प्रदेश नशा मुक्त हो, इसके लिए पहली बैठक पूर्व सीएम ने अपने गांव में ग्रामीणों के साथ की
प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए पूर्व सीएम उमा भारती ने अपनी माता बेटीबाई की पुण्यतिथि पर गृहग्राम में ग्रामीणों के साथ बैठक कर संकल्प दिलाया। नशा मुक्त प्रदेश बनाने के लिए अपने गांव से शुरूआत की है।
ग्रामीणों के साथ बैठक कर पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि मैं अपना नाम और गांव का नाम बदनाम नहीं होने दूंगी और तुम्हें भी इस गांव का नाम बदनाम नहीं होने देना है। इसके लिए सभी एक जुटता से नशा मुक्त हो। मुझे अपनी दीदी या बड़े बुजुर्ग की हेसियत से समझकर संकल्प ले कि दीदी ने कहा था कि नशा नहीं करना है। दरअसल रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सीएम उमा भारती अपने गृहग्राम डूडा गांव पहुंची।
जहां उन्होंने समाधि स्थल पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें विधायक राकेश गिरी, खरगापुर विधायक राहुल सिंह शामिल हुए। सभी के साथ उन्होंने अपनी स्वर्गीय मां को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि 1981 में हमारी माता बेटीबाई का निधन हुआ था। जिसके चलते आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं अपने गांव डूडा में आप सभी के बीच आई हूं।
अब मुझे यह सुनने को नहीं मिलना चाहिए कि गांव में किसी ने भी शराब पी है: पूर्व सीएम उमा भारती
पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति को नशा करना छोड़ना होगा। शराब लोगों के लिए काल बनकर आती है। हालांकि इस गांव में एक भी शराब की दुकान नहीं है। फिर लोग बाहर से शराब लेकर आते हैं और नशा करते हैं। अब मुझे यह सुनने को नहीं मिलना चाहिए कि गांव में किसी ने शराब पी है। इसके लिए हम पहली बैठक कर रहे हैं। सबसे पहले अपने गांव को नशा मुक्त बनाने का प्रयास है। इसके बाद हम धीरे-धीरे अन्य गांव से शराब की दुकानों को बाहर करके नशा मुक्त करेंगे।
हम जैसा बीज डालेंगे वैसा काटेंगे
विधायक राकेश गिरी ने कहा कि हम जीवन में जैसा बीज डालेंगे हम वैसा काटेंगे, माता बेटीबाई ने अपने जीवन में जो बोया है वह आज हमारे सामने हैं। उन्होंने हमेशा धर्म और नीति और न्याय को बोया है। जो हम सभी के सामने हैं। वहीं विधायक राहुल सिंह लोधी ने भ अपने विचार व्यक्त किए। सभी ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

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