- उच्च शिक्षा मंत्री से रूबरू हुए पेंशनर्स
मप्र के विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स को छठे वेतनमान के तहत 154 फीसदी डीए का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों को राज्य सरकार से निर्धारित किया गया अंशदान जल्दी ही दिलाया जाएगा। यह घोषणा शनिवार को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रम विश्वविद्यालय के शलाका दीर्घा में मप्र विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स एसोसिएशंस महासंघ और विक्रम विश्वविद्यालय पेंशनर्स समाज की संयुक्त वार्षिक बैठक में कही। कार्यक्रम में 125 पेंशनर्स ने भागीदारी की।
प्रादेशिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो. गोपाल शर्मा ने बताया प्रदेश के दो हजार पेंशनर्स को इसका लाभ मिलेगा। अप्रैल से पेंशनर्स के खाते में यह राशि जमा होने की संभावना है। उच्च शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति बेहतर होते ही विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स को सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। डॉ. यादव ने कहा शासन और विश्वविद्यालय के बीच किए जाने वाले भेदभाव को शीघ्र ही समाप्त किया जाएगा। चार माह में उच्च शिक्षा में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के अपने प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में सकारात्मक कदम उठाकर परिवर्तन की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस दौरान आयोजन में मौजूद विक्रम विवि पेंशनर्स और सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स ने डॉ. यादव का स्वागत किया। शुरुआत में विक्रम विवि पेंशनर्स समाज के अध्यक्ष डॉ. पीपी वशिष्ठ और प्रादेशिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो. गोपाल शर्मा ने डॉ. यादव का सम्मान किया। स्वागत भाषण देते हुए प्रदेश के पेंशनर्स की समस्याओं से अवगत करवाया। साथ ही ज्ञापन दिए। संचालन दोनों संघों के महासचिव उमाशंकर भट्ट ने किया। आभार वरिष्ठ आचार्य डॉ. रमाकांत नागर ने माना।
आयोजन के पहले चरण में दोनों संघों की संयुक्त वार्षिक बैठक में नियत कार्यसूची पर विचार हुआ। बैठक में डॉ. वशिष्ठ, डॉ. शर्मा, उमाशंकर भट्ट, अरुण चांदोरकर, ग्वालियर से महासंघ के पूर्व अध्यक्ष टीसी गुप्ता, रीवा के एसपी त्रिपाठी, जबलपुर के विद्यासागर पांडेय, इंदौर के बी.डी. कुसगोतिया ने विचार रखे।

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