- ग्रामीण क्षेत्र में सादगी के साथ एक-दूसरे से मिलकर दे रहे होली की बधाई,
- कोरोना के चलते कही भी सार्वजनिक आयोजन नहीं, चौराहों पर पुलिस तैनात
मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा है। गली-मोहल्लों में जरूर बच्चों की रंग-गुलाल और पिचकारी के साथ मस्ती चल रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग एक-दूसरे से मिलकर होली की बधाई दे रहे हैं, लेकिन कोरोना के चलते कहीं भी सार्वजनिक आयोजन नहीं हुए हैं। चौराहों पर पुलिस तैनात है।
भोपाल में रविवार के लॉकडाउन के बाद सोमवार सुबह सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही आते-जाते दिखे। बाजार में कई जगह रंग गुलाल, किराना, सब्जी, फल, नाश्ते की दुकानें खुलीं। कई जगह पुलिस ने रंग गुलाल की दुकानों को बंद करा दिया। इस पर आपत्ति जताते हुए लोगों ने कहा कि CM परंपरा निभाने की बात कर रहे हैं, यहां पुलिस जबरन दुकान बंद करा रही है।
इंदौर में लॉकडाउन के बीच मुख्य सड़कें सूनी पड़ी हैं। सामान्य तौर पर इक्का-दुक्का लोगों की आवाजाही जारी है। पुलिस भी चौराहों की तरफ रुख कर रही है। लेकिन गली-मोहल्लों में बच्चे सुबह से पिचकारी और रंगों की थैली लेकर मस्ती कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग सादगी से एक-दूसरे से मिलकर होली मना रहे हैं।
ग्वालियर में कोरोना के डर को नजरअंदाज करते हुए लोग होली मना रहे हैं। गली मोहल्लों से लेकर बाजारों में जमकर अबीर-गुलाल उड़ रहा है और सारे नियम टूट रहे हैं। न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा रहा है न ही लोग मास्क पहन रहे हैं। हां इस बार जुलूस, रैली ओर होली की टोलियां घूमते नजर नहीं आई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के भी पूरे इंतजाम हैं। करीब 1400 जवान और अफसर होली के मौके पर सुरक्षा में लगे हैं। शहर के लालटीपारा गौशाला में संतों की होली भी आकर्षण का केंद्र रही है। यहां पहले गोबर से सभी को सैनेटाइज किया गया फिर रंगों से होली खेली गई।
जबलपुर में स्वयं की बंदिशों के बीच होली खेली जा रही है। गली-मोहल्ले में बच्चे सुबह नौ बजे से ही रंग, गेरू व लाल मिट्टी की होली खेल रहे थे। कुछ ने अंडे भी एक-दूसरे पर फेंके। अबीर-गुलाल लगाकर एक-दूसरे से गले मिल रहे हैं। होली पर किसी सार्वजनिक आयोजन पर रोक है। जुलूस या टोली में होली खेलने पर भी पाबंदी है। पूरे शहर में पुलिस की 14 अस्थाई चौकियां, 130 प्वाइंट और 70 के लगभग मोबाइल पार्टियां बनाई गई हैं, जो लगातार भ्रमण कर रही हैं। लॉकडाउन के बाद सुबह सब्जी व किराना की दुकानें खुली हैं।
उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी में भी होली की धूम है। परंपरा अनुसार होली के त्योहार की शुरुआत शहर में सबसे पहले बाबा महाकाल मंदिर प्रांगण से हुई। बाबा महाकाल के दर पर धूमधाम से होली का उत्सव मनाया गया। सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आती में इस बार भक्त तो शामिल नहीं हो पाए, लेकिन पंडे-पुजारियों ने महाकाल के साथ होली खेली। यहां सभी ने बाबा की भक्ति में लीन होकर अबीर गुलाल और फूलों के साथ होली मनाई। रंग-गुलाल ऐसा उड़ा कि बाबा का दरबार रंगों से सराबोर हो गया।
सागर में कोरोना संक्रमण के बीच रविवार रात सागर में 200 स्थानों पर होलिका दहन किया गया। इस दौरान आयोजकों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए होलिका दहन किया। वहीं व्यवस्थाएं संभालने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। होलिका दहन होते ही रंगोत्सव की शुरुआत हुई और सोमवार सुबह से लोगों ने एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाया। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते सड़कों पर सन्नाटा रहा। युवाओं की टोलियों का हुड़दंग नजर नहीं आया। सुबह से ही मुख्य मार्गों और चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। बगैर किसी कारण सड़कों पर घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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