सरकारी अस्पताल में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और सरकारी कर्मचारियोंं को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम चल रहा है। स्थानीय स्तर पर बुजुर्गों के लिए ठीक व्यवस्थाएं ना होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने अस्पताल प्रबंधन से सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। सरकारी अस्पताल में जहां कोविड सेंटर था, उसी को कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है।
यहां निचले तल पर बुजुर्गों और ऊपरी तल में शासकीय कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। यहां बुजुर्गों को पंजीयन और वैक्सीन लगवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हाल में इतनी जगह नहीं है कि सभी बुजुर्ग बैठ सके। आधे से ज्यादा बुजुर्ग बाहर बरामदे में और धूप में खड़े रहते हैं।
वहीं पीने के पानी का भी कोई इंतजाम नहीं है। बुजुर्गों का कहना है कि कई घंटे हो जाने के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा, जिसमें हमें खड़े-खड़े इंतजार करना पड़ रहा है। बीपीएम दीपक सुरजिया ने बताया कि कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर पर हॉल में बैठने की व्यवस्था की गई है। कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद लगभग आधा घंटे रोकने के लिए कहा जाता है।
पंजीयन काउंटर के सामने भी बैठक व्यवस्था है। पंजीयन कराने वाले लोगों के बैठने के लिए व्यवस्था के लिए कहे जाने पर सुरजिया ने कहा यह वरिष्ठ अधिकारी तय करेंगे। बुजुर्ग वैक्सीन लगवाने ऑनलाइन ओर ऑफलाइन दोनों माध्यम से आ रहे हैं। ऑनलाइन पंजीयन करने वाले विवेक राय ने कहा कि बीच में ऑफलाइन पंजीयन करने वालों को पहले वैक्सीन लगाई जाती है जिसमें पूर्व से ही ऑनलाइन पंजीयन कराने वाले परेशान होते हैं।
^वैक्सीन सेंटर पर जितना संभव है सुविधाएं दी गई हैं। फिर भी देखेंगे क्या किया जा सकता है जो बेहतर होगा किया जाएगा।
-एके अग्रवाल, बीएमओ पिपरिया

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