इंडस्ट्रीज को चाहिए बड़ा बूस्ट अप
आत्मर्निभर देश और मप्र की बात करें तो इसके लिए इंडस्ट्रीज का पार्ट सबसे अहम है। ऐसे में जबलपुर के उद्यम क्षेत्र को एक बडे ब्रेक थ्रू की जरूरत है। खासकर मेटल, फाइबर इंडस्ट्री, गारमेंट्स, हर्बल, खनिज से जुडे उद्योग ही ऐसे रहे जिसने जीडीपी को बढाने में बडी कारकर भूमिक अदा की। बजट में ऐसे प्रावधान जरुरी है जिससे यह सेक्टर कोरोना से मिले जख्म को भर सके।
मिष्ठान्न-नमकीन क्लस्टर
केंद्र सरकार से भले ही स्वीकृति मिल गई है मगर अब भी जमीन आवंटन से लेकर नक्शा स्वीकृति व अन्य ऐसी सुविधाएँ हैं, जो शासन के माध्यम से ही पूरी होना संभव है। ऐसे में इस क्लस्टर को भी राज्य शासन के बजट में राशि के साथ ही निवेशकों को राहत दिए जाने की अपेक्षा की जा रही है।
टेक्नो पार्क को बड़ी उम्मीद
बरगी हिल्स स्थित बनने वाले टेक्नो पार्क का कार्य पिछले कुछ माह से फंड की कमी और उनकी डिजाइन को लेकर उलझा हुआ है। यहाँ के निवेशक व प्लॉट लेने वाले इस बात की उम्मीद जता रहे हैं कि बजट में राशि के साथ ही निवेशकों को बड़ी राहत मिल सकती है, जिससे कारोबार करने में आसानी होगी।
रेडीमेड गारमेंट्स बड़ा सेक्टर
शहर का बड़ा कारोबार रेडीमेड गारमेंट्स जिसकी देश के कई राज्यों में अपनी अलग पहचान बनी हुई है उसे गति नहीं मिल पा रही है। रेडीमेड गारमेंट्स पार्क का निर्माण अगर समय रहते पूरा हो जाता तो न केवल 200 यूनिटें चालू हो जातीं बल्कि इन यूनिटों से हजारों लोगों को काम भी मिलता।
उम्मीदें ये भी
- एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत जबलपुर में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना भी जरूरी।
- आत्मनिर्भर भारत व आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने स्वरोज़गारोन्मुखी योजनाओं में वित्तीय आवंटन को बढ़ाना होगा।
- जबलपुर व महाकौशल क्षेत्र में लोजिस्टिक्स पार्क की स्थापना, डिफेंस क्लस्टर की योजना को आगे बढ़ाना अनिवार्य।
शहर के आसपास बहुतायत में खनिज हर्बल खाद्यान्न हैं। इन तीनों प्रोसेस की इंडस्ट्री को बढ़ावा देने बजट में बड़ा पैकेज होना चाहिए। टूरिज्म के क्षेत्र में महाकौशल विकसित हो सकता है, लेकिन एप्रोज रोड नहीं होने से यह क्षेत्र उपेक्षित है।
-रवि गुप्ता, उद्योगपति
कोरोना काल का सबसे ज़्यादा प्रभाव एमएसएमई पर पड़ा है। सरकार को इस सेक्टर पर सबसे ज़्यादा ध्यान देना होगा। इसके लिए बिजली की दरों को कम किया जाना चाहिए, साथ ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए एमएसएमई के लिए सरकार अलग से प्रोत्साहन योजना लाए। इसके लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए।
-अतुल गुप्ता, उद्योगपति
प्रदेश शासन का कोरोना काल के दौरान का यह महत्वपूर्ण बजट है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति संकट में है तथा ऋण लेकर योजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है। उद्योग व्यापार जगत को बजट से बहुत आशाएँ हैं। सबसे ज्यादा जरूरी नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने फंड देना होगा।
-हिमांशु खरे, उपाध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ मप्र चेम्बर्स
व्यापारियों द्वारा एक बड़ी राहत की उम्मीद की जा रही है। कोरोना के दौरान जो व्यापारी टूट चुके हैं उन्हें फिर से खड़ा होने के लिए शासन से पैकेज दिया जाना चाहिए।
-अनूप अग्रवाल, व्यापारी
नर्मदा कॉरिडोर के लिए जरूरी है प्रदेश सरकार की इनायत
बढ़ती बेरोजगारी से परेशान शहर को इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती का डोज चाहिए और इसके लिए बड़ी योजनाओं पर अमल जरूरी है। नर्मदा समृद्धि कॉरिडोर की कल्पना तो की गई लेकिन इसके बाद प्रदेश शासन से मदद नहीं मिली तो यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। जबकि इससे शहर का कायाकल्प हो सकता है। सीवर का कार्य कछुआ गति से चल रहा है इसमें भी अब राशि आड़े आने लगी है और यदि जल्द ही सरकार ने मदद नहीं की तो परेशानी खड़ी हो जाएगी।

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