अब केवल मुरैना में ही बनेगा सब्जी क्लस्टर
इजराइल के स्मार्ट तरीके से मप्र के दो जिले मुरैना और छिंदवाड़ा में होने वाली आधुनिक खेती का प्रोजेक्ट विवादों में अटक गया है। उद्यानिकी विभाग ने इजराइल से सहमति के बाद छिंदवाड़ा में बनने वाले नीबू और संतरे के क्लस्टर को रोक दिया है। केवल मुरैना में सब्जी क्लस्टर मंजूर किया गया है। सीएम सचिवालय की आपत्ति के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा में फ्रूट क्लस्टर की जगह दूसरे जिले का चयन किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने देशभर में इजराइल की तकनीक वाली खेती के मॉडल प्रोजेक्ट के लिए 42 जिले चुने है। इसमें मध्यप्रदेश में दो जिलों को मंजूरी दी गई है। इस नई तकनीक से संरक्षित खेती के प्रोजेक्ट पर करार के लिए इजराइल के राजनयिक सलाहकार डेन एलफ फरवरी से भारत के दौरे पर है। आधुनिक खेती पर 19 फरवरी को दिल्ली में चयनित प्रदेश के डायरेक्टर बुलाए गए थे। प्रदेश से उद्यानिकी विभाग के डायरेक्टर मनोज अग्रवाल मौजूद थे।
इजराइल के राजनयिक सलाहकार ने किया ट्वीट
इजराइल के राजनयिक सलाहकार डेन एलफ ने 19 फरवरी को मध्यप्रदेश के साथ काम करने का ट्वीट किया था। इसमें इंडो-इजराइल एग्रीकल्चरल प्रोजेक्ट (सीओई) के नाम से मुरैना में सब्जी की संरक्षित खेती और छिंदवाड़ा में फल क्लस्टर पर साथ काम करने का ट्वीट था। डायरेक्टर की तारीफ की थी।
सीएमओ से जताई नाराजगी
उद्यानिकी विभाग से छिंदवाड़ा में संतरे और नींबू की इजराइली तकनीक से खेती कराने का प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार में भेजा गया था। केंद्र से अब मंजूरी मिली है।
छिंदवाड़ा में क्लस्टर प्रोजेक्ट की शिकायत सीएमओ तक होने के बाद सचिवालय ने उद्यानिकी अफसरों पर नाराजगी जताई। छिंदवाड़ा को रोक दिया गया है।
ट्रेनिंंग लेने के लिए इजराइल जाएगा विभाग का स्टाफ
मुरैना में सब्जी क्लस्टर के लिए मंजूरी हो गई है। छिंदवाड़ा को होल्ड किया है, क्योंकि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बाकी है। दूसरे जिले का चयन बाद में होगा। इजराइल हमें आधुनिक खेती की तकनीक देगा। इजराइली विशेषज्ञों से ट्रेंड होने विभाग का स्टाफ इजराइल भेजा जाएगा।
- मनोज कुमार अग्रवाल, डॉयरेक्टर, उद्यानिकी विभाग

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