शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

परिषद ने डेढ़ साल पहले काम स्वीकृत कराए पर सभी अधूरे

परिषद ने डेढ़ साल पहले काम स्वीकृत कराए पर सभी अधूरे

शहर विकास के लिए डेढ़ साल पहले परिषद ने जो विकास कार्य की शुरूआत की थी, वह सभी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। इसके चलते शहर का विकास नहीं हो पा रहा है। इन विकास कार्य को दोबारा से शुरू करने के लिए पूर्व परिषद के सदस्यों ने नगर पालिका प्रशासन कलेक्टर नीरज कुमार से दोबारा काम शुरू कराने मांग करते हुए ज्ञापन दिया।
कलेक्टर श्री सिंह ने शिकायत करते हुए लोगों ने कहा कि तत्कालीन परिषद द्वारा शहर को जिला मुख्यालय की तरह विकसित करने योजना बनाई थी। इसके अधिकांश काम पूरे कर दिए गए, लेकिन कई कार्य ऐसे है जो डेढ़ साल से अधूरे पड़े हैं। इसके चलते स्वच्छता सर्वेक्षण जैसा कार्य भी प्रभावित होगा। इसके चलते शहर के पूर्व परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि जय स्तंभ से किला गेट तक एक साल पहले डामरीकरण के टेंडर लग गए थे, लेकिन यह कार्य आज तक शुरू नहीं किया गया। इसी तरह बिरसा मुंडा से जयस्तंभ के टेंडर को लगे सवा साल होने को आया, लेकिन यह कार्य भी अधूरा पड़ा है। जल आवर्धन योजना की एक करोड़ की अतिरिक्त लाइन बिछाने और खोदी सड़कों की मरम्मत करने के साथ ही पीएम आवास को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधी शैलेष गुप्ता, पूर्व उपाध्यक्ष दीपक नागर, मनोज सेंगर, राजेश खरे, ओम प्रकाश शर्मा उपस्थित थे।
सब्जी मंडी सहित अन्य निर्माण कार्य को शुरू करने रखी मांग
कलेक्टर से पूर्व परिषद के सदस्यों ने कहा कि निकाय ने 70 लाख की लागत से सब्जी मंडी को बनाया है, लेकिन यहां सब्जी मंडी को नहीं लगाया जा रहा है। इसके साथ ही अस्पताल का अतिक्रमण हटाया ताकि वहा शहर की डिस्पेंसरी शुरू की जा सके, लेकिन इसे भी शुरू नहीं किया गया। वहीं परिषद ने बाराद्वारी, वार्ड 15, वार्ड 13, वार्ड एक, डाक बंगला रोड के टेंडर निकालते एक साल हो गया, लेकिन यह निर्माण कार्य भी शुरू नहीं किया जा सका। इसके साथ ही वार्ड आठ में बड़े पुल से लेकर किशनगढ़ तक सड़क व वार्ड 12 में सीसी रोड निर्माण के टेंडर को डेढ़ साल हो गया, लेकिन यह कार्य भी शुरू नहीं किराया है।


रोजगार सहायक के पेंशनधारी पिता और रिश्तेदारों के नाम मनरेगा में, मिल रही राशि

बल्देवगढ़ जनपद क्षेत्र की छिदारी पंचायत में रोजगार सहायक के 86 वर्षीय पेंशनधारी पिता-पिता और चाचा के खाते में मनरेगा की मजदूरी की राशि पहुंची है। माता के नाम से मनरेगा का जॉब कार्ड बना हुआ है। इतना ही नहीं इसमें एक शासकीय शिक्षक के खाते में भी मजदूरी की राशि डाली गई थी। पंचायत में पूरे मामला उजागर होने के बाद भी अब तक रोजगार सहायक सहित संबंधित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

दरअसल महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इसमें रोजगार सहायक दीनदयाल यादव के 86 वर्षीय पेंशनधारी पिता बड़े यादव, 72 वर्षीय माता अम्रत बाई यादव सहित परिवार के 6 लोगों के नाम जॉब कार्ड में शामिल हैं।

वहीं रोजगार सहायक के चाचा हल्काई यादव के खाते में भी मनरेगा की मजदूरी पहुंची है। इतना ही नहीं सरकारी शिक्षक उमाशंकर त्रिपाठी के खाते में भी मजदूरी की राशि पहुंची है। अगर सरकारी कर्मचारी के खाते में मजदूरी का पैसा पहुंचता है तो यह संबंधित अधिकारी की लापरवाही सामने आ रही है। गांव में शासकीय निर्माण में फर्जीवाड़ा करके लाखों रुपए की हेराफेरी की गई है।

शिक्षक ने भी की मजदूरी

ग्राम पंचायत छिदारी निवासी उमाशंकर त्रिपाठी शिक्षक नवीन माध्यमिक शाला सतपारा संकुल केंद्र कन्या हायर सेकंडरी स्कूल बड़ामलहरा जिला छतरपुर में पदस्थ हैं। पंचायत निर्माणों कार्यों में उमाशंकर त्रिपाठी से सुदूर सड़क निर्माण कार्य हरिजन बस्ती से गोकुल पाल के घर तक वर्ष 2017-2018 के निर्माण कार्य में मजदूरी की है। सरकारी शिक्षक को मस्टररोल में हाजिरी चढ़ाकर खातों में राशि डाली गई।

रोजगार सहायक की 72 वर्षीय मां ने की मजदूरी

दस्तावेजों के मुताबिक मानें तो 72 वर्षीय अमृत बाई यादव रोजगार सहायक की माता हैं। जिन्होंने सीसी रोड, कपिलधारा कूप, पीएम आवास, नवीन तालाब, सुदूर सड़क में किया है। वहीं पिता बड्डे यादव ने वर्ष 2020-2021 में मेड बंधान। चाचा हल्काई ने मेड़ और खेत तालाब निर्माण में काम किया है।

जतारा में भी हो चुकी लाखों रुपए की गड़बड़ी

जनपद जतारा में लाखों रुपए के भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ था। मामले में जनपद के बाबू सहित 22 लोगों पर एफआईआर हुई थी। इसके बाद फिर बल्देवगढ़ जनपद में लाखों रुपए का भ्रष्टाचार होने का मामला उजागर हुआ है। इसके बाद भी अधिकारी कार्रवाई करने में कतरा रहे हैं।

रोजगार सहायक बोले पिता की उम्र 60 वर्ष

रोजगार सहायक दीनदयाल यादव का कहना है कि मेरे पिता की उम्र 60 वर्ष ही है। वह मनरेगा के तहत मजदूरी कर सकते हैं। कुछ मामलों में गड़बड़ी हो सकती है। उनमें सुधार किया जाएगा। साथ ही शिक्षक के परिवार का जॉब कार्ड बना हुआ है। खाते में राशि चली गई थी। जिसे वापस लिया गया है।

नियम विरूद्ध काम किया होगा तो करेंगे कार्रवाई

बल्देवगढ़ जनपद सीईओ प्रभात मिश्रा के अनुसार शिक्षक के खाते में मनरेगा की राशि जाना गंभीर लापरवाही है। वहीं रोजगार सहायक के बुजुर्ग माता-पिता जिनकी उम्र करीब 80 वर्ष है। वह मजदूरी के योग्य नहीं है। इस मामले में अगर रोजगार सहायक ने नियम विरुद्ध काम किया होगा तो जांच कर सख्त कार्रवाई करेंगे।


परिषद ने डेढ़ साल पहले काम स्वीकृत कराए पर सभी अधूरे
Council approved the work one and a half years ago but all incomplete


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