- बीओ विष्णु खरे, असित खरे और अश्विन जनवदे के यहां सबसे ज्यादा पेंडेंसी, बिल्डिंग परमिशन विभाग में अटके हैं 410 नक्शे
बिल्डिंग परमिशन विभाग में बढ़ती पेंडेंसी को लेकर निगमायुक्त प्रतिभा पाल बिल्डिंग ऑफिसर (बीओ) और बिल्डिंग इंस्पेक्टर (बीआई) पर शनिवार को जमकर बरसी। उन्होंने खूब खरी-खोटी सुनाते हुए कहा बीओ-बीआई बनने के लिए 100 कॉल करवाते हो, किससे करवाना है यह जानते हो, लेकिन बनने के बाद कोई काम नहीं करते। सबसे ज्यादा 100 फाइलें विष्णु खरे, असित खरे के पास 48 और अश्विन जनवदे के पास 43 केस पेंडिंग होने से सबसे ज्यादा डांट इन्हें ही पड़ी। निगमायुक्त ने दो टूक कह दिया कि इसके अलावा और कोई काम तो है नहीं, यह भी ठीक से नहीं कर पाते।
निगमायुक्त ने कहा चैतन्य (अपर आयुक्त) बताइए किसके पास कितने केस पेंडिंग हैं। अपर आयुक्त ने कहा जिनके पास भी पेंडेंसी है, उन्हें दो बार शोकॉज नोटिस दिए हैं। पहले बिल्डिंग परमिशन में नक्शे की स्वीकृति के लिए 53 दिन लगते थे, अब हम उसे 39 पर ले आए हैं। बीओ विष्णु खरे, असित खरे और अश्विन जनवदे से कहा कि वीकली रिव्यू के बाद भी आपके कंसोल में केस पेंडिंग हैं। यह बताइए कि आप किस चीज में टाइम दे रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा बैठने का समय नहीं मिल पा रहा है, स्वच्छ सर्वेक्षण में लगे हैं। इस पर निगमायुक्त ने कहा उसमें तो सभी लगे हैं लेकिन क्या निगम बंद हो जाएगा। फालतू बातें बनाते हैं आप लोग। खरे से कहा आपके पास तो कोई काम नहीं है फिर क्या करते रहते हैं। खरे ने कहा मैडम एक-दो दिन में कर देंगे। इस पर निगमायुक्त ने कहा एक-दो दिन क्या होता है, काम पूरा करना है तो रात को बैठकर करो। अपर आयुक्त एस. कृष्ण चैतन्य ने बताया कि कुल 1744 केस पेंडिंग हैं। इनमें 890 आर्किटेक्ट कंसोल में है। 410 केस बीओ-बीआई के पास पेंडिंग हैं।

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