मिनी मुंबई कहलाने वाला इंदौर इस होली पर शांत है। जिस शहर में आंख खुलने के साथ ही उसका स्वागत रंग-गुलाल से होता था। आज वहां पर अच्छे से हैप्पी होली का शोर भी सुनाई नहीं दे रहा है। यह सब हुआ है कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन से। इंदौर के सभी मुख्य मार्ग पर सन्नाटा है। बस दिख रही है तो हर कहीं पुलिस और वे लोग जिन्हें जरूरी काम से बाहर निकलना पड़ रहा है। हालांकि लोग घराें में रहकर होली जरूर खेल रहे हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र से उलट ग्रामीण जमकर होली मना रहे हैं। यहां पर सुबह से ही फाग के साथ लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर उत्सव को मना रहे हैं। हालांकि बच्चों की रंग-गुलाल और पिचकारी की मस्ती जरूर सुबह से ही जारी है। कहीं भी सार्वजिनक आयोजन नहीं हो रहे हैं।
पुलिस आने-जाने वालों से कर ही पूछताछ, पिचकारी की दुकानें बंद करवाईं
सोमवार को धुलेंडी पर जिला प्रशासन के प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत बेवजह आने-जाने पर रोक है। पुलिस हर आने जाने वालों से पूछताछ कर रही है। बेवजह घूमने वालों की खैर खबर भी ली जा रही है। जो भी रंग-पिचकारी की दुकान खुली दिखी, उन्हें बंद करवाया गया। शासन से लेकर प्रशासन तक अपनी होली, अपना परिवार का नारा दिया गया है और सामूहिक तौर पर होली नहीं खेलने की अपील की गई है। साथ ही प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी हैं। हालांकि आज भी अनिवार्य सेवा ही जारी है, इसमें दूध, दवा और राशन की दुकान शामिल हैं लेकिन कार्यालय, व्यवसायिक संस्थान बंद हैं।
कलेक्टर मनीष सिंह ने लॉकडाउन रहने जैसी बात कही
वहीं, कलेक्टर मनीष सिंह ने धुलेंडी पर लॉकडाउन जैसी स्थिति रहने की बात कही है। उनका कहना है कि बेवजह आने-जाने पर रोक है, अपना त्योहार अपने घर पर ही मनाएं, नया संक्रमण काफी तेज है। इस समय बेवजह का मेल-जोल ठीक नहीं है, सभी बड़े अस्पतालों में बेड फुल हैं। सार्वजनिक तौर पर कोई भी आयोजन पर रोक है। भीड़ कहीं भी नहीं होने दी जाएगी। आप अपने परिवार के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन किसी भी स्तर पर संपर्क से बचना चाहिए। किसी जरूरी काम से आना-जाना है तो सही है, लेकिन अन्य कारण से जाने पर पुलिस 144 का उल्लंघन मानेगी।
ग्रामीणों ने गाया फाग, काॅलोनी में उड़ा रंग-गुलाल
धुलेंडी पर वैसे तो लॉकडाउन जैसा ही माहौल है। सभी मुख्य मार्ग पर सन्नाटा है, फिर चाहे बात करें अन्नापूर्णा रोड की, राजबाड़ा की या भंवरकुआं की। कहीं भी बेवजह लोग घुमते नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर काॅलोनियों और मल्टियों में जमकर रंग-गुलाल उड़ रहा है। लोग इस बार छोटे स्तर पर ही धुलेंडी मना रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही फाग की गूंज सुनाई देने लगी है। लोग टोलियों में घर-घर जाकर होली की बधाई दे रहे हैं।
रात में नियमों के साथ हुआ होली का दहन
कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए रविवार को लगाए गए लॉकडाउन में नियमों एवं शर्तों के साथ होलिका दहन किया गया। समितियों ने सीमित संख्या में मौजूद होकर परंपरा का निर्वहन करते हुए सांकेतिक रूप से होलिका दहन किया। इस बार गली, मोहल्ले और चौराहे पर होलिका दहन हुए। हर साल राजबाड़ा मुख्य द्वार पर होने वाला सरकारी होलिका दहन इस बार मल्हारी मार्तंड मंदिर में किया गया। कुछ लोगों ने राजबाड़ा के मुख्य द्वार पर भी कंडे रखकर होली जला दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों व जवान के साथ नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों की मौजूदगी में महिला व पुरुषों ने पूजन किया। पूजन सामग्री के साथ जल चढ़कर परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की। पुलिस ने किसी को रुकने नहीं दिया। जिन महिलाओं ने मास्क नहीं लगाया था, उन्हें पूजन नहीं करने दिया।
इन क्षेत्रों में होली जली, लेकिन धुलेंडी पर सन्नाटा
छावनी, अन्नपूर्णा, कलेक्टोरेट, आड़ा बाजार, राजमोहल्ला, एरोड्रम, खजराना, विजय नगर, स्कीम नं. 78, कनाड़िया, बंगाली चौराहा, तिलक नगर, खंडवा रोड, तेजाजी नगर, देवासनाका सहित अन्य क्षेत्रों में छोटे स्वरूप में होलिका दहन किया गया। अधिकांश होली दहन समितियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लकड़ी के बजाय गाय के गोबर से बने कंडे और गो-काष्ठ का उपयोग किया। हालांकि इस बार रंग उड़ाती शहर के पूर्वी क्षेत्र से मुरली मनोहर की फाग यात्रा तो पश्चिम से राधा कृष्ण का बाना नहीं निकला। वहीं, सुबह से इन सभी इलाकों की ओर जाने वाली सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।






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