- पथरिया विधायक रामबाई ने कहा सब झूठ, मेरा परिवार निर्दोष, मलैया के इशारे पर मेरे पति को फंसाया,
- सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद हत्या के आरोपी गोविंद सिंह की धरपकड़ तेज करने से चर्चा में आए मामले के दो मुख्य किरदारों से भास्कर की खास बातचीत
हटा के देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद डीजीपी के आदेश पर पुलिस और प्रशासन ने बसपा की विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पहले कांग्रेस और अब बीजेपी की सरकार में संरक्षण पाने वाली विधायक रामबाई इस सख्ती पर अब सवाल उठ रही हैं। जबकि कल तक विधायक पर हटा के चौरसिया बंधु कार्रवाई कराने का आरोप लगाते थे, अब रामबाई चौरसिया परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा रही हैं।
रामबाई के पति का नाम दोबारा एफआईआर में जोड़ने को लेकर पुलिस की खामी बता रही हैं तो मृतक देवेंद्र चौरसिया का बेटा सोमेश पिता की हत्या में गोविंद सिंह का शामिल होना बता रहा है। सोमेश जहां मामले में कार्रवाई न करने पर कांग्रेस सरकार और अब बीजेपी सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं, तो रामबाई पर दोनों सरकारों का संरक्षण होने की बात सामने आती रही है। भास्कर ने दोनों पक्षों के बीच विवाद की वजहों पर सीधे सवाल-जवाब पूछे।
मैंने पढ़ने-लिखने की उम्र में पिता खोया, पता नहीं इन अपराधियों की वजह से ऐसे कितने परिवार उजड़ गए
ऐसी कौन सी स्थिति बनी जिस पर आपको सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा?
- पुलिस और प्रशासन ने सहयोग नहीं किया, परिवार का पूरा कारोबार, क्रेशर, ठेकेदारी सब बंद करा दिया। जिस पर मुझे मजबूर होकर सबूतों के आधार पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
पिता की हत्या के मामले में पुलिस और प्रशासन ने आपका सहयोग क्यों नहीं किया?
कोई सहयोग नहीं किया, इसी वजह से मेरे परिवार को दो साल तक मुसीबतें झेलनी पड़ी।
पथरिया विधायक का दावा है उनके पति गोविंद सिंह वारदात में शामिल नहीं थे?
- मैं अकेला चश्मदीद गवाह हूं। एफआईआर में नाम लिखा है। मेरे धारा 161 व 164 के बयानों में यह बात है। मेरी आंखों के सामने सबकुछ है।
घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे थे, आपने क्यों निकाले?
- वहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था।
आपको किस तरह की क्षति पहुंचाई गई?
- पढ़ने-लिखने की उम्र में मैंने पिता को खोया है, मेरे जैसे औरों ने भी अपनों को खोया, इन अपराधियों ने कितने परिवार उजाड़ दिए, मैं टूट चुका था, लेकिन हारा नहीं।
आपके परिवार पर भी गंभीर केस दर्ज हैं?
- सरकार के इशारे पर पुलिस ने मेरे परिवार के चार सदस्यों पर 307 का झूठा मामला दर्ज किया, वन विभाग ने छापा मारा और छापा मारने वाले अधिकारियों ने खुद कहा कि आपका काम सही है, इसका वीडियो भी मेरे पास है। फिर भी मुझे उलझाया गया।
अब जो पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई चल रही है, उससे आप संतुष्ट हैं क्या?
- बिल्कुल नहीं, अपराधी को पकड़ने के लिए 24 घंटे पर्याप्त होते हैं, कोर्ट में जवाब देने के लिए खानापूर्ति चल रही है। गोविंद सिंह का 8 जनवरी को वारंट कटा था, एसपी ने नहीं पकड़ा।
इस केस में आगे आप क्या चाहते हैं?
- सरकार को विधायक रामबाई पर सख्त एक्शन लेना चाहिए, जब तक केस चल रहा है, उन्हें मध्यप्रदेश से बाहर रखा जाए, मुझे कहीं न कहीं उनसे डर है।
अब आपको न्याय मिलने की उम्मीद है?
- अब तक जो भी रिलीव मिला है, कोर्ट से मिला है, आगे भी न्याय होगा।
न्याय की लड़ाई लड़ रहे, इसमें किसी का कोई सहयोग नहीं मिल रहा, 3 से 4 दिन में सभी को जवाब दूंगी
पुलिस अपना काम कर रही है, आप सहयोग क्यों नहीं कर रहीं?
- मेरे परिवार के छोटे-छोटे बच्चों को परेशान किया जा रहा है, मोबाइल छीने जा रहे हैं, मारपीट की जा रही है, मेरी मां को कोरोना है, मुझे उनकी चिंता है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई, यह अन्याय नहीं तो और क्या है।
आपके पति हत्या के आराेपी हैं, उन्हें सरेंडर क्याें नहीं कराया?
- देखिएगा, पुलिस ने खुद एसआईटी गठित करके पति का नाम एफआईआर से अलग किया था। अब कोर्ट के माध्यम से फिर जोड़ा गया है, जो है, सो ठीक है। मेरे पति इस केस में शामिल नहीं हैं।
आपके पति आरोपी नहीं हैं तो फरार क्यों हैं?
- इसमें मुझे कुछ नहीं कहना, यह सब भगवान जानता है।
अब आप पुलिस की भूमिका पर सवाल क्यों उठा रही हैं?
- हर चीज का सिस्टम होता है, नाम जुड़ने के बाद से पुलिस तालाशी के लिए बार-बार घर के चक्कर लगा रही है, बेटी को नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। मेरा पूरा परिवार निर्दोष है। मेरे पति को फंसाया जा रहा है।
अब तक की पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में आपने सहयाेग क्याें नहीं किया?
- जिसे जो करना है, करने दो, सभी को एक साथ जवाब दिया जाएगा, मैं अपनी लड़ाई लड़ने में समक्ष हूं। मेरी न्याय की लड़ाई है।
पूर्व वित्तमंत्री के बेटे सिद्धार्थ मलैया का दावा है आपके परिवार पर 123 केस दर्ज हैं?
- यह सब झूठे मामले हैं, यह केस दर्ज कराने वालों का भी पता करें, वह कौन हैं और किसके इशारे पर ऐसा किया गया है। मंत्री मलैया के इशारे पर यह मामले दर्ज हुए हैं।
क्या कारण है कि आपके परिवार के संगठित अपराध ज्यादा हैं?
- सिद्धार्थ (छोना) मलैया, जो इस तरह की बात सुना रहे हैं, उनकी कोई सुनने वाला नहीं है, अब वे अपना दुख जाहिर कर रहे हैं, कोई चपरासी तक उनकी नहीं सुन रहा।
आपकाे पुलिस-प्रशासन से क्या सहयाेग चाहिए?
- जिसे आप तलाश रहे हैं, जिस पर आपको कार्रवाई करना है, आप करें। हमें प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है, हम विधायक हैं और न्याय की लड़ाई अकेले ही लड़ रहे हैं, इसमें किसी से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। 3 से 4 दिन में एक साथ सभी काे जवाब दूंगी।


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