- ग्वारीघाट पहुँचकर कचरा उठाया, लोगोंं को किया जागरूक
जीवनदायिनी माँ नर्मदा का आंचल लगातार मैला हो रहा है, हालात यह है कि कई जगह माँ नर्मदा का जल आचमन के लायक भी नहीं बचा। यही वजह है कि रविवार को न्यायाधीशों ने ग्वारीघाट पर न केवल झाड़ू लगाई, बल्कि तट पर फैले कचरे को उठाकर डस्टबिन में डाला।
इस मौके पर न्यायाधीशों ने श्रद्धालुओं को माँ नर्मदा के जल और तट को स्वच्छ रखने की समझाइश भी दी। ग्वारीघाट तट पर रविवार सुबह 11 बजे लोगों ने जब न्यायाधीशों को झाड़ू लगाते हुए देखा तो वे चौंक गए। न्यायाधीशों के साथ विधि छात्रों और नगर निगम की टीम भी शामिल थी।
न्यायाधीशों और विधि छात्रों ने नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने का भी संदेश दिया। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा रविवार को सुबह 11 बजे से प्रदेश के 15 जिलों में एक साथ अभियान चलाया गया। इसमें जबलपुर, अनूपपुर, मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, मंडलेश्वर, खंडवा, हरदा, देवास, रायसेन, सीहोर, धार, अलीराजपुर और बड़वानी में नर्मदा नदी के तटों की सफाई की गई।
ये रहे अभियान में शामिल
स्वच्छता अभियान में प्राधिकरण की सदस्य सचिव गिरिबाला सिंह, डीजे नवीन कुमार सक्सेना, कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अमिताभ मिश्रा, प्राधिकरण के सचिव शरद भामकर, किशोर न्याय समिति के सदस्य दीपक बंसल, सीजेएम वरुण पुनासे, नगर निगम मजिस्ट्रेट आशीष ताम्रकार, रेलवे मजिस्ट्रेट मंजुल सिंह एवं नगर निगम से अगस्ते वर्मा शामिल रहे।
निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी
प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव डीके सिंह ने बताया कि यह अभियान मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक मोहम्मद रफीक के मार्गदर्शन एवं प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में चलाया जा रहा है। नर्मदा स्वच्छता अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी।
पब्लिक यूटिलिटी एक्ट के तहत याचिका
पब्लिक यूटिलिटी एक्ट के तहत कोई भी नागरिक नर्मदा में मिल रहे गंदे नाले, नर्मदा नदी की साफ-सफाई, अवैध रेत उत्खनन या अन्य विषयों को लेकर याचिका दायर कर सकता है।
'दैनिक भास्कर' ने दिया अच्छा संदेश
विधि छात्रों का कहना रहा कि नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने तथा जल स्त्रोतों को बचाने के लिए "दैनिक भास्कर' द्वारा दिया गया संदेश प्रेरणादायक रहा। इसमें बताया गया कि किस तरह हमारी नदियों को क्षति पहुँच रही है और किस तरह थोड़ा सा जागरूक रहकर उन्हें बचाया जा सकता है।

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