एसईसीएल द्वारा पर्यावरण की अनदेखी करने का बड़ा खुलासा हुआ है। जिले के धनपुरी में 2 हजार वर्गफीट क्षेत्र में अव्यवस्थित रखे वेस्ट यानि यूज्ड ऑइल से भरे करीब 300 ड्रमों में से कई फूटे हुए थे तथा कुछ के ढक्कन खुले छोड़ दिए गए थे। इसके कारण यूज्ड ऑइल अनियंत्रित रूप से बह रहा था।
जमीन की मिट्टी और भूमिगत जल को खासा नुकसान पहुंचाने वाली यह बदरंग तस्वीर एसईसीएल की धनपुरी ओपन कास्ट माइन की है। कुछ ऐसा ही नजारा शारदा ओपन कास्ट माइन में यूज्ड ऑइल के रखरखाव का निरीक्षण करने पहुंची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को भी मिला था।
पानी व मिट्टी हो रही प्रदूषित
धनपुरी व शारदा माइन्स में लंबे समय से वेस्ट ऑइल का संग्रहण चारों ओर से खुले स्थान पर किया जा रहा है। उसकी सतह समीप के क्षेत्र की सतह के बराबर है। इस कारण बरसात में बारिश का पानी तेल के संपर्क में आकर प्रदूषित होता रहा। सर्फेस रन ऑफ भी खतरनाक अपशिष्ट वेस्ट ऑइल के संपर्क में आकर प्रदूषित होता रहा।
खुले में स्टोर किया गया था खतरनाक यूज्ड ऑइल, कुछ ड्रमों से बह कर जमीन पर गिर रहा था तेल
यह किया जाना चाहिए था| गाइडलाइन के अनुसार अस्थाई भंडारण स्थल की निचली सतह की ऊंचाई समीप के ग्राउंड लेवल से अधिक होनी चाहिए। यूज्ड ऑइल कवर्ड स्टोरेज शेड या कक्ष में इस प्रकार रखा जाना चाहिए कि बारिश का पानी इसके संपर्क में न आए तथा सरफेस रन ऑफ खतरनाक यूज्ड ऑइल के संपर्क में आकर दूषित न हो। इसी तरह से यूज्ड ऑइल को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पंजीकृत री-साइकिल संस्था को पहुंचा कर पंजीकृत संस्था से फार्म नंबर 10 की प्रति प्राप्त कर बोर्ड में जमा कराई जानी चाहिए।
पर्यावरण के लिए खतरनाक है यूज्ड ऑइल
पर्यावरणविदें के अनुसार माइन्स में जहां भी लुब्रिकेंट ऑइल का काम होता है, उन जगहों से निकलने वाला वेस्ट ऑइल पानी और मिट्टी के लिए खतरनाक है। खतरनाक अपशिष्ट की श्रेणी में शामिल वेस्ट ऑइल के पानी में मिलने से यह पानी की ऊपरी सतह पर तैरने लगता है, जिससे घुलित आक्सीजन की मात्रा प्रभावित होने के साथ पानी प्रदूषित होता है और जलीय जीव-जंतुओं के स्वास्थ्य एवं अस्तित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वेस्ट ऑइल जहां भी गिरता है। उस जमीन की उर्वरता खराब हो जाती है।

0 coment rios:
Hi friends