लॉकडाउन से अब तक 429 नॉन शेड्यूल फ्लाइट इंदौर आ चुकी है। यानी (अप्रैल से 15 दिसंबर तक) औसत 47 फ्लाइट हर महीने। इन फ्लाइट्स से जहां कोरोना संक्रमण के दौरान विदेशों में फंसे लोगों को लाया गया, वहीं दवाइयां, मेडिकल उपकरण आए और बाहर गए। गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट किया गया। अप्रैल-मई के दौरान जब कोरोना संक्रमण पीक पर था, तब सबसे ज्यादा फ्लाइट की आवाजाही विदेशों से हुई। वहां फंसे भारतीयों को इंदौर लाया गया।
एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल के अनुसार अनलॉक के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर अक्टूबर में सबसे ज्यादा 108 नॉन शेड्यूल फ्लाइट आईं। पिछले दिनों इंदौर एयरपोर्ट से कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट भी किया गया था।
फ्लाइट का संचालन

हर माह औसत 47 नॉन शेड्यूल फ्लाइट आई
एविएशन एक्सपर्ट संजय जैन के अनुसार हर महीने औसत 47 नॉन शेड्यूल फ्लाइट का आना बड़ी बात है। इंदौर एयरपोर्ट की बात करें तो यहां से लगातार फ्लाइट संख्या, यात्री संख्या बढ़ रही है। नए रूट लगातार कनेक्ट हो रहे हैं। ये इंदौर के लिए काफी अच्छी बात है।
फ्लाइट व यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही
लॉकडाउन के बाद 25 मई से इंदौर एयरपोर्ट से फ्लाइट का संचालन दोबारा शुरू हुआ। 15 दिसंबर तक इंदौर एयरपोर्ट से 4459 शेड्यूल फ्लाइट की आवाजाही हुई। दिल्ली, मुंबई, जयपुर, नागपुर, बेंगलुरु, कोलकाता, अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद सहित अन्य रूट पर इंदौर से फ्लाइट का संचालन हो रहा है। हर दिन इंदौर से औसत 3400 यात्री सफर कर रहे हैं। सान्याल के अनुसार इंदौर से फ्लाइट और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इंदौर से हाल में जयपुर, नागपुर रूट पर सीधी कनेक्टिविटी शुरू हुई है।
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