गुरुवार, 25 मार्च 2021

गुलौआ चौक पर दिन-दहाड़े हुई वारदात से सनसनी:दुकानदार पिता-पुत्र ने ग्राहक की चाकुओं से गोदकर की हत्या, महज कुछ रुपयों को लेकर हुआ विवाद, दोनों आरोपी गिरफ्तार


मदन महल थाना क्षेत्र अंतर्गत गुलौआ चौक स्थित एक प्लाईवुड एंड हार्डवेयर दुकान पर दोपहर 12 बजे के करीब सामान लेने गए कारपेंटर का दुकान संचालक व उसके पुत्र से पैसों को लेकर िववाद हो गया। बात यहां तक पहुंची कि दुकानदार पिता-पुत्र ने मिलकर कारपेंटर पर चाकुओं से हमला कर दिया।

हमले में गंभीर रूप से घायल कारपेंटर को इलाज के लिए मेडिकल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया है। उधर परिजनों ने रानीताल श्मशान घाट के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकर्ताओं का कहना था कि मृतक के परिवार की माली हालत उतनी अच्छी नहीं है। उसकी आर्थिक मदद की जानी चाहिए। मदन महल टीआई नीरज वर्मा ने बताया कि गुलौआ चौक पर उपेन्द्र चतुर्वेदी की अतुल प्लाईवुड एंड हार्डवेयर नामक दुकान है। दोपहर को वह अपने बेटे अनुराग के साथ दुकान पर बैठा था। उसी दौरान माढ़ोताल निवासी कारपेंटर विष्णु विश्वकर्मा अपने साथी योगेश तिवारी के साथ दुकान पर सामान लेने पहुँचा था।

विष्णु अक्सर उसी दुकान से सामान खरीदता था। दुकान पर सामान लेने के बाद उसे बिल दिया गया, जिसे देखकर विष्णु ने रेट को लेकर आपत्ति की। इसमें दस या पचास रुपए अतिरिक्त जुड़ गया था। इसी बात पर विवाद शुरू हुआ और पिता-पुत्र ने विष्णु (38 वर्ष) पर चाकू से कई वार कर दिए।

वह रक्तरंजित होकर मरणासन्न हालत में जमीन पर गिर गया। उसके साथी योगेश व कुछ लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर घटना की जानकारी लगने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घटना की जाँच करते हुए आरोपी पिता-पुत्र काे गिरफ्तार कर लिया है।

परिवार में छाया मातम

जानकारों के अनुसार विष्णु अपने परिवार में कमाने वाला इकलौता था। कुछ माह पूर्व ही उसके पिता की मौत हुई थी और वह अपने बड़े भाई संतोष जो कि मूक बधिर है उसका परिवार व अपनी पत्नी त्रिवेणी व दो बच्चों राहुल व हर्ष का भरण पोषण करता था। विष्णु की मौत की खबर से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

आर्थिक सहायता की माँग को लेकर श्मशान के पास शव रखकर किया प्रदर्शन
जानकारों के अनुसार दोपहर बाद मेडिकल में मृतक का पीएम कर शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। उसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय परिजनों ने रानीताल श्मशान घाट के पास शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परिवार का भरण पोषण करने वाला मृतक इकलौता था उसकी मौत से परिवार के सामने गुजर बसर का संकट आ गया है। उन्होंने मृतक के परिजनों को 15 लाख रुपये आर्थिक सहायता दिए जाने की माँग की। करीब आधा घंटे प्रदर्शन उपरांत अधिकारियों की समझाइश पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।


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