जिन लोगों के शासन द्वारा बीपीएल सूची से नाम काट दिए है या किसी कारणवश बीपीएल राशन कार्ड सत्यापित नहीं किए गए। ऐसे अभिभावकों को बच्चों की शुल्क में मिलने वाली सुविधा से वंचित
रहना पड़ेगा।
ऐसे में सभी अभिभावक नगरपालिका या ग्राम पंचायतों से सम्पर्क कर नाम जुड़वाने या तकनीकी खामियों को दूर कराएं अन्यथा अभिभावकों को स्वयं शुल्क जमा कर पढ़ाना पढ़ेगा। यह बात बीआरसी के वीरेंद्र सिंह दिवाकर नोडल अधिकारी द्वारा स्कूल में आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों को जानकारी देते हुए कहीं ।
इस मौके पर उन्होंने प्रत्येक अभिभावक को स्पष्ट बताया कि जिन लोगों ने आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया है। चाहे वे किसी भी वर्ग से शामिल हो। जब तक उनके परिवार का नाम बीपीएल सूची में नहीं आएगा। उन्हें शुल्क मुक्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा। इस मौके पर संस्था के
डायरेक्टर केएस यादव ने बताया कि संस्था में 54 परिवार ऐसे है। जिन्हें स्कूल में शुल्क मुक्ति की पात्रता थी। जिनकी शुल्क आरटीई के तहत शासन के नियमानुसार सुविधा प्रदान की जा रही थी। बीपीएल सूची से नाम हटने या अन्य तकनीकी कारण से बाधा आने पर आरटीई सुविधा से वंचित हो रहे है। इसके लिए ही यह बीआरसी कार्यालय के
विशेषज्ञ द्वारा जानकारी सीधे अभिभावकों को दी जा रही है। यदि वे दोबारा पात्रता श्रेणी में शामिल हो जाते है तो उन्हें लाभ मिलेगा अन्यथा अभिभावकों को स्वयं शुल्क भरना होगी, तभी अध्ययन की पात्रता होगी। इस मौके पर प्रधान अध्यापक केपीएस चैहान, विभागीय तकनीकी विशेषज्ञ
विशाल कुशवाह, प्रीति माथुर, विक्रांत सोनी, सुमन श्रीवास्तव सहित प्रभावित अभिभावकगण मौजूद थे।
शनिवार, 19 दिसंबर 2020
Author: Madan vk
Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.
0 coment rios:
Hi friends