जिला अस्पताल और सीएमएचओ ऑफिस से 450 मीटर दूर खुलेआम गर्भपात की दवा बेची जा रही थी। सोमवार को भनक लगने पर अधिकारियों ने 500-500 रुपए के दो साइन किए नोट देकर एक व्यक्ति को खरीदी करने भेजा तो दुकान संचालक ने दवा दे दी। शहर में इस तरह की कार्रवाई 5 साल में हुई है। इधर, अधिकारियों की माने तो दुकान संचालक का लाइसेंस निरस्त होना तय है।
ये कार्रवाई सैलाना बस स्टैंड स्थित अदिति मेडिकल स्टोर पर हुई। ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल को सूचना मिली कि मेडिकल स्टोर पर गर्भपात की दवा खुलेआम बेची जा रही है। रंगेहाथ पकड़ने के लिए एक व्यक्ति को मेडिकल स्टोर पर भेजा। व्यक्ति ने 800 रुपए में एकेयर नामक दवा आसानी से खरीद ली। चूंकि, व्यक्ति जो नोट लेकर गया था, वह साइन किए हुए थे। ऐसे में घात लगाकर बैठी टीम ने तत्काल कार्रवाई की शुरुआत कर दी। इधर, कार्रवाई के बाद से ही अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में हलचल रही।
शहर में 2015 में मामला सामने आया था, लेकिन खरीदी करते नहीं पकड़ा था
ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल ने बताया इससे पहले रतलाम शहर में 2015 में कार्रवाई की थी। जिला अस्पताल के पास ही मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई हुई थी। हालांकि, उस दौरान दुकान में दवा रखी मिली थी, इस बार रंगेहाथ पकड़ा है। इधर, तीन साल पहले रियावन में एक मेडिकल स्टोर पर बिना डाॅक्टर के लिखे खुलेआम गर्भपात की गोलियां बेचने का मामला सामने आया था। गांव के एक व्यक्ति ने दवाई खरीदने की वीडियो क्लिप कलेक्टर को दी थी।
दुकान संचालक बोला - आप आपकी कार्रवाई कर लो
रंगेहाथ पकड़ाने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक ने कहा आपको जो कार्रवाई करना है कर लो, हम हमारा जवाब बाद में दे देंगे। टीम ने दुकान पर बैठकर ही नोटिस दिया। संचालक अपना जवाब देंगे।
लाइसेंस निरस्त होगा
^हमें मेडिकल स्टोर पर दवा बिकने की सूचना मिली थी। कलेक्टर के निर्देशानुसार कार्रवाई हुई है। प्रूफ सहित पकड़ा है। नोटिस दिया है। लाइसेंस निरस्त होगा।
सारिका अग्रवाल,
ड्रग इंस्पेक्टर, रतलाम
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