- अच्छी फसल से अप्रैल-मई का शादी सीजन उफान पर होने की उम्मीदों की जगह अब बाजार में असमंजस के हालात
कोरोना की आहट ने कारोबार पर कहर ढाना शुरू कर दिया है। 4 दिन में 40% कारोबार रह गया है। नई फसल का पैसा बाजार में आने की उम्मीद लगाए व्यापारियों के बीच असमंजस है। अप्रैल-मई के सीजन की पूछपरख थम गई है। जिन लोगों के यहां शादियां हैं, वे भी रुक कर माहौल देख रहे हैं। कोरोना के कारण 2020 में अप्रैल-मई का वैवाहिक सीजन बुरी तरह पिट गया था। जबकि बाजार में कुल साल का 65 फीसदी व्यापार इन्हीं दो-तीन महीनों में होता है। 2020 में कोरोना के कारण वैवाहिक आयोजनों पर भी पाबंदी होने से शादियां रुक गईं थीं। इसलिए पूरा बाजार सन्नाटे में था।
अब व्यापारियों को इस अप्रैल-मई में कमाई की उम्मीद जागी थी। लेकिन इसी बीच कोरोना संक्रमण की पाबंदियां फिर से लागू हो गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना की चर्चा शुरु हुए चार दिन ही हुए हैं कि कारोबार घट कर 40 फीसदी रह गया है। कोरोना की स्थिति ने बाजार को स्तब्ध कर दिया है। हालत यह है कि शादी-ब्याह को लेकर जो पूछ-परख हो रही थी, वह भी रुक गई है। बैंड-घोड़ी वालों से लोग अब इस सौदेबाजी पर आ गए हैं कि यदि प्रतिबंध लगा तो बयाना वापस लेंगे। किराना, कपड़ा, बर्तन, सोना-चांदी बाजार में स्टॉक को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। व्यापारी समझ नहीं पा रहे क्या करें?
तीन सेगमेंट में छाया सन्नाटा, स्टॉक करने की प्रवृत्ति रुकी
सोना-चांदी: फ्रीगंज के सोना-चांदी बाजार में इक्का-दुक्का ग्राहकी है। व्यापारी राधेश्याम सोनी कहते हैं बाजार पूरी तरह असमंजस में आ गया है। नवंबर-दिसंबर में भी खास कारोबार नहीं था। अक्षय तृतीया का सीजन उम्मीद भरा लग रहा था लेकिन कोरोना फैलने, इंदौर में दुकानें सील करने, पूछपरख थमने से सोना-चांदी बाजार सकते में है। समझ नहीं आ रहा क्या करें। कोरोना की मार का यह दूसरा साल होगा।
कपड़ा: वीडी क्लॉथ मार्केट में अभी ग्राहकी चल रही है। थोक व्यापारी महेश पलोड मानते हैं कि पिछले नवंबर-दिसंबर में नुकसान की भरपाई तो हो गई थी। अब अप्रैल-मई का सीजन सामने है। थोक बाजार में बड़ा असर नहीं दिख रहा। सराफा के खैरची व्यापारी विमल पगारिया कहते हैं कि प्रशासन की गाइड लाइन से बाजार की स्थिति तय होगी। यदि प्रतिबंध लगते हैं तो निश्चित तौर से कारोबार पर असर पड़ेगा।
बर्तन: बर्तन बाजार में हालांकि अभी रुटीन ग्राहकी थमी नहीं है लेकिन थोक व्यापारी प्रकाश जैन आच्छा कहते हैं जब से कोरोना फैलने की चर्चा शुरू हुई है, बाजार रुक गया है। पिछले नवंबर-दिसंबर में स्थिति अच्छी थी। इस बार अच्छी फसल के कारण अप्रैल-मई का कारोबार भी अच्छा होने की उम्मीद थी। बाजार में अचानक घबराहट आ गई है। स्टॉक करें या नहीं, कुछ समझ नहीं आ रहा। देहाती ग्राहकी भी अब थम गई है।
अप्रैल में शादी, कार्ड छप गए लेकिन अभी बांटे नहीं
फ्रीगंज से व्यापारी सुरेश सोनी के यहां अप्रैल में शादी है। सब कार्यक्रम तय हो गया है। कार्ड तक छप गए हैं। अब करोना के प्रतिबंधों की बातचीत हो रही है तो कार्ड का वितरण रोक दिया है। वे देख रहे हैं कि क्या स्थिति बनती है। यदि लॉकडाउन या प्रतिबंध लगते हैं तो शादी को आगे बढ़ा सकते हैं। यह स्थिति शहर में कई परिवारों के बीच बन रही है।
गार्डन-होटल: अब नई बुकिंग नहीं हो रही
गार्डन-होटल संचालक रमेश समदानी का कहना है कि 8 दिन से तो पूछ-परख तक बंद हो गई है। जो पहले बुकिंग हो चुकी है, वे भी असमंजस में हैं। महाराष्ट्र, गुजरात से यहां शादी करने वाले नहीं आ रहे। होटल संचालक रवि सोलंकी कहते हैं कि अप्रैल-मई की बुकिंग तो है, पर नई बुकिंग रुक गई है। जो लोग पूछताछ करने आ रहे थे वे भी अब माहौल देखने की बात कह रहे हैं।
बैंड-घोड़ी: 70% शादियां दिन में हो जाएंगी
बैंड-बाजे, घोड़ी, बत्ती के बिना शादी की कल्पना नहीं की जा सकती। इन सब का मजा भी शाम से रात तक निकलने वाली बरातों में दिखाई देता है। पर अप्रैल-मई में होने वाली 65% शादियां दिन में निपट जाएगी। यह बात बैंड-बाजे, घोड़ी, बत्ती वालों के यहां हो रही बुकिंग से सामने आई है। नामी बैंड के संचालक फिरोज भाई कहते हैं बुकिंग लिमिटेड है। लेकिन खास बात यह है कि 50 में से 35 शादियां दिन की बुक हो रही हैं। लोग सुबह से कार्यक्रम चालू कर शाम को खत्म करना चाह रहे हैं। नवंबर-दिसंबर का सीजन खूब चला था। लेकिन अभी करोना की चर्चा शुरू हुई तो लोग चमक गए हैं। जो बुकिंग कराने आ रहे वे बयाना को लेकर फिक्रमंद हैं। बड़े समाजों अग्रवाल, जैन आदि की सभी शादियां दिन में होंगी।
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