शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

पहले ड्रोन से सर्चिंग फिर सुबह साढ़े पांच बजे दी दबिश, कच्ची शराब की भटि्टयां नष्ट की

पहले ड्रोन से सर्चिंग फिर सुबह साढ़े पांच बजे दी दबिश, कच्ची शराब की भटि्टयां नष्ट की

ब्यावरा में हुए विधानसभा उपचुनाव के बाद अवैध शराब के निर्माण व विक्रय के खिलाफ कार्रवाई रोक दी थी। एक महीने बाद जिला प्रशासन ने एक बार फिर संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। इसके लिए गुरूवार सुबह 5 बजे तीन अनुभाग के 8 थाने के पुलिस बल को मौके पर बुलाया। इसके बाद साढ़े 5 बजे कटारियाखेड़ी गांव में दबिश दी। जहां अवैध रूप से बेची जा रही देशी व अंग्रेजी शराब को नष्ट करने के साथ ही कच्ची शराब की भट्टियाें को भी नष्ट किया। इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों को आरोपी बनाया है।
जिलेभर में अवैध शराब बनाने व बेचने के खिलाफ उपचुनाव के दौरान अभियान चलाया था। लेकिन इस अभियान के तहत एक महीने से कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते अवैध शराब बेचने और निर्माण करने वाले लोगों ने दोबारा से यह कारोबार शुरू कर दिया। जिस पर शिकंजा कसने के लिए दोबारा संयुक्त कार्रवाई की। इस कार्रवाई की किसी को भनक नहीं लगे, इसके लिए देर रात खिलचीपुर, ब्यावरा और नरसिंहगढ़ अनुभाग के आठ थाने का बल पुलिस लाइन बुलाया गया। जहां पुलिस लाइन के बल के साथ 200 लोगों का स्टाफ सुबह साढ़े 5 बजे कटारियाखेड़ी गांव पहंुचा। इसके बाद गांव में अवैध शराब को लेकर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।

32 लाख 14 हजार की शराब और लाहन बनाने वाली सामग्री पकड़ाई
कार्रवाई के दौरान संयुक्त अमले ने आईबी की 60 बाेतल 50 पाव के साथ ही आरएस की 11 बोतल, एमडी 01 के 50 पाव, एमएम के 48 पाव और मसासा के सौ पाव जब्त किए हैं। जिसकी बाजार कीमत एक लाख 12 हजार रुपए बताई जा रही है। इसी तरह टीम ने एक लाख से अधिक की कच्ची शराब 510 लीटर पकड़ी है। वहीं 31 लाख रुपए की 40 हजार लीटर महुआ लहान को जब्त कर उसके सैंपल लेने के बाद नष्ट किया है।

ड्रोन से सर्चिंग करने के साथ रखी निगरानी
गांव में टीम ने पहुंचते ड्रोन की मदद से पूरे गांव की लोकेशन खंगालते हुए देशी व अंग्रेजी शराब की दुकानों को तलाशा। इसके साथ ही दूर-जराज तक खेतों में बनी कच्ची भट्टी को भी ड्रोन की मदद से सर्च कर उन्हें नष्ट किया गया। इस दौरान टीम पर किसी प्रकार से हमला नहीं हो सके, इसके लिए पूरी कार्रवाई के दौरान ड्रोन कैमरे से अवैध काम में लगे लोगों की निगरानी की गई। ताकि किसी प्रकार का विवाद नहीं हो सके। प्रशासन ने ड्रोन की मदद इसलिए ली, क्योंकि दो महीने पहले दूधी गांव में पुलिस टीम पर कार्रवाई के दौरान हमला हो गया था।

इस तरह से बनाया प्लान
कलेक्टर नीरज कुमार व एसपी प्रदीप शर्मा की चर्चा होने के बाद आबकारी अधिकारी केदारसिंह मैकाले से संयुक्त कार्रवाई को लेकर चर्चा की। इसके बाद तीनों अधिकारी अपने मैदानी अमले को शामिल करने सहमत हुए। 200 लोगों पुलिस बल के साथ ही एसडीएम व नपा अमला और आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करने सभी को सुबह 5 बजे पुलिस लाइन बुलाया गया, जहां से बल रवाना होकर साढ़े 5 बजे कटारियाखेड़ी पहुंचा, इसके बाद दोपहर 12 बजे तक कार्रवाई चलती रही।
डेढ़ माह पहले सूचना लीक होने से नाकाम रहे थे
विधानसभा उपचुनाव के दौरान डेढ़ महीने पहले इसी गांव में दबिश दी गई थी, लेकिन ऑपरेशन की सूचना लीक होने से अमले को सफलता नहीं मिली थी। जबकि छापीहेड़ा, इंदौर, कड़ियासांसी, दूधी, हुलखेड़ी व गुलखेड़ी में संयुक्त कार्रवाई के दौरान लाखों रुपए की शराब जब्त की गई थी। लेकिन कटारियाखेड़ी में कुछ नहीं मिला था। इसी बीच उपचुनाव खत्म होते ही इस गांव में शराब का कारोबार दोबारा शुरू हो गया था।



पहले ड्रोन से सर्चिंग फिर सुबह साढ़े पांच बजे दी दबिश, कच्ची शराब की भटि्टयां नष्ट की
First searching from the drone, then the Dabish, raw liquor furnaces destroyed at half past five in the morning




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