आज 31 मार्च है, हम आपको कोरोना ऑडिट दे रहे हैं, यानी सालभर में कोरोना काल की इस लहर का वह सब खास-खास जो आपको जानना जरूरी है... वह इसलिए, क्योंकि, अब हमारी स्थिति चिंताजनक है। धुलेंडी पर हमारे शहर में 79 केस मिले हैं। जबकि देश के 11 राज्यों में मिले केस को जोड़ा जाए... तो संख्या 69 तक ही पहुंच रही है। मध्यप्रदेश में हम टॉप-5 शहरों में शामिल हैं। कॉलेज में रोज 25 से 30 मरीज पहुंच रहे, 200 से ज्यादा भर्ती : मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि कॉलेज में मरीजों के लिए पूरे इंतजाम हैं। बेड की कमी जैसी स्थिति नहीं बनेगी। अभी 200 से ज्यादा मरीज भर्ती है, वहीं, 300 बेड तैयार है। हालांकि, मरीज डिस्चार्ज भी होते हैं, ऐसे में लगातार मैनेज होता है। रोज करीब 25 से 30 लोग कॉलेज पहुंच रहे हैं।
ऑडिट में खास-खास... सबसे खतरनाक ये नई लहर, अब संभल जाओ
11 अप्रैल को रतलाम में कोरोना का पहला केस सामने आया था। उस वक्त हम सभी में डर था, लेकिन 354 दिन में कुल केस 5400 के पार हो चुके हैं। जिले में सिर्फ मार्च-2021 में 942 मामले सामने आ चुके हैं, ये कोरोना काल का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है, इससे पहले नवंबर में 1017 पॉजिटिव मरीज मिले थे। 3 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में हम टॉप पर बने हुए हैं। प्रदेश में टॉप-5 शहरों में हैं, हमसे आगे बड़े शहर हैं। मार्च-2021 में जितने केस मिले हैं, वह 6 महीने अप्रैल, मई, जून, जुलाई, जनवरी और फरवरी में मिले कुल केस के कुल योग से भी ज्यादा हैं। इन 6 महीने में 753 मामले ही मिले। मार्च-2021 में 11 लोग कोरोना से दम तोड़ चुके हैं... अगस्त, सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में 8 से ज्यादा मौतें हुई थीं। रतलाम में अभी एक दिन में 600 से ज्यादा जांच हो रही है, अब इस आंकड़े को 900 से ज्यादा ले जाया जा रहा है, ये पहली बार है, क्योंकि... अब तक 400 तक ही जांच हाे रही थी। मार्च से मई तक हमने लॉकडाउन झेला था, अब फिर पाबंदियां शुरू हो चुकी हैं। रविवार लॉक होने लगा है। कई तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं। फरवरी में रिकवरी रेट 97% तक पहुंच गया था, जोकि, अब 87% पर आ गया है। अगस्त में रिकवरी रेट 80% रहा था। अक्टूबर में 87% के आसपास, वहीं सितंबर में 70 से 80% तक रहा था। जून में रिकवरी रेट 50% तक भी आ चुका है।
कॉलेज में भर्ती मरीज बोले- हमें तो हो गया कोरोना, अब आपको संभलना जरूरी यह बहुत खतरनाक है।
चिंता : नहीं नजर आ रहे लक्षण
इधर, डरना इसलिए जरूरी है... क्योंकि, इस बार ज्यादातर मरीजों में लक्षण नहीं दिख रहे हैं। ज्यादातर में फेफड़ों में संक्रमण है, जो सीटी स्कैन से सामने आ रहा है। इस महीने दम तोड़ने वालों में 60 साल से कम उम्र के 4 लोग हैं, एक की उम्र तो सिर्फ 29 साल ही है। डॉक्टर घरों से नहीं निकलने की नसीहत दे रहे हैं।
जानिए... 29 मार्च को कहां मिले केस
राज्य कंफर्म केस
अंडमान निकोबार 6
अरुणाचल प्रदेश 0
दादरा, नगर हवेली,
दमन दीव 16
लद्दाख 33
लक्षद्वीप 0
मणिपुर 6
मेघालय 2
मिजोरम 0
नगालैंड 3
सिक्किम 0
त्रिपुरा 3
कुल 69
^चेन तोड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रहे हैं लेकिन आमजन की पहल के बिना संभव नहीं है। बहुत ज्यादा जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें। गोपालचंद्र डाड, कलेक्टर
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