मंगलवार, 23 मार्च 2021

कोरोना पर कैसे पाएं काबू:रैपिड एंटीजन किट नहीं, RTPCR से 24-48 घंटे में मिल रही कोविड रिपोर्ट


  • बीमारी पर नियंत्रण के लिए रोजाना 6 हजार जांचों का लक्ष्य, लेकिन साढ़े 4 हजार ही सैंपल ले पा रहे,

  • 2 हजार सैंपल हर दिन जांचने की क्षमता है एमजीएम मेडिकल कॉलेज की,


  • 400 लोग रोज निजी सेंटर पर पहुंच रहे जांच करवाने

कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए टेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा है, इसलिए सैंपल की संख्या बढ़ा दी गई है। जिले को रोजाना साढ़े 6 हजार जांचें करने का टारगेट दिया है। हालांकि साढ़े 4 हजार सैंपल की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का अमला रोजाना तीन से साढ़े तीन हजार सैंपल जांच के लिए भेज रहा है। रैपिड एंटीजन जांच किट नहीं मिलने के कारण आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब की क्षमता रोज 2000 सैंपल जांचने की है।

पिछले साल बताया गया था कि अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे क्षमता चार हजार सैंपल हो जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसलिए निजी लैब से अनुबंध किया गया है। रोजाना एक से डेढ़ हजार सैंपल सुप्राटेक लैब को भेजे जा रहे हैं। डीन डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि सैंपल की संख्या अधिक होने से हमने निजी लैब से अनुबंध किया है। अब 24 से 48 घंटे में रिपोर्ट दे रहे हैं। उधर, निजी अस्पतालों और लेबोरेटरीज की बात करें तो यहां भी रोजाना हजारों की संख्या में जांच हो रही है। रोजाना औसतन चार सौ लोग निजी सेंटर पर जांच करवाने पहुंचे रहे हैं।

सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 36 कोरोना मरीजों को किया भर्ती

सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में एक बार फिर कोरोना संक्रमितों का इलाज होगा। सोमवार को यहां 36 मरीजों को भर्ती किया गया। सांसद शंकर लालवानी व संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने निरीक्षण कर कोविड मरीजों को भर्ती करने के लिए कहा था। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं। इस कारण सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल की सेवाएं शुरू की गई हैं।

17 दिन पहले दिल्ली भेजे थे सैंपल, अब तक स्ट्रेन जांच की रिपोर्ट नहीं

कोरोना के नए स्ट्रेन की जांच के लिए 104 सैंपल दिल्ली भेजे गए थे। इनमें से छह में वायरस के नए प्रकार की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जांच के लिए सैंपल दो बार और भेजे जा चुके हैं, लेकिन रिपोर्ट 17 दिन बाद भी नहीं मिल रही है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि दस दिन में रिपोर्ट मिल जाना चाहिए, लेकिन अब तक क्यों नहीं मिली, यह बताना मुश्किल है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट पहले राज्य शासन को मिलेगी। उसके बाद यहां आएगी। उधर, काेविड-19 के नोडल अधिकारी डाॅ. अमित मालाकार कहते हैं कि अभी हमें रिपोर्ट नहीं मिली है। देशभर से सैंपल जांच के लिए दिल्ली जा रहे हैं। संभवत: इससे देरी हो रही है।

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