मंगलवार, 19 मई 2020

रिलीफ कैंपों में भीड़ इतनी कि सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखना मुमकिन ही नहीं, खाने के लिए मारामारी

रिलीफ कैंपों में भीड़ इतनी कि सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखना मुमकिन ही नहीं, खाने के लिए मारामारी
प्रवासियों के लिए बनाए गए रिलीफ कैंपों में प्रवासी कई-कई दिन से ठहरे हैं। यहां पर रविवार और सोमवार को भीड़ इतनी हो गई कि सोशल डिस्टेसिंग देखने को नहीं मिली। इन रिलीफ कैंप में प्रवासियों में कभी खाने को लेकर मारामारी रही तो कभी चाय को लेकर। वहीं इन प्रवासियों की डिटेल जुटाना भी प्रशासन के लिए चुनौती भरा है।
 प्रवासी एक दूसरे से पहले नाम नोट कराने के लिए भी मारामारी कर रहे हैं। सोमवार दोपहर साढ़े 11 बजे जब हमारी टीम करहेड़ा खुर्द के स्कूल में बनाए रिलीफ कैंप में पहुंची तो गेट पर ही सैकड़ों प्रवासी खान बांटने वाले एक व्यक्ति से खाने का सामान छीनते नजर आए। इसके बाद जब बरामदे में बैठे खाना खा रहे दो प्रवासियों में से एक ने अपना नाम विनोद बताते हुए बताया कि कि सर सुबह से भूख लगी थी। सुबह सिर्फ चाय मिली, खाना अब मिला है। इसके साथ ही यहां पर सोमवार को प्रवासियों की डिटेल नोट करने के लिए लंबी लाइन थी और कोई सोशल डिस्टेसिंग नहीं थी। रिलीफ कैंप का यह हाल तब है जब सोमवार को ही इन रिलीफ कैंपों में प्रवासियों को सुख सुविधाएं देने के लिए अधिकारियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है। ओवरआल इंचार्ज एडीसी प्रतिमा चौधरी का कहना है कि खाने और रहने की प्रवासियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। दिन में दो नहीं चार-चार बार खाना भेजा जा रहा है।
प्रवासियों के लिए किए विशेष प्रबंध| डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि जो प्रवासी मजदूर अपने गृह प्रदेशों में जाना चाहते हंै उनके लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए गए है। प्रवासी मजदूरों को उनके गृह प्रदेशों में बसों व रेलगाड़ी द्वारा पूरी सुविधा के साथ भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोई भी प्रवासी मजदूर यदि अपने गृह प्रदेश जाना चाहता है तो जिला में बनाए गए शैल्टर होमस-जगाधरी-छछरौली मार्ग पर गांव मानकपुर के नजदीक लक्कड़ मण्डी या तेजली खेल स्टेडियम आए और वहां से उन्हें बस या रेलगाड़ी द्वारा उनके गृह प्रदेश में भेजा जा रहा है तथा उनके रास्ते की सुविधाओं का भी प्रबंध किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को रास्ते के लिए भोजन, पानी, फेस मास्क व सैनिटाइजर की सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
 जिला राजस्व अधिकारी अभिषेक ने बताया कि आज लक्कड़मंडी मानकपुर से 38 बसों 1318 प्रवासी श्रमिक, संत निरंकारी भवन यमुनानगर से 10 बसों में 339 प्रवासी श्रमिक, 43 बसों में 1478 प्रवासी श्रमिक, दुसानी यमुनानगर से 5 बसों में 178 प्रवासी श्रमिक, 13 बसों में 432 श्रमिकों तथा 9 बसों में 337 श्रमिक पिलखनी जिला सहारनपुर (उत्तरप्रदेश) के लिए कुल 4082 प्रवासी मजदूरों को लेकर रवाना हुई। हर बस में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए केवल 40 प्रवासी मजदूरों को भेजा जा रहा है।



The crowd in the relief camps is so much that it is not possible to maintain social distancing, but to fight




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