कस्बे में 9 मई को कोरोना पाॅजिटिव केस मिलने के बाद कस्बे के साथ झोझू खुर्द को भी कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया था। इसी के साथ ही यहां बनाए गए गेहूं व सरसों के खरीद केंद्रों पर भी फसलों की खरीद बंद कर गई। आस पास के गांव को तो नजदीक के खरीद केंद्रों पर सीफट कर दिया गया लेकिन झोझू कलां व झोझू खुर्द के किसानों की फसल बिक्री के लिए कोई निर्देश नहीं दिए गए है। जिसके कारण किसानों को अब अपनी फसलों को बेचने की चिंता सता रही है। मंगलवार को कस्बे के किसानों ने आढ़ती प्रधान सतेन्द्र सांगवान से अपनी समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है।
कस्बे के किसान सतबीर सिंह, रामसिंह, पूर्ण, मांगे राम व अंकित ने बताया कि सरसों की बिक्री नहीं होने के कारण फसल को घरों में ही रखना पड़ रहा है। जिसके कारण काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन द्वारा गांव में धीरे धीरे कर किसानों की फसल खरीदनी चाहिए ताकि किसान समय पर आने वाली खरीफ की फसलों की बिजाई हो सके। इसी के साथ फसल की बिक्री नहीं होने के कारण घर खर्च के लिए भी इस समय किसानों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। आढ़ती प्रधान सतेन्द्र सांगवान ने बताया कि खरीद केंद्र के आस पास के गांव को जावा, कादमा व दादरी शिफट कर दिया गया है लेकिन झोझू कलां व झोझू खुर्द कंटेमेंट जोन होने के कारण इन गांव की फसल खरीद नहीं हो सकी है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों से मिल फसल खरीद करवाने की मांग उठाई जाएगी।
^झोझू कलां व झोझू खुर्द कंटेनमेंट जोन होने के कारण ही फसल खरीद बंद करवाई गई है। जैसे ही ये गांव कंटेमेंट जोन से बाहर होते है खरीद शुरू करवा दी जाएगी। साथ ही जिन किसानों के टोकन कट चुके है व फसल अभी शेष है उन किसानों की फसलों की खरीद भी जल्द करवाई जाएगी।'' - सुरेश कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी।
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