गों का त्योहार होली 28 और 29 मार्च को मनाया जाएगा। लेकिन इस साल तेज हो रही कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने इस त्योहार का रंग और स्वरूप बदल दिया है। शहर में 200 स्थानों पर सालों से जलाई जा रही होली का स्वरूप छोटा हाे गया है। जबकि सदर में इस साल से होली दहन के दौरान भक्त प्रह्लाद और होलिका की झांकी भी सजाई जानी थी। जिसे स्थगित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार शहर के सिविल लाइंस, गोपालगंज, तिली, मकरोनिया, सदर, कटरा, तीनबत्ती, गुजराती बाजार, बड़ा बाजार, भगवानगंज, सिंधी कैंप, मोतीनगर, पंतनगर सहित शहर के सभी 48 वार्डों में करीब 200 स्थानों पर होली दहन किया जाता है। इनमें करीब 25 से ज्यादा स्थानों पर बड़े स्वरूप में होली जलाई जाती है। लेकिन इस साल भीतर बाजार और शास्त्रीनगर वार्ड को छोड़कर अन्य स्थानों पर होली का स्वरूप छोटा कर दिया गया है। ताकि परंपरा भी बनी रहे और कोरोना गाइड व प्रशासन के निर्देशों का पालन भी किया जा सके।
रविवार को शहर में 200 स्थानों पर कोविड गाइड लाइन के आधार पर जलेगी होली
सदर; अब अगले साल लगाएंगे झांकी
श्री बालक होली समिति के 3 मुहाल सदर के अध्यक्ष शंभू विश्वकर्मा व सदस्य रविंद्र अवस्थी बताते हैं कि 60 साल से होली दहन कर रहे हैं। इस साल से होली के दौरान भक्त प्रह्लाद और होलिका की झांकी लगाने की योजना थी। लेकिन कोविड-19 के प्रकोप के कारण पहली बार होली का स्वरूप भी छोटा किया गया है। अब झांकी भी अगले साल से सजाई जाएगी।
गुजराती बाजार; सदस्य मिलकर करेंगे दहन
शिवसेना होलिका दहन समिति के अध्यक्ष पप्पू तिवारी बताते हैं कि 22 साल से होली दहन कर रहे हैं। लेकिन इस साल ऐसा आयोजन करेंगे कि परंपरा भी बनी रहे और प्रशासन के नियमों का उल्लंघन भी नहीं हो। होली का स्वरूप पहली बार छोटा कर दिया गया है। केवल सदस्य मिलकर होलिका दहन करेंगे। इस दौरान मास्क और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।
सिंधी कैंप; गाइड लाइन का पालन भी कराएंगे
श्री हनुमान मंदिर होली दहन समिति सिंधी कैंप के सदस्य संजय दुबे ने बताया कि 35 साल से होली दहन किया जा रहा है। इस साल भी परंपरा के अनुसार ही भव्य होलिका दहन किया जाएगा। कोविड गाइड लाइन के पालन के लिए भी तैयारियां की गई हैं। होली स्थल पर लोगों की भीड़ जमा नहीं होने दी जाएगी। मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।
भीतर बाजार; प्रतीकात्मक करेंगे होलिका दहन
होलिका दहन समिति भीतर बाजार के अध्यक्ष मोहन केसरवानी बताते हैं कि करीब 62 साल से हाेलिका दहन हो रहा है। यह पहला मौका है जब प्रतीकात्मक होली का दहन होगा। दहन के दौरान लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया है। लेकिन इसके बाद भी उपस्थित रहने वाले लोगों को मास्क, सेनेटाइजर और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।
मकरोनिया; रात 9 बजे से पहले करेंगे दहन
श्रीराम दरबार मंदिर कमेटी प्रभाकर नगर के संरक्षक वीरेंद्र गौर ने बताया कि 20 साल से होलिका दहन हो रहा है। लेकिन इस साल कोविड के कारण स्वरूप छोटा कर दिया गया है। साथ ही आयोजन भी ऐसा रखा गया है कि परंपरा भी नहीं टूटे और गाइड लाइन के अनुसार इसका निर्वाह हो जाए। शुभ मुहूर्त में ही रात 9 बजे से पहले होली दहन कर दिया जाएगा।
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