली लोगों की समस्या को सुन कर एसडीएम अमृता गर्ग के द्वारा समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। कार्यालय में सभी स्टाफ प्रतिदिन ऑफिस आ रहा है।
रेत, मजदूर नहीं मिलने से नहीं हो पा रहे निर्माण कार्य
नगर पालिका में करीब 2 सौ से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, सभी काम पर आ रहे हैं। कर्मचारियों के द्वारा आवास टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स, समग्र आईडी, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई कार्य किए जा रहे हैं। सीएमओ पीएस बुंदेला ने बताया कि नपा के कार्य सभी चल रहे हैं, लेकिन मजदूर एवं रेत नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य रुके हुए हैं।
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