- 20 दिन में 1629 सैंपल की रेपिड किट से जांच,
- 2 पॉजिटिव मिले,2205 सैंपल की आरटी-पीसीआर में जांच में 12 पॉजिटिव आए सामने,जिले में एक नया कोरोना पॉजिटिव मिला,
- अब 10 एक्टिव केस
कोरोना वायरस ने अपना स्वरुप बदल लिया है। जिला अस्पताल में होने वाली आरएटी (रेपिड एंटीजन टेस्टिंग) जांच में कोरोना पकड़ में नहीं आ रहा है। ऐसे में एक बार आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन) टेस्ट की संख्या बढ़ाई जा रही है। स्थिति यह है कि इस महीने के पिछले 20 दिनों में जो 14 नए मरीज सामने आए हैं, उनमें से 12 मरीज सिर्फ आरटी- पीसीआर की जांच में सामने आए हैं। ऐसे में अब पुनः कोरोना संदिग्धों के ज्यादातर सैंपल ग्वालियर भेजे जाने लगे हैं।
यहां बता दें कि मार्च के महीने में कोरोना संक्रमण के संदेह में अब तक 4998 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं, जिसमें से 2097 सैंपल की जिला अस्पताल में आरएटी से जांच की गई। जबकि शेष 2901 सैंपल आरटी-पीसीआर जांच के लिए ग्वालियर भेजे गए हैं। इसी प्रकार से पिछले 20 दिनों में आरएटी से जांचे गए 1629 सैंपल में सिर्फ दो पॉजिटिव आए हैं। वहीं ग्वालियर आरटी-पीसीआर जांच के लिए भेजे गए 2205 सैंपल में 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिससे कहीं न कहीं यह प्रतीत हो रहा है कि अब कोरोना वायरस आरएटी जांच में पकड़ में नहीं आ रहा है।
फिर बढ़ाई गई आरटी-पीसीआर जांचः जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ अवधेश सोनी की मानें तो आरएटी जांच की तुलना में आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट ज्यादा विश्वात्मक है। वहीं इस महीने जो भी नए मरीज सामने आए हैं, उनमें ज्यादातर आरटी-पीसीआर की जांच में ही सामने आए हैं। ऐसे में एक बार फिर आरटी-पीसीआर के सैंपलों की संख्या बढ़ाई गई है। हालांकि इसकी रिपोर्ट अगले 24 घंटे में जरूर मिलती है। लेकिन उसका भरोसा ज्यादा है। यही वजह है कि पिछले दिनों आरटी-पीसीआर जांच के लिए 100 के करीब सैंपल भेजे जा रहे थे, उनकी संख्या बढ़ाकर 150 कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि मार्च महीने में मिले कुल 15 मरीजों में से 10 मरीज ऐसे हैं जो दूसरे शहरों से वायरस लेकर आए हैं। बावजूद प्रशासन ने दूसरे शहरों से आने वाले लोगों की निगरानी के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। हालांकि कुछ लोग तो सीधे जिला अस्पताल में जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन बड़ी संख्या में लोग सीधे अपने घर जाकर लोगों से मिलजुल रहे हैं, जिससे एक बार फिर संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
पूना से आया युवक मिला कोरोना संक्रमित
शनिवार को जिले में एक ओर कोरोना संक्रमित मिला है। हरनाथपुरा निवासी 23 वर्षीय युवक दो दिन पहले ही पूना से लौटा था। हालांकि उसने घर जाने से पहले जिला अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच कराई थी। जहां कोरोना संक्रमण के संदेह में उसका सैंपल लेकर ग्वालियर जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस प्रकार से जिले में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 1521 हो गई है, जिसमें मार्च महीने में मिलने वाले मरीजों की संख्या 15 हो गई है। वहीं अब जिले में कोरोना के एक्टिव केस 10 चल रहे हैं।
एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगेगी वैक्सीन, 18 अतिरिक्त सेंटर बनाए
1 अप्रैल से 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। भिंड जिले में वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। यह वैक्सीन 18 केंद्रों पर लगाई जाएगी। यहां पहुंच कर आम व्यक्ति अपना तत्काल रजिस्ट्रेशन कराकर वैक्सीन लगवा सकेगा। वैक्सीन के लिए भिंड शहर में जिला अस्पताल में दो व एक अन्य वैक्सीन सेंटर खोले गए हैं।
इसी तरह मेहगांव, अमायन, गोरमी, गोहद, मौ, मालनपुर, अटेर, सुरपुरा, फूप, लहार, दबोह, आलमपुर, रौन मछंड, मिहोना और किशनपुरा वैक्सीनेशन सेंटरों को खोला गया है। टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर सतीश शर्मा ने बताया कि जिले में एक अप्रैल से 45 साल तक के लोगों को वैक्सीन लगना शुरू होगी। वैक्सीन लगाए जाने को लेकर 18 सेंटर बनाए गए है। टीका लगवाने आने वालों के रजिस्ट्रेशन के लिए अतिरिक्त खिड़की खोली जाएंगी। इससे यहां कोरोना का टीका लगवाने आने वालों को परेशानी न हो।
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