मंगलवार, 17 नवंबर 2020

बारिश से पचास ट्रॉली बाजरा भीगा, खरीदी न होने से नाराज किसानों ने किया चक्का जाम

बारिश से पचास ट्रॉली बाजरा भीगा, खरीदी न होने से नाराज किसानों ने किया चक्का जाम

बरेह सोसाइटी गेहूं तुलवाने का इंतजार कर रहे किसानों ने सोमवार की सुबह 8 बजे अंबाह-मुरैना मार्ग को जाम कर दिया। गुस्साए किसानों का कहना था कि 5-5 दिन से खड़े किसानों का बाजरा रविवार तक खरीद लिया होता तो 50 ट्रॉली बाजरा बारिश में भीगकर खराब नहीं होता। 3 घंटे के चक्का जाम के बाद कनिष्ट खाद्य निरीक्षक मुकेश वाषर्णेय मौके पर पहुंचे और तौल कांटे बढ़वाने तथा कूपन अधिक दिलवाने का आश्वासन दिया तब जाकर किसानों ने जाम खोला।

चक्का जाम आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सिंचाई संस्था के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने कहा कि बरेह व दिमनी सोसाइटी पर व्यापारियों का बाजरा खरीदा जा रहा है। इस कारण किसानों की ट्रॉलियां 8-8 दिन से खरीद केंद्रों पर खड़ी हैं और सोसाइटी प्रबंधक बाजरा की तौल नहीं करा रहे हैं। सोसाइटियों पर 3 से 4 तौल कांटे होने के कारण एक दिन में अधिक बाजरा की तौल नहीं हो पा रही है। प्रशासन ने सभी खरीद केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया था लेकिन सोसाइटियों ने उस पर अमल नहीं किया। इसके चलते रविवार को 8-8 दिन से खड़ी ट्रॉलियों के बाजरा की तौल नहीं हो सकी और बारिश के कारण 50 ट्रॉलियों में भरा बाजरा भीग गया।

सोसाइटी प्रबंधक ने भीगे बाजरा को खरीदने से इंकार कर दिया है। प्रशासन के पास इस बात का जबाव नहीं है कि एक-एक ट्रॉली में 200 से 250 क्विंटल बाजरा खराब होने का किसानों पर कितना असर पड़ेगा। समर्थन मूल्य पर बाजरा भी नहीं खरीदा गया और किसानों को ट्रैक्टर-ट्राली भाड़ा के 5 से 7 हजार रुपए भी देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अंबाह क्षेत्र में बाजरा की खरीद किसानों के गांवों के पास शुरू कराना चाहिए। इसके अलावा खरीद केंद्रों की संख्या 20 और बढ़ाई जाना चाहिए। किसानों को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कूपन जारी किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




बरेह में चक्का जाम करते किसान।




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