- बांध की सफाई आगे आएं सब मिलकर हाथ बढ़ाएं,
- दोहरा फायदा... बांध के गहरीकरण से जहां बढ़ेगी जल संग्रहण की क्षमता, वहीं उपजाऊ मिट्टी से बढ़ेगा फसलों का उत्पादन
गोहद के बैसली बांध में चल रहे गहरीकरण से गोहदवासियों को दोहरा फायदा होने वाला है। पहला तो इस खुदाई से जहां बांध में जलसंग्रहण की क्षमता बढ़ रही है। वहीं दूसरा खुदाई में निकलने वाली मिट्टी खेती के लिए बहुत उपयोगी है। यही कारण है कि जो किसान इस बात को जानते हैं वे इस मिट्टी को लेने के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर बांध पर पहुंच रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक एसपी शर्मा की मानें तो पानी के साथ बहकर आने वाली मिट्टी में कई पोषक तत्व होते हैं जो कि सभी प्रकार की फसलों के लिए काफी लाभदायक होते हैं।
नगरवासी कर रहे श्रमदान
यहां बता दें कि वर्ष 1919 में बनकर तैयार हुए गोहद के बैसली सफाई न होने की वजह से उसमें 505 फीट सिल्ट (मिट्टी) जमा हो गई है, जिससे इस बांध में जल संग्रहण की क्षमता मात्र 3 रहने से हर दो माह बाद यहां पेयजल संकट उत्पन्न होता था। लेकिन इस बार नगरवासियों ने बांध के गहरीकरण की ठानी और स्वयं चंदा कर राशि जुटाकर इसका गहरीकरण कराने के लिए पोकलेन मशीनें उतार दीं। सोमवार को अभियान में वकील, सराफा व्यवसायी और डॉक्टर श्रमदान करेंगे।
अपील... प्रशासन बोला मुफ्त उठा सकते हैं मिट्टी
बांध की खुदाई में निकलने वाली मिट्टी के उठाव के लिए प्रशासन ने 10 ट्रैक्टर ट्राॅली व 15 डंपर का इंतजाम किया। साथ ही कहा कि कोई भी व्यक्ति जरुरत के अनुसार बांध की मिट्टी मुफ्त में उठा सकता है। जब यह बात अन्य किसानों को पता चली तो अब से मिट्टी लेने के लिए किसानों में होड़ लग गई है। कोई 50 तो कोई 100 ट्राॅली मिट्टी लेने की बात कह रहा है।
उत्साह... सफाई में जुटे लोगों के लिए ला रहे भोजन
बैसली बांध की सफाई को लेकर नगर के लोगों में काफी उत्साह है। स्थिति यह है कि नगर के समाजसेवी सुबह से लेकर रात तक बांध के गहरीकरण कार्य की खुद ही मॉनीटरिंग कर रहे हैं, साथ ही श्रमदान कर रहे हैं। रविवार को शुभम भटेले, दिनेश भटेले, संतोष शर्मा, सुखवीर सिंह, अनुराग शुक्ला आदि ने खाना, नाश्ता और चाय पिलाई।
सलाह... उद्यानिकी फसलों के लिए लाभदायक है मिट्टी
कृषि वैज्ञानिक एसपी शर्मा के अनुसार पानी के साथ बहकर आने वाली मिट्टी में कई पोषक तत्व होते हैं। जइसीप्रकार से नदी, तालाब और बांध के पानी में भी पोटाश, फास्फोरस सहित अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व काफी मात्रा में होते हैं, जो कि उद्यानिकी फसलों के साथ साथ धान के लिए भी काफी लाभदायक होते हैं।
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