किसानों और गरीबों को उनके बैंक खाते में राहत राशि उपलब्ध कराने वाली योजनाओं में बड़ा घोटाला सामने आया है। छतरपुर जिले में अब तक 98 करोड़ रुपए की गड़बड़ी मिली है। यह राशि शासन ने जारी कर दी है, लेकिन हितग्राहियों को अब तक मिली नहीं है। पूरा मामला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सीएम हेल्प लाइन में लगातार आ रही शिकायतों की जांच कराने पर सामने आया है। मुख्यमंत्री ने कमिश्नर मुकेश शुक्ला को पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
शासन की डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत कई योजनाएं संचालित हैं। इन योजनों में किसानों या गरीबी रेखा के तहत आने वाले परिवारों को सीधे नगद राशि उनके बैंक खातों में दी जाती है। इन योजनाओं में किसानों को मुआवजा राशि का वितरण, गरीब परिवार के सदस्य की मौत पर परिजनों को 4 लाख रुपए की आर्थिक मदद जैसी कई योजनाएं शामिल हैं। शुरुआती जांच में ही पिछले दो सालों में ही 11.96 करोड़ रुपए का घपला सामने आया है। जिले सभी तहसीलों में अनियमितता की गई है। इसमें भी सबसे अधिक 1 करोड़ 71 लाख रुपए की गड़बड़ी राजनगर तहसील में पाई गई है।
राहत राशि में वसूली का गिरोह है सक्रिय
जिले में कई सालों से राहत राशि में रिश्वतखोरी का एक गिरोह सक्रिय है। इसमें तहसील और कलेक्टोरेट के कतिपय अधिकारी और बाबू शामिल हैं। यह गिरोह मृत्यु में पीड़ित परिवार को मिलने वाले 4 लाख रुपए जारी करने से पहले 1 लाख रुपए रिश्वत की मांग करते हैं। रिश्वत की राशि नहीं मिलने पर ही सारी गड़बड़ी की जाती है। बाबू बिलों पर हितग्राही का गलत खाता नंबर फीड कर देते हैं, इससे राशि जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाती है। कई मामलों में तो राशि घोटालेबाजों ने अपने संबंधियों के खातों में स्थानांतरित करा दी है। सबसे अधिक धोखाधड़ी किसानों के साथ की गई है।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत राशि में गड़बड़ी की जांच कराई जा रही है। राहत करोड़ों रुपए की राशि हितग्राहियों तक नहीं पहुंची। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएंगी।
मुकेश शुक्ला, कमिश्नर, सागर
Read Latest Hindi News Today
0 coment rios:
Hi friends