- मृत्यु दर फिर 4.85 पर पहुंची, अगस्त की तरह 12.48 प्रतिशत मरीज बढ़े
यह है 122 बेड का कोविड हॉस्पिटल माधवनगर। यहां जितने बेड, उतने मरीज। यहां पर 122 मरीज भर्ती हैं। अब नए मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं है। मरीज को जो तकलीफ यानी बुखार, सांस और सर्दी-खांसी तथा सिरदर्द है, उसकी दवाई दी जा रही है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पूर्व की तरह आयुर्वेदिक काढ़ा आदि नहीं दिया जा रहा है। गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन पर रखा गया है लेकिन मरीजों को हाई फ्लो में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। एडवांस तकनीक के उपकरण नहीं होने से मरीजों को पिछले चार दिनों से ऑक्सीजन का फ्लो नहीं मिल पा रहा है।
मरीजों के बढ़ने से ऑक्सीजन का लोड बढ़ा है, जिससे फ्लाे मीटर और सप्लाई के उपकरण खराब हो रहे हैं। मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही। इससे मरीजों में खौफ है। बढ़ते मरीजों के बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब पॉजिटिव मरीजों को लक्षणों के आधार पर बांटा जा रहा है, जिसमें सामान्य लक्षण वालों को होम आइसोलेट किया जा रहा है तथा लक्षण वाले मरीजों को माधवनगर से चरक अस्पताल या आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा जा रहा है।
माधवनगर फुल, 4 दिन से गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन का फ्लो नहीं मिल रहा, चरक में 5 ही बेड बचे
75 बेड के कोविड सेंटर चरक अस्पताल में 70 बेड भर चुके हैं। पांच मरीज बढ़ने के बाद यहां बेड उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वैसे तो 200 बेड की सुविधा शुरू की गई है लेकिन यहां मुफ्त इलाज केवल आयुष्मान कार्डधारी मरीजों का ही किया जा रहा है। इनके अलावा दूसरे मरीजों को शुल्क चुकाना पड़ रहा है। यहां वर्तमान में 18 पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं।
पहले की तुलना में जल्द हो रहे संक्रमित, सिरदर्द और पैरों में दर्द बढ़ा
बुखार आने वाले अधिकांश मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जा रही है। कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. एचपी सोनानिया ने बताया बुखार आने पर जो मरीज कोविड टेस्ट करवा रहे हैं, उनमें से ज्यादातर संक्रमित पाए जा रहे हैं। कोविड सेंटर चरक अस्पताल की नोडल अधिकारी डॉ. सोनाली अग्रवाल ने बताया पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में मरीज जल्द संक्रमित हो रहे हैं तथा उनकी रिकवरी में भी समय लग रहा है। मरीजों में सिरदर्द व पैरों में दर्द की शिकायत ज्यादा आ रही है, जिससे संबंधित दवाइयां मरीजों को दी जा रही है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया संक्रमण दर बढ़ती जा रही है। चेन ब्रेक नहीं होने तक मरीजों की संख्या बढ़ती जाएगी। मरीजों में नए लक्षण भी देखे जा रहे हैं। साथ ही मरीजों के गंभीर स्थिति में पहुंचने के भी मामले ज्यादा आ रहे हैं।
दूसरी लहर में लगातार बढ़ रही संख्या
कोरोना की दूसरी लहर में मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मार्च माह के 25 दिनों में 12.48 प्रतिशत पॉजिटिव मरीज बढ़े हैं। इस माह अब तक 660 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। मृत्यु दर भी बढ़कर 4.85 प्रतिशत हो गई है व रिकवरी रेट 5.29 प्रतिशत ही बढ़ा है। यानी नए मरीज बढ़ने की तुलना में रिकवरी कम हो रही है। अगस्त-2020 में इतने मरीज पॉजिटिव पाए गए थे और इसी माह में ही इतने मरीजों की मौत हुई थी। अगस्त में 603 मरीज व पांच मरीजों की मौत हुई थी।
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